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ग्रह के लिए महत्वपूर्ण मोड़ है पेरिस जलवायु समझौता : बराक ओबामा

Updated at : 06 Oct 2016 2:51 PM (IST)
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ग्रह के लिए महत्वपूर्ण मोड़ है पेरिस जलवायु समझौता : बराक ओबामा

वाशिंगटन : जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के 30 दिनों में लागू हो जाने के समाचार का स्वागत करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे भावी पीढियों के लिए ग्रह की रक्षा करने की दिशा में एक ‘महत्वपूर्ण मोड’ करार दिया है. ओबामा ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में कल कहा, ‘भावी […]

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वाशिंगटन : जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के 30 दिनों में लागू हो जाने के समाचार का स्वागत करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसे भावी पीढियों के लिए ग्रह की रक्षा करने की दिशा में एक ‘महत्वपूर्ण मोड’ करार दिया है. ओबामा ने व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में कल कहा, ‘भावी पीढियों के लिए हमारे ग्रह की रक्षा करने की जंग में यह एक ऐतिहासिक दिन है. दुनिया ने पेरिस समझौते को प्रभावी करने के लिए आवश्यक सीमा को आज आधिकारिक रूप से पार कर लिया. यदि हम इस समझौते के तहत प्रतिबद्धताओं का पालन करते हैं, इतिहास इसे हमारे ग्रह के लिए एक अहम मोड़ के रूप में दर्ज करेगा.’

ओबामा ने कहा कि केवल पेरिस समझौते से जलवायु संकट समाप्त नहीं हो जाएगा. उन्होंने कहा, ‘यदि हम समझौते में बताये गये हर लक्ष्य को पूरा कर भी लेते हैं, तब भी हम उस सफलता का एक हिस्सा ही हासिल कर पाएंगे जो हमें हासिल करनी है लेकिन यह समझौता जलवायु परिवर्तन के कुछ सबसे खराब परिणामों को टालने या उनसे बचने में मदद करेगा.’ ओबामा ने कहा, ‘यह समय के साथ खतरनाक कार्बन उत्सर्जन कम करने में देशों की मदद करेगा. यह समझौता पारदर्शिता की मजबूत प्रणाली के तहत तकनीकी विकास जैसे लक्ष्यों को तय करता है. यह प्रणाली हर देश को सभी अन्य देशों की प्रगति के मूल्यांकन की अनुमति देती है.’

उन्होंने कहा, ‘और यह संकेत देकर कि हमारा भविष्य यह होने वाला है – एक स्वच्छ ऊर्जा वाला भविष्य. यह समझौता पहले कभी नहीं देखे गए स्तर पर उच्च तकनीक, कम कार्बन निवेश एवं नवाचार विकसित करने की दिशा में कारोबारों, वैज्ञानिकों एवं इंजीनियरों के लिए द्वार खोल देगा.’

चार नवंबर को प्रभाव में आएगा पेरिस जलवायु समझौता

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख बान की मून ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता चार नवंबर को प्रभाव में आएगा. इस समझौते को लागू करने के लिए 55 प्रतिशत वैश्विक ग्रीनहाउस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार कम से कम 55 देशों के हस्ताक्षर आवश्यक थे और यह आंकडा पार करने के साथ ही इस समझौते को लागू किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया. कुल 72 देशों ने इस समझौते का अनुमोदन किया है जो 56 प्रतिशत वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं. पूर्वशर्त पूरी होने के बाद महासचिव ने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण क्षण है.’

उन्होंने कहा, ‘पेरिस समझौते को वर्ष 2016 में लागू किए जाने संबंधी वैश्विक गति उल्लेखनीय रही है. जो एक समय असंभव सा लग रहा है, उसे अब कोई नहीं रोक सकता. लागू किये जा रहे पेरिस समझौते के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय समर्थन इस दिशा में कार्रवाई किए जाने की जरुरत का प्रमाण है और यह इस बात को लेकर सरकारों की आम सहमति को दर्शाता है कि जलवायु परिवर्तन संबंधी चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय कार्य पर आधारित मजबूत वैश्विक सहयोग आवश्यक है.’

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