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ट्रेड वार : अमेरिका को सता रहा भारत का डर, जवाबी कार्रवार्इ करने का रखता है माद्दा

Updated at : 23 Mar 2018 6:52 PM (IST)
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ट्रेड वार : अमेरिका को सता रहा भारत का डर, जवाबी कार्रवार्इ करने का रखता है माद्दा

वॉशिंगटन : दुनिया भर में ट्रेड वार शुरू करने के बाद अमेरिका को भारत का डर सता रहा है. उसे इस बात की आशंका है कि दुनिया में भारत ही एक एेसा देश है, जो उसकी आेर से शुरू किये गये ट्रेड वार के बदले कार्रवार्इ करने का माद्दा रखता है. मीडिया की खबरों में […]

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वॉशिंगटन : दुनिया भर में ट्रेड वार शुरू करने के बाद अमेरिका को भारत का डर सता रहा है. उसे इस बात की आशंका है कि दुनिया में भारत ही एक एेसा देश है, जो उसकी आेर से शुरू किये गये ट्रेड वार के बदले कार्रवार्इ करने का माद्दा रखता है. मीडिया की खबरों में इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि अमेरिका की ओर से कई उत्पादों पर उच्च आयात शुल्क लगाए जाने की घोषणा के बाद व्यापार युद्ध की चिंताएं बढ़ती जा रही है. अमेरिकियों को लगता है कि भारत मसालों को लेकर जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

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ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भारत ऐसी स्थिति में हो सकता है, जहां वह जवाबी कार्रवाई करना चाहेगा. अमेरिकी के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) रॉबर्ट लाइथिजर ने सांसदों को बताया कि भारत की व्यापार प्रणाली मुक्त नहीं है और उसमें बहुत सी ‘दिक्कतें’ हैं. उनका अंदाजा है कि भारत उस स्थिति में हो सकता है, जहां वह जवाबी कार्रवाई करना चाहेगा. उन्हें यह भी लगता है कि वहां कुछ दिक्कतें हैं. भारत के साथ अमेरिका का व्यापार उसके पक्ष में है और वह अधिशेष की स्थिति में है.

यूएसटीआर ने कहा कि उनके पास एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें कई खामियां है. हम सभी को उनके साथ मिलकर काम करना चाहिए. यह एक गंभीर समस्या है और जिस पर हमने विचार किया है. रॉबर्ट मेरीलैंड के सीनेटर बेन कार्डिन के सवाल पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिन्होंने अमेरिकी मसाला उद्योग की चिंताओं को साझा किया था. अमेरिकी मसाला उद्योग मसालों का आयात करने के लिए भारत जैसे देशों पर बड़े पैमाने पर निर्भर है और उन्हें डर सता रहा है कि भारत जवाबी कार्रवाई कर सकता है.

कार्डिन ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के संबंध में मेरे पास कई सारी समस्याएं हैं. उदाहरण के तौर पर अमेरिकी की शीर्ष मसाला कंपनी मैककोर्मिक को ही ले लीजिए. वह ज्यादा से चीजें बाहर से मंगाते हैं. अपने मसाले के लिए उन्हें अन्य देशों से उत्पाद मंगाना पड़ता है. कार्डिन ने कहा कि वास्तव में हमारे लिए चिंता का विषय यह है कि यदि जवाबी कार्रवाई की गयी, तो उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा. मैं मैककॉर्मिक को क्या बताऊं?

लाइथिजर ने कहा कि मैं इस बारे में नहीं जानता कि वे कहां से मसाले खरीदते हैं. संभवत: बहुत सी ऐसी जगहें होंगी, जहां से वह मसाले खरीदते हैं. वे उस सूची में शामिल नहीं होंगे, जो एल्युमीनियम या स्टील से प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कंपनियों को किसी भी तरह की विशिष्ट जवाबी कार्रवाई को लेकर ध्यान रखना चाहिए.

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