VIDEO : कयामत की वह सुबह : माइक्रो सेकेंड के भीतर धराशायी नागासाकी, जानें, बमबारी से जुड़ी खास बातें

Updated at : 09 Aug 2018 9:45 AM (IST)
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VIDEO : कयामत की वह सुबह : माइक्रो सेकेंड के भीतर धराशायी नागासाकी, जानें, बमबारी से जुड़ी खास बातें

तोक्यो : 9 अगस्त, 1945. जापान के एक और नगर नागासाकी की तबाही का दिन. दोपहर का वक्त था. बी-29 बमवर्षक विमान से गिरायेगये दूसरे एटम बम को जमीन तक पहुंचने में 43 सेकेंड लगे. बम गिरने के माइक्रोसेकेंड के भीतर नागासाकी शहर केएक किलोमीटर के दायरे में मौजूद हरचीज धराशायी हो गयी. ऊष्मा की […]

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तोक्यो : 9 अगस्त, 1945. जापान के एक और नगर नागासाकी की तबाही का दिन. दोपहर का वक्त था. बी-29 बमवर्षक विमान से गिरायेगये दूसरे एटम बम को जमीन तक पहुंचने में 43 सेकेंड लगे. बम गिरने के माइक्रोसेकेंड के भीतर नागासाकी शहर केएक किलोमीटर के दायरे में मौजूद हरचीज धराशायी हो गयी. ऊष्मा की किरणों ने मानव शरीर से जल की एक-एक बूंद को सोख लिया. बहुत से लोग और जानवर उसी क्षण मर गये.

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एक माइक्रो सेकेंड के अंदर नागासाकी जेल की तीन इमारतें ध्वस्त हो गयीं. जेल के अंदर मौजूद एक भी शख्स बच नहीं सका. रूट नंबर 206 पर बिजली से चलने वाली ट्राम का नाम-ओ-निशान नहीं बचा. नागासाकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर तकाशी नगाई अपनी कक्षा में अभ्यास के लिए कुछ एक्स-रे फिल्में चुन रहे थे. तभी खिड़की से शीशे टूटकर कमरे के अंदर आ गिरे. उन खिड़कियों से इतनी तेजी से हवा अंदर आयी कि डॉक्टर तकाशी हवा में उड़ने लगे. उनके चेहरे के दाहिने हिस्से में कट लगा और उनके गाल और गर्दन से खून बहने लगा. उन्हें इस बात का आश्चर्य हुआ कि उन्हें कोई दर्द महसूस नहीं हो रहा था.

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जान के आम लोगों के लिए यह 1945 बहुत मुश्किल साल था. दुकानोंसे अंडे, दूध, चाय और कॉफी गायब हो गये थे. पेट्रोल भी आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुका था. सड़कों पर एक भी निजी कार नहीं दौड़ रही थी. हिरोशिमा की सड़कों पर हर तरफ साइकिलें, पैदल चलते लोग और सैनिक वाहन दिखाई देते थे.

बमबारी से जुड़ी खास बातें

-9 अगस्त, 1945 की सुबह 11:01 बजे अमेरिका ने जापान के नागासाकी शहर पर दूसरा परमाणु बम गिराया.

-अमेरिका द्वारा गिराये गये इस दूसरे बम का नाम था ‘फैट मैन’.

-तत्काल 35,000 लोगों की मौत हो गयी और 60,000 से ज्यादा लोग घायल हो गये.

-नागासाकी के 23 फीसदी भवन आग के शोलों में तब्दील हो गये.

-शहर के 70 फीसदी औद्योगिक क्षेत्र बर्बाद हो गये.

-3.2 किलोमीटर के रेडियस में इस बम विस्फोट की तबाही देखी गयी.

-नागासाकी पर गिराया गया बम हिरोशिमा पर गिरे परमाणु बम से बड़ा था.

-चूंकि बम सिटी सेंटर से दूर गिरा, इसलिए नागासाकी में हुई लोगों की मौत की संख्या हिरोशिमा में हुई मौत की संख्या से कम थी.

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