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अबतक के सबसे मानवयुक्त अभियान केलिए चीन ने अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण किया

Updated at : 17 Oct 2016 8:44 AM (IST)
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अबतक के सबसे मानवयुक्त अभियान केलिए चीन ने अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण किया

बीजिंग :चीन ने मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान में दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती की परिक्रमा कर रहे अपने दूसरे प्रयोगशाला में भेजा है. दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां एक महीने तक रहेंगे यह कदम चीन अपने उस लक्ष्य के तहत उठा रहा है जहां 2022 तक अंतरिक्ष में अपना स्टेशन करना चाहता है. चीन ने इसके लिए […]

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बीजिंग :चीन ने मानवयुक्त अंतरिक्ष अभियान में दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती की परिक्रमा कर रहे अपने दूसरे प्रयोगशाला में भेजा है. दोनों अंतरिक्ष यात्री वहां एक महीने तक रहेंगे यह कदम चीन अपने उस लक्ष्य के तहत उठा रहा है जहां 2022 तक अंतरिक्ष में अपना स्टेशन करना चाहता है. चीन ने इसके लिए अपने प्रयास और तेज कर दिये हैं. चीनी अंतरिक्षयात्री चिंग हैपेंग (50) और 37 वर्षीय चेन डोंग उत्तरी चीन में गोबी रेगिस्तान के पास जिक्यूआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सोमवार की सुबह साढ़े सात बजे ‘शेनझोउ-11’ अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे.

‘शेनझोउ-11′ अंतरिक्ष यान में सवार चीन के अंतरिक्ष यात्रियों जिंग हाइपेंग और चेन दोंग ने चीन में गोबी रेगिस्तान के पास जियुक्वान उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से स्थानीय समयानुसार साढे सात बजे ( भारतीय समयानुसार सुबह पांच बजे) अंतरिक्ष के लिए उडान भरी। सरकारी चीन सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) ने इस प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण किया.

‘लॉन्ग मार्च-2 एफ’ वाहक रॉकेट शेनझोउ 11 को कक्षा में लेकर गया. चीन के मानवयुक्त अंतरिक्ष इंजीनियरिंग कार्यालय की उपनिदेशक वू पिंग ने बताया कि यह दो दिन में पृथ्वी की परिक्रमा कर रही थियानगोंग-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला से मिल जायेगा और दोनों अंतरिक्षयात्री 30 दिन तक यहां रहेंगे.शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने वु पिंग का हवाला देते हुए जानकारी दी है कि दो दिन के अंदर यह पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे थियानगोंगे-2 अंतरिक्ष प्रयोगशाला से मिल जाएगा, यहां दोनों अंतरिक्ष यात्री 30 दिनों तक रहकर काम करेंगे. चीन ने 2003 में पहली बार मानवयुक्त अभियान भेजा था.

चीन अपने अंतरिक्ष अभियान पर कई देशों से बराबरी करना चाहता है यही कारण है कि वो इस अभियान में तेजी ला रहा है औऱ ढेर सारे पैसे खर्च कर रहा है. अमेरिका और यूरोप चीन से आगे भारत समेत कई अन्य देशों की बराबरी करने के मकसद से 2020 तक चीन की अपने पहले मंगल अभियान शुरू करने की योजना बना रहा है है. वु के अनुसार, दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को तियांगॉन्ग-2 प्रयोगशाला में उतारने और इससे खुद को अलग करने के बाद शेनझोउ-11 अंतरिक्षयान एक दिन के अंदर पृथ्वी पर वापस आ जाएगा.
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