जीवन की संभावना वाले 60 अरब ग्रह
वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारी आकाशगंगा में 60 अरब ग्रह हो सकते हैं, जिनमें जीवन की संभावनाएं मौजूद हों. नासा के केप्लर स्पेसक्राफ्ट आधारित डाटा से वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि प्रत्येक जोन में पृथ्वी के आकार का एक ग्रह हो सकता है. लेकिन शोधकर्ताओं के एक दल का यह भी मानना […]
वैज्ञानिकों का मानना है कि हमारी आकाशगंगा में 60 अरब ग्रह हो सकते हैं, जिनमें जीवन की संभावनाएं मौजूद हों. नासा के केप्लर स्पेसक्राफ्ट आधारित डाटा से वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि प्रत्येक जोन में पृथ्वी के आकार का एक ग्रह हो सकता है.
लेकिन शोधकर्ताओं के एक दल का यह भी मानना है कि बादलों से घिरी हुई तसवीरों के चलते पूरी तरह से ऐसा अनुमान लगाना बेहद कठिन है. बादलों से घिरा इलाका जीवन के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसा होने से सूर्य की खतरनाक किरणों धरातल पर नहीं पहुंच पातीं और उस ग्रह पर जीवन का अस्तित्व कायम रखने में मददगार होती हैं.
‘डेली मेल’ की एक खबर में कहा गया है कि अकेले मिल्की–वे के तहत ऐसे 60 अरब ग्रह हो सकते हैं, जहां जीवन की संभावनाएं मौजूद हों. शोधकर्ताओं ने इस रिपोर्ट में कहा है कि इन ग्रहों पर बादलों के व्यवहार का कंप्यूटर के जरिये अध्ययन किया गया है. इसी आधार पर ऐसा होने की संभावना जतायी गयी है. रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के जियोफिजिकल साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर डोरियन एबोट ने बताया है कि पृथ्वी पर ठंडीऔर गर्मी की एक बड़ी वजह बादल हैं.
चीजों को ठंडा रखने के लिए वे सूर्य की किरणों को परावर्तित करते हैं और उससे आनेवाली इंफ्रारेड रेडिएशन को धरती पर पहुंचने से रोकते हैं. हालांकि, नये स्पेस ऑब्जर्वेटरी को वर्ष 2018 में छोड़े जाने की तैयारी चल रही है, लेकिन जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिकों ने इन ग्रहों पर जल के द्रव अवस्था में पाये जाने की भी पुष्टि की है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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