माता-पिता के कष्टों को जानें और समझें

Updated at : 25 Jun 2014 4:46 AM (IST)
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माता-पिता के कष्टों को जानें और समझें

।। दक्षा वैदकर ।। दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड बनाने वाले रोनाल्डो का एक इंटरव्यू सुना, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातें बतायी हैं. वे बताते हैं कि उनकी यह बुलंदियां उनके माता-पिता के संघर्ष की बुनियाद पर खड़ी हैं. उनकी मां मारिया घरों में खाना बनाती थी, ताकि पैसों […]

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।। दक्षा वैदकर ।।

दुनिया के सबसे महंगे खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड बनाने वाले रोनाल्डो का एक इंटरव्यू सुना, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातें बतायी हैं. वे बताते हैं कि उनकी यह बुलंदियां उनके माता-पिता के संघर्ष की बुनियाद पर खड़ी हैं. उनकी मां मारिया घरों में खाना बनाती थी, ताकि पैसों की कमी की वजह से वे खेलना न छोड़ दें.

उनके पिता जोस डेनिस माली थी और पैसों की तंगी न हो इसलिए पार्ट टाइम किट मैन (खेल सामग्री संभालने वाला) की जॉब करते थे. वह भी उसी एंडोरिन्हा क्लब में, जिसमें रोनाल्डो फुटबॉल खेलते थे. 1985 में जन्मे रोनाल्डो चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं. उनका घर लोहे की चादर का बना था. एक छोटे से कमरे में चारों को रहना पड़ता था. रोनाल्डो ने बताया कि घर में पैसों की तंगी तो बहुत थी, लेकिन माता-पिता ने कभी उन्हें इसका अहसास नहीं होने दिया. रोनाल्डो के माता-पिता चाहते थे कि उनका बेटा फुटबॉल स्टार बने. इसके लिए उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की. पिता बहुत शराब पीते थे. लीवर खराब होने की वजह से उनकी मौत हुई. उस वक्त रोनाल्डो 20 साल के थे.

रोनाल्डो और उनके जैसे कई बड़े व महान लोगों के इंटरव्यू आप सुनेंगे, तो पायेंगे कि वे सभी अपने माता-पिता के संघर्षो को बखूबी याद रखे हुए हैं. वे अच्छी तरह जानते हैं कि उनके माता-पिता ने उनके लिए क्या-क्या कष्ट सहे हैं. यही एक बात है, जो ऐसे लोगों को आगे बढ़ने के लिए, कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करती है. ऐसे बच्चे, जो अपने माता-पिता से बेहद प्यार करते हैं, उनके दुखों व संघर्षो को समझते हैं, उनकी मदद करना चाहते हैं, वे ही आगे जा कर कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाते हैं.

शहर का टॉपर हो या कोई बड़ा डॉक्टर, इंजीनियर. सभी ने अपने माता-पिता को दुखों से बाहर निकालने के लिए ही कड़ी मेहनत की है. आप भी इनकी तरह बन सकते हैं. सिर्फ अपने माता-पिता को प्यार कीजिए. उनके कष्टों को देखिये, उनके त्याग को समङिाए. गौर कीजिए कि वे किन-किन चीजों का त्याग आपके लिए कर रहे हैं. खुद के बारे में सोचिए कि बदले में आप उन्हें क्या दे रहे हैं?

बात पते की..

– यह बोलना बहुत आसान है कि मेरे पापा ने मुङो फलां चीज नहीं दिलायी, मेरी मम्मी ने खाना खराब बनाया. कभी इसके पीछे छिपा प्यार देखा है?

– माता-पिता बच्चों के लिए बहुत कष्ट सहते हैं, लेकिन वे कभी बच्चों को अहसास नहीं होते. यह बच्चों का काम है कि उन कष्टों को खुद पहचानें.

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