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सुप की आकस्मिक बैठक : अमेरिका ने मिसाइल परीक्षण पर उत्तर कोरिया को दी नेस्तनाबूद करने की धमकी

Updated at : 30 Nov 2017 5:41 PM (IST)
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सुप की आकस्मिक बैठक : अमेरिका ने मिसाइल परीक्षण पर उत्तर कोरिया को दी नेस्तनाबूद करने की धमकी

संयुक्त राष्ट्र : अमेरिका ने गुरुवारको उत्तर कोरिया को धमकी दी कि यदि उसके मिसाइल परीक्षण से युद्ध की स्थिति बनती है तो उसे नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा. साथ ही उसने किम जोंग उन पर दबाव बनाने के लिए अन्य सभी देशों से अपील की है कि वह प्योंगयांग से आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते तोड़ […]

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संयुक्त राष्ट्र : अमेरिका ने गुरुवारको उत्तर कोरिया को धमकी दी कि यदि उसके मिसाइल परीक्षण से युद्ध की स्थिति बनती है तो उसे नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा. साथ ही उसने किम जोंग उन पर दबाव बनाने के लिए अन्य सभी देशों से अपील की है कि वह प्योंगयांग से आर्थिक और कूटनीतिक रिश्ते तोड़ दें ताकि उसे इस भड़कानेवाली कार्रवाई के लिए दंडित किया जा सके. व्हाइट हाउस का कहना है कि उत्तर कोरिया अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आइसीबीएम) का प्रक्षेपण कर विश्व के सामने एक गंभीर खतरा पेश कर रहा है.

इस मसले पर बुलायी गयी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आकस्मिक बैठक में अमेरिका के दूत निक्की हेली ने कहा कि हाल में किये गये बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया दुनिया को युद्ध के निकट ले आया है. इसकी पहुंच अमेरिका की मुख्य भूमि तक है और यह बहुत आधुनिक मिसाइल है. मंगलवार को उत्तर कोरिया ने सैन नी से इस मिसाइल का परीक्षण किया. करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यह जापान सागर में जा गिरी. यह जापान के आर्थिक अपवर्जन क्षेत्र में गिरी.

निक्की ने कहा, यदि युद्ध की स्थिति आती है, तो यह भड़कानेवाली लगातार कार्रवाइयों की वजह से होगा जैसी कि हमने मंगलवार को देखी. यदि युद्ध होता है तो कोई त्रुटि नहीं छोड़ी जायेगी और उत्तर कोरिया को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया जायेगा. उन्होंने कहा, उत्तर कोरिया के तानाशाह ने बुधवार को दुनिया को युद्ध के और नजदीक लाने का चुनाव किया. हमने उत्तर कोरिया के साथ कभी युद्ध नहीं चाहा है और ना ही आज चाहते हैं. उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आकस्मिक बैठक बुलाने का आह्वान किया था.

बुधवार को परीक्षण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत कर उत्तर कोरिया के साथ गतिरोध को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की अपनी इच्छा जाहिर की थी. साथ ही चीन से उत्तर कोरिया की तेल आपूर्ति को काट देने का भी अनुरोध किया. निक्की ने कहा, हमने उत्तर कोरिया के खिलाफ बहुपक्षीय प्रतिबंध लगाने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन उसने लगातार अधिक शक्तिशाली और नयी मिसाइलों का परीक्षण करना जारी रखा. साथ उसने अधिक मारक क्षमता योग्य परमाणु हथियार बनाने की ओर अग्रसर है. उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण के बाद उन्होंने अन्य देशों से किम जोंग उन को अलग-थलग करने की मांग की. उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल परीक्षण करने के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था, हम इसे संभाल लेंगे. हम इस स्थिति से निपट सकते हैं.

उधर, व्हाइट हाउस के प्रधान प्रेस उपसचिव राज शाह ने संवाददाताओं से कहा, उत्तर कोरिया ने जो खतरा पैदा किया है वह बहुत गंभीर है. यह केवल अमेरिका, इस क्षेत्र या केवल कोरियाई प्रायद्वीप क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व और सभ्य समाज के लिए भी खतरा है. शाह ने एक सवाल के जवाब में कहा, दुनिया के अन्य देश भी उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं जिससे हमें प्रोत्साहन मिल रहा है. बहरहाल, वह उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध लगाने का जिक्र करनेवाले ट्रंप के ट्वीट से संबंधित सवालों से बचते नजर आये. उन्होंने कहा, मैं किसी भी घोषणा से पहले कुछ नहीं कहना चाहूंगा. बस यह कहना चाहूंगा कि अधिकतम दबाव बनाने का अभियान जिसका अमेरिका एक बड़ा हिस्सेदार है उसके वास्तव में बड़े परिणाम सामने आ रहे हैं. शाह ने कहा, हमने देखा कि उत्तर कोरिया पर अब तक के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाये गये, जिन पर चीन और रूस ने भी मंजूरी दी.

इस बीच, एक खबर के अनुसार अमेरिका ने चीन से उत्तर कोरिया की ईंधन सेवा रोकने की अपील की है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत कर चीन से उत्तर कोरिया की कच्चे तेल की आपूर्ति रोकने की अपील की, जिससे उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगेगा.

व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा धुर-दक्षिणपंथी ब्रिटिश अकाउंट पर डाले गये मुस्लिम विरोधी वीडियो को री-ट्वीट किये जाने का बचाव किया है. व्हाइट हाउस ने दलील दी कि ट्रंप लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं. ब्रिटेन फर्स्ट नाम के एक समूह के ट्वीटर हैंडल से मुसलमान विरोधी वीडियो को ट्रंप ने बुधवार को री-ट्वीट किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहुत हंगामा हुआ. ब्रिटिश फर्स्ट समूह का गठन 2011 में धुर दक्षिणपंथी ब्रिटिश नेशनल पार्टी ने किया था.

राज शाह ने कहा, राष्ट्रपति इन सुरक्षा मुद्दों पर वर्षों से बात कर रहे हैं, वह चुनाव प्रचार अभियान से लेकर व्हाइट हाउस आने तक इस मुद्दे को उठाते रहे हैं. वह इस संबंध में ट्विटर पर बात करना जारी रखेंगे, वह इनके संबंध में भाषणों में बोलेंगे, वह इस पर अपनी नीतियों में भी बोलेंगे. शाह राष्ट्रपति के साथ मंजूरी के लिए सेंट लुईस जा रहे हैं जहां ट्रंप मध्यम वर्ग और औद्यौगिक तबके के लिए कर राहत की घोषणा करते हुए महत्वपूर्ण भाषण देनेवाले हैं.

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