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सिंगापुर की समृद्धि के शिल्पी के रूप में जाना जाता है ली को

Updated at : 23 Mar 2015 12:36 PM (IST)
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सिंगापुर की समृद्धि के शिल्पी के रूप में जाना जाता है ली को

सिंगापुर : पूर्व प्रधानमंत्री ली कुआन येव का आज सुबह 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया. इस संबंध में सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया जिसमें बताया गया कि सिंगापुर के प्रथम प्रधानमंत्री ली का ‘‘सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में निधन हो गया.’’ वह निमोनिया के चलते पांच फरवरी से चिकित्सकों […]

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सिंगापुर : पूर्व प्रधानमंत्री ली कुआन येव का आज सुबह 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया. इस संबंध में सरकार की ओर से एक बयान जारी किया गया जिसमें बताया गया कि सिंगापुर के प्रथम प्रधानमंत्री ली का ‘‘सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल में निधन हो गया.’’ वह निमोनिया के चलते पांच फरवरी से चिकित्सकों की गहन निगरानी में थे.

टेलीविजन पर एक भावुक संबोधन में उनके पुत्र एवं वर्तमान प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा, ‘‘वह हमारी स्वतंत्रता के लिए लडे, एक ऐसी जगह से राष्ट्र का निर्माण किया जहां कुछ खास नहीं था, और देश को ऐसा स्थान बनाया जहां हमें सिंगापुरी होने पर गर्व हो. हमें उनके जैसा कोई दूसरा नेता नहीं मिलेगा.’’ जूनियर ली ने कहा कि उनके पिता का पार्थिव 25 से 28 मार्च तक संसद भवन में रखा जाएगा, ताकि जनता अंतिम दर्शन कर सके.

ली की मौत की घोषणा के साथ विश्व नेताओं की ओर से श्रद्धांजलि का तांता लग गया. ली कुआन यू के बेटे ली सिएन लूंग सिंगापुर के मौजूदा प्रधानमंत्री हैं.

समृद्धि के शिल्पी के रुप में जाना जाता है ली को

देश के 31 साल तक प्रधानमंत्री रहे ली को सिंगापुर की समृद्धि के शिल्पी के रुप में जाना जाता है. वर्ष 1923 में जन्मे ली 1959 में प्रधानमंत्री बने थे जब सिंगापुर जमीन का एक छोटा सा टुकडा था जिसके पास कोई प्राकृतिक संसाधन नहीं थे और जहां बहुभाषी चीनी, मलय और भारतीय आबादी थी तथा जो ब्रिटिश भूभाग का हिस्सा था और दंगों तथा अशांति से त्रस्त था. उन्होंने 1965 में सिंगापुर के मलेशिया से अलग होने की घटना का नेतृत्व किया. ली के प्रमुख सिद्धांतों में प्रभावी एवं साफ छवि की सरकार, कारोबार अनुकूल आर्थिक नीतियां, और सामाजिक व्यवस्था जैसी चीजें शामिल थीं जिससे देश में व्यापक निवेश आकर्षित करने में मदद मिली. उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद विश्व की सबसे बडी कंपनियां सिंगापुर पहुंचीं और जल्द ही देश का जीवन स्तर अव्वल दर्जे का हो गया. करिश्माई नेता ली ने पीपुल्स एक्शन पार्टी :पीएपी: की सह स्थापना की जो सिंगापुर पर 1959 से शासन कर रही है. कैम्ब्रिज से शिक्षा प्राप्त ली की मीडिया की स्वतंत्रता पर रोक और राजनीतिक विरोधियों के साथ कठोर बर्ताव के लिए आलोचना भी हुई.

ओबामा ने ली को ‘‘दूरदर्शी’’ नेता बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ली की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक ऐसा ‘‘दूरदर्शी’’ नेता बताया जिन्होंने 1965 में अपने देश की स्वतंत्रता के बाद उसे आज विश्व के सबसे समृद्ध देशों में शुमार करने में अहम भूमिका निभाई. ओबामा ने ली के निधन के बाद एक बयान में कहा, ‘‘ वह एक समर्पित जनसेवक और बेहतरीन नेता थे.’’ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ली को ‘‘इतिहास का एक सच्चा नेता’’ करार दिया, वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने उन्हें ‘‘एशिया की प्रसिद्ध हस्ती’’ करार दिया. चीनी विदेश मंत्रालय ने उन्हें ‘‘एशिया का विलक्षण प्रभावशाली राजनेता’’ करार दिया. चीन ने ली को एशिया का विलक्षण प्रभावशाली राजनेता करार दिया और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने उन्हें ‘‘चीन के लोगों का पुराना मित्र’’ बताया. शी ने कहा कि ली, जो मूल रुप से चीनी थे, का सम्मान अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक नीतिकार और राजनेता के रुप में करता था. उन्होंने ली के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

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