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क़ासिम सुलेमानी के जनाजे़ में भगदड़, 50 लोगों की मौत, 200 से अधिक घायल

Updated at : 07 Jan 2020 10:53 PM (IST)
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क़ासिम सुलेमानी के जनाजे़ में भगदड़, 50 लोगों की मौत, 200 से अधिक घायल

<figure> <img alt="केर्मान शहर में सुलेमानी का जनाज़ा" src="https://c.files.bbci.co.uk/1F2D/production/_110418970_cbdc8273-6ebe-4811-9c11-ef9bbe42357f.jpg" height="683" width="1024" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>बीते शुक्रवार को इराक़ में अमरीकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरान के सैन्य कमांडर क़ासिम सुलेमानी के जनाजे़ में भगदड़ की मचने से कम से कम 50 लोग मारे गए हैं. </p><p>यह हादसा उस समय हुआ जब किर्मान शहर में […]

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<figure> <img alt="केर्मान शहर में सुलेमानी का जनाज़ा" src="https://c.files.bbci.co.uk/1F2D/production/_110418970_cbdc8273-6ebe-4811-9c11-ef9bbe42357f.jpg" height="683" width="1024" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>बीते शुक्रवार को इराक़ में अमरीकी ड्रोन हमले में मारे गए ईरान के सैन्य कमांडर क़ासिम सुलेमानी के जनाजे़ में भगदड़ की मचने से कम से कम 50 लोग मारे गए हैं. </p><p>यह हादसा उस समय हुआ जब किर्मान शहर में सुलेमानी के जनाज़े में शिरकत के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे. अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि भगदड़ किस कारण मची.</p><p>सुलेमानी किर्मान शहर के ही रहने वाले थे. उनके शव को इराक़ से पहले अहवाज़, फिर तेहरान और अब किर्मान लाया गया. यहीं उनका अंतिम संस्कार होगा. इस हादसे के कारण अंतिम संस्कार में देरी हो रही है.</p><p>ईरान की आपातकालीन सेवाओं के प्रमुख ने कहा कि जनरल क़ासिम सुलेमानी के जनाज़े के दौरान मची भगदड़ में कई लोगों की मौत हुई है. </p><figure> <img alt="केर्मान शहर में बड़ी संख्या में जुटे हैं लोग" src="https://c.files.bbci.co.uk/E27D/production/_110418975_8e715997-fa8f-4b5f-b629-e206bd8f0912.jpg" height="684" width="1024" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>केर्मान शहर में बड़ी संख्या में जुटे हैं लोग</figcaption> </figure><h1>कौन थे सुलेमानी</h1><p>सुलेमानी को ईरान के सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई के बाद दूसरा सबसे शक्तिशाली शख़्स माना जाता था जबकि अमरीका उन्हें अपने सैनिकों की मौत के लिए ज़िम्मेदार ‘आतंकवादी’ मानता था.</p><p>जनरल सुलेमानी क़ुद्स फ़ोर्स नाम की एक सैन्य टुकड़ी के प्रमुख थे. ये टुकड़ी एक तरह से विदेश में ईरान की सेना के जैसी है जो अलग-अलग देशों में ईरानी हितों के हिसाब से किसी का साथ तो किसी का विरोध करती है.</p><p>इसे ऐसे भी कहा जा सकता है कि ईरान में कहने को विदेश मंत्री होता है, लेकिन असल विदेश मंत्री की भूमिका क़ुद्स फ़ोर्स के प्रमुख ही निभाते हैं.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-50984123?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सुलेमानी की हत्या के बाद इसराइल में क्या है माहौल</a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-50996646?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">ईरान की 52 जगहों को निशाना बना रहे हैं: डोनल्ड ट्रंप</a></li> </ul><p>जनरल सुलेमानी लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर अभियानों की अगुआई करते रहे, मगर कुछ साल पहले वो ख़ुलकर सामने आए और इसके बाद वो ईरान में इतने लोकप्रिय हो गए कि उनके ऊपर लेख लिखे गए, डॉक्यूमेंट्रियाँ बनीं और यहाँ तक कि पॉप गीत भी बनने लगे.</p><p>अमरीका के लिए उनका मारा जाना इतनी बड़ी बात थी कि ख़ुद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्वीट किया जिसमें केवल अमरीकी राष्ट्रध्वज की तस्वीर थी – यानी इस घटना को एक तरह से राष्ट्रपति ट्रंप अमरीका का राष्ट्रीय गौरव की तरह पेश कर रहे थे.</p><p>अमरीका ने क़ुद्स फ़ोर्स को 25 अक्तूबर 2007 को ही आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था और इस संगठन के साथ किसी भी अमरीकी के लेनदेन किए जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया.</p><p>सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने एक बयान जारी कर कहा कि ईरान और दूसरे देश इसका बदला लेंगे.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-50983289?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क़ासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए क्या करेगा ईरान?</a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-51017898?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने पर क्या बोला सऊदी अरब</a></li> </ul><p>ईरान के सर्वोच्च नेता आयातोल्लाह ख़ामेनेई के नेतृत्व में सोमवार को तेहरान में जनाज़े की नमाज़ अदा की गई थी. इसमें राष्ट्रपति हसन रूहानी, मुख्य न्यायाधीश, संसद के स्पीकर अली लारीजानी सहित वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए.</p><p>इससे पहले क़ासिम सुलेमानी सहित सभी मृतकों के शवों को ईरान के खोजिस्तान प्रांत के अहाज हवाई अड्डे पर लाया गया था, जहां रविवार को अंतिम संस्कार के जुलूस में लाखों लोग शामिल हुए थे.</p><p>सोमवार को तेहरान में उनके अंतिम संस्कार की पूर्व संध्या पर, शहर के राजमार्ग और सड़कें पर काला ही रंग नज़र आया.</p><p>उमड़ी भीड़ ने ईरानी झंडे फहराए और अमरीका विरोधी नारे लगाए. इसके बाद इनके शव को उनके पैतृक शहर केर्मान लाया गया है.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.</strong><strong>)</strong></p>

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