ePaper

चुनाव के दिन पोलिंग बूथ ही सबसे पवित्र मंदिर : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

Updated at : 07 Nov 2014 7:55 PM (IST)
विज्ञापन
चुनाव के दिन पोलिंग बूथ ही सबसे पवित्र मंदिर : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त

रांची : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ एसवाइ कुरैशी आज झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर प्रभात खबर समूह द्वारा चलाये जा रहे आओ हालात बदलें कैंपन के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ कुरैशी ने आयोग द्वारा भारत में चुनाव सुधार के लिए उठाये गये अहम कदमों के […]

विज्ञापन
रांची : पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ एसवाइ कुरैशी आज झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर प्रभात खबर समूह द्वारा चलाये जा रहे आओ हालात बदलें कैंपन के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ कुरैशी ने आयोग द्वारा भारत में चुनाव सुधार के लिए उठाये गये अहम कदमों के बारे में बताते हुए कहा कि चुनाव के दिन पोलिंग बूथ ही लोकतंत्र में सबसे पवित्र मंदिर है.
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए डॉ कुरैशी ने कहा कि बैंक लुट जाये, कोई अमीर आदमी लुट जाये तो कोई बात नहीं, लेकिन इलेक्शन नहीं लुटना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माता बहुत ही समझदार लोग थे, जिन्होंने देश में केंद्रीय और राज्य दोनों स्तरों के चुनाव के लिए एक ही आयोग का गठन किया. इसके महत्व की समझ तब होती है, जब कई राज्यों में दूसरे राज्यों के लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की जाती है.
उन्होंने कहा कि हिलेरी क्लिंटन ने एक बार लाइव टीवी पर कहा कि हिंदुस्तान का इलेक्शन दुनिया के लिए गोल्ड लेशन है. डॉ कुरैशी ने कहा कि दुनिया के देश आज भारत की चुनाव पद्धति से सीख रहे हैं. जब अमेरिका और यूरोप के विकसित देश भी इवीएम मशीन का प्रयोग नहीं कर रहे थे, तब हमने इसका प्रयोग शुरू किया. उन्होंने कहा कि अगर इवीएम से गडबडी होती तो कभी कोई सत्ताधारी पार्टी चुनाव हारती ही नहीं.
उन्होंने एक एक वोट के महत्व का उल्लेख करते हुए राजस्थान के 2008 के चुनाव का उदाहरण दिया. डॉ कुरैशी ने बताया कि उस समय वहां मुख्यमंत्री की दौड में शामिल कांग्रेस नेता डॉ सीपी जोशी एक वोट से चुनाव हार गये थे. उन्होंने आयोग से शिकायत की और हमने उनके आग्रह पर एक से अधिक बार वोटों की गिनती करवायी, लेकिन हर बार परिणाम वही आया. उन्होंने कहा कि बाद में पता चला कि उनकी पत्नी व बेटी ने उस दिन वोट नहीं दिया और पूजा करने मंदिर चली गयी थी. कुरैशी ने बताया कि बाद में उन्होंने आयोग से संतुष्टि जताते हुए भाजपा के विजयी उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत कि और चार साल बाद यह पता चला कि चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार की पत्नी ने दो जगहों पर वोट किया था.
डॉ कुरैशी ने कहा कि भारत में चुनाव आयोजित करना दुनिया का सबसे बडा इवेंट है. उन्होंने कहा कि हमने गुजरात के गिर वन में एक उम्मीदवार के लिए भी पोलिंग बूथ बनाया है. उन्होंने कहा कि हमारे बाद सबसे बडा चुनाव अमेरिका का है. डॉ कुरैशी ने बताया कि इस लोकसभा चुनाव में 83.5 करोड वोटर थे और उनके लिए 17 लाख इवीएम का प्रयोग किया गया. उन्होंने विस्तार से चुनाव सुधार के लिए, पैसे की लेनदेन रोकने के लिए, सरकार में बैठे नेताओं द्वारा चुनाव के दौरान सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग रोकने के लिएचुनाव आयोग द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में बताया.
उन्होंने कहा कि हमने चुनाव पर 33 देशों का सम्मेलन बुलाया था, जिसमें तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार शामिल हुईं थीं, जिन्होंने बताया कि हमारे देश का चुनाव सबसे इको फ्रेंडली चुनाव है. अगर इतनी बडी जनसंख्या के मतदान के लिए बैलेट पेपर का प्रयोग किया जायेगा, तो 2080 वृक्ष काटने पडेंगे और 11 लाख टन पेपर की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि हमारे चुनाव में प्लास्टिक का प्रयोग नहीं होता है. उन्होंने कहा कि हम हमेशा सीखते रहते हैं. हम जिस क्षेत्र में मतदान होता है, वहां के सारे आपराधिक रिकार्ड वालों का ब्योरा जुटाते हैं, हथियार जमा करवाते हैं. उन्होंने बताया कि कैसे आयोग ने धन बल, बाहु बल को चुनाव से खत्म करने के लिए कदम उठाये.
उन्होंने कहा कि हमने झारखंड से ही मतदाता जागरूकता अभियान शुरू किया. उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह धौनी, शारदा सिन्हा को इस अभियान से जोड कर शुरुआत की. उन्होंने बताया कि किस तरह प्रभाष जोशी, कुलदीप नैयर जैसे शीर्ष पत्रकारों ने चुनाव के दौरान पेड न्यूज के खिलाफ अभियान चलाया और चुनाव आयोग को उनसे इस संबंध में मदद मिली. डॉ कुरैशी ने कहा कि भारत से ज्यादा स्मार्ट वोटर पूरी दुनिया में कहीं नहीं है. डॉ कुरैशी ने प्रभात खबर के चुनाव जागरूकता प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमने इसकी शुरुआत तो 2009 में की, लेकिन प्रभात खबर यह काम तो 1999 से ही करता रहा है.
यह चुनाव हालात बदलने का मौका : हरिवंश
प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने कुछ माह पूर्व दिल्ली में एक कार्यक्रम में डॉ कुरैशी को सुना, मुङो चुनाव के बारे में उनसे गहरी जानकारी किसी से नहीं मिली. उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को सबसे बडा खतरा पैसे से है, जिसके प्रयोग पर डॉ कुरैशी ने रोक लगाने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि 2004 व 2009 के चुनाव में वे खुद नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती इलाकों में चुनाव जागरूकता के अभियान के तहत गये थे. उन्होंने झारखंड में राज्यसभा चुनाव में पैसों के लेन देन की चर्चा करते हुए कहा कि इस मामले में विभिन्न दलों के 26 विधायकों के घर पर छापे पडे. उन्होंने बताया कि प्रभात खबरद्वारा चुनाव सुधारों के लिए किये गये काम को लेकर दुनिया भर में पहचान रखने वाले राजनीतिक विज्ञानी रजनी कोठारी ने फोन कर कहा था कि अगर अखबार ऐसा काम करेंगे तो समाज में बदलाव दिखेगा. उन्होंने बताया कि राज्य में महज 14 सालों में किस तरह नौ मुख्यमंत्री, तीन राष्ट्रपति शासन, नौ स्पीकर, 16 मुख्य सचिव हुए. उन्होंने कहा कि यह चुनाव हालात बदलने का मौका है. उन्होंने कहा कि 14 सालों में राज्य से 12 हजार करोड रुपये केंद्र को वापस इसलिए भेज दिये गये क्योंकि उसका उपयोग नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा कि आज देश का असलसंकट चरित्र का संकट है. यह उपर से नीचे के स्तर तक फैल चुका है.
1999 से हम चला रहे हैं जागरूकता अभियान : अनुज कुमार सिन्हा
कार्यक्रम के आरंभ में प्रभात खबर के वरिष्ठ संपादक, झारखंड अनुज कुमार सिन्हा ने चुनाव जागरूकता व चुनाव सुधार के लिए प्रभात खबर द्वारा चलाये गये अभियान के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि 1999 में प्रभात खबर ने कोल्हान इलाके में चुनाव जागरूकता अभियान चलाया. उन्होंने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि कैसे प्रभात खबर क्षेत्र में जागरूकता रथ भेजता था और अखबार में छोटा विज्ञापन छाप कर मतदाता जागरूकता मंच के तहत कार्यक्रम आयोजित करता था. उन्होंने कहा कि प्रभात खबर का अभियान किसी पार्टी के पक्ष में नहीं है.
उन्होंने बताया कि प्रभात खबर ने 2009 में चेंज इंडिया नाम से रथ निकाला और होर्डिग लगाये. प्रभात खबर ने चुनाव के दौरान अपनी आचार संहिता प्रकाशित की. शिकायत सेल का गठन किया, जिसमें हर उम्मीदवार व पार्टी को अखबारी कवरेज के संबंध में शिकायतें करने की सुविधा प्रदान की गयी. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधान संपादक हरिवंश सहित देश के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने पेड न्यूज के खिलाफ प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा.
कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाइ कुरैशी, प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश, प्रबंध निदेशक केके गोयनका, कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम का संचालन प्रभात खबर के संपादक, सेंट्रल डेस्क विनय भूषण ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बिजनेस हेड विजय बहादुर ने किया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola