जेपी ने 1977 में चुनाव लड़ने मुजफ्फरपुर बुलाया था जॉर्ज को, चंदा जुटाने जूता पॉलिश भी करते थे कार्यकर्ता

Updated at : 12 Mar 2019 8:06 AM (IST)
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जेपी ने 1977 में चुनाव लड़ने मुजफ्फरपुर बुलाया था जॉर्ज को, चंदा जुटाने जूता पॉलिश भी करते थे कार्यकर्ता

मिथिलेश पटना : मुजफ्फरपुर में 1977 के लोकसभा चुनाव में जाॅर्ज फर्नांडीस की जीत के लिए युवाओं ने जूता पाॅलिश भी किया था. चुनाव के लिए खर्च जुटाने को युवाओं की टोली जूता पॉलिश करने से भी बाज नहीं आयी थी. इमरजेंसी के तत्काल बाद हुए आम चुनाव में सक्रिय रहे हरेंद्र कुमार बताते हैं […]

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पटना : मुजफ्फरपुर में 1977 के लोकसभा चुनाव में जाॅर्ज फर्नांडीस की जीत के लिए युवाओं ने जूता पाॅलिश भी किया था. चुनाव के लिए खर्च जुटाने को युवाओं की टोली जूता पॉलिश करने से भी बाज नहीं आयी थी. इमरजेंसी के तत्काल बाद हुए आम चुनाव में सक्रिय रहे हरेंद्र कुमार बताते हैं कि जेपी आंदोलन के समय के समाजवादी नेताओं ने आपसी समन्वय से ऐसे हालात पैदा कर दिये थे, जिससे मतदान के दिन क्षेत्र के सभी गांवों से संपर्क जुड़ गया था.

किस बूथ पर कितने वोट पड़े, इसकी वास्तविक संख्या भी घंटे भर में पार्टी के चुनाव कार्यालय तक पहुंच रही थी. चुनाव परिणाम जब आया, तो जाॅर्ज भारी वोट से जीत गये. उन्हें कुल 396687 यानी कुल पड़े वोट का 87 प्रतिशत मिला था. कांग्रेस के उम्मीदवार नीतेश्वर प्रसाद सिंह को महज 62 हजार वोट ही मिले. जार्ज डाइनामाइट केस में दिल्ली के तिहाड़ जेल में कैद थे. उन्हें जंजीरों में जकड़ कर रखा गया था.

इमरजेंसी खत्म होने के बाद 1977 में आम चुनाव की घोषणा हुई. अविभाजित बिहार में मुजफ्फरपुर समाजवादियों का गढ़ रहा था. कुढ़नी इलाके में जय प्रकाश नारायण ने नक्सल आंदोलन को लेकर कई सामाजिक प्रयोग किये थे. ऐसे में जय प्रकाश नारायण ने जाॅर्ज को मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ने का निर्देश दिया. जेपी की सलाह मान कर जेल से ही जाॅर्ज ने मुजफ्फरपुर लोकसभा सीट से अपना नामांकन का पर्चा दाखिल किया.

छाता चौक पर खुला था चुनाव दफ्तर

जाॅर्ज के करीबी रहे छात्र युवा संघर्ष वाहिनी से जुड़े हरेंद्र कुमार बताते हैं, छाता चौक पर चुनाव कार्यालय खोला गया. आंदोलन के साथी और उन दिनों समाजवादी धारा के वरिष्ठ नेताओं की टीम इस काम में लगी थी. इसमें मंजय लाल, साधु शरण शाही, प्रो ठाकुर प्रसाद सिंह सरीखे लोग शामिल थे. आपसी समन्वय से चुनाव प्रचार आरंभ किया. चुनावी कमान संभालने जाॅर्ज के मुंबई के साथी शरद राव और देशपांडे जी जैसे लोग आये थे.

जॉर्ज की जंजीरों वाली तस्वीर ने जनमानस को झकझोरा

जाॅर्ज के साथ वर्षों तक रहे सामाजिक कार्यकर्ता अनिल हेगड़े बताते हैं कि जाॅर्ज का पर्चा दाखिल करने दिल्ली विवि के तत्कालीन शिक्षक प्रो विनोदानंद सिंह एवं उनके साथ के लोग डीएम के दफ्तर पहुंचे थे. जाॅर्ज के नाम से मुजफ्फरपुर की जनता परिचित हो चुकी थी. पूरे लोकसभा क्षेत्र में जंजीरों में जकड़े जाॅर्ज की तस्वीर बनायी गयी.

चुनाव प्रचार के लिए आयी गाड़ियों पर जाॅर्ज के हाथों में बेडियां लगे पोस्टर टांगे गये. युवाओं में जबर्दस्त उत्साह था. पूरे देश और दुनिया की नजर मुजफ्फरपुर पर टिकी थी. जाॅर्ज का चुनाव प्रचार करने वर्तमान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, जगजीवन राम, किशन पटनायक, जेबी कृपलानी जैसी हस्तियां मुजफ्फरपुर पहुंची थीं.

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