NSG में भारत की एंट्री पर चीन ने फिर लगाया अड़ंगा

Updated at : 23 Jun 2017 6:30 PM (IST)
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NSG में भारत की एंट्री पर चीन ने फिर लगाया अड़ंगा

बीजिंग : चीन ने शुक्रवार को फिर कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में गैर एनपीटी देशों के प्रवेश पर उसके रुख में बदलाव नहीं आया है. इससे बर्न में चल रही मौजूदा अहम बैठक में प्रवेश के भारत के अवसरों को धक्का लगा है. मीडिया को संबोधन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग […]

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बीजिंग : चीन ने शुक्रवार को फिर कहा कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में गैर एनपीटी देशों के प्रवेश पर उसके रुख में बदलाव नहीं आया है. इससे बर्न में चल रही मौजूदा अहम बैठक में प्रवेश के भारत के अवसरों को धक्का लगा है.

मीडिया को संबोधन में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा, ‘जहां तक गैर एनपीटी देशों के समूह में शामिल होने की बात है मैं आपको बता सकता हूं कि चीन का रुख नहीं बदला है. ‘वह एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में पूर्ण बैठक में चीन के रुख में क्या कोई बदलाव आया है. उन्होंने कहा, ‘मैं बताना चाहूंगा कि एनएसजी में नये सदस्यों के शामिल होने को लेकर स्पष्ट नियम है और सोल बैठक में यह स्पष्ट अधिदेश है कि इस मुद्दे से कैसे निपटा जाये.

‘उन्होंने कहा, ‘जहां तक नये सदस्यों को शामिल करने के मापदंड की बात है, जितना मुझे पता है स्विट्जरलैंड में यह पूर्ण बैठक सोल बैठक के अधिदेश का पालन करेगी और सर्वसम्मति को लेकर फैसले का सिद्धांत बरकरार है और समूह में गैर एनपीटी देशों के तकनीक, कानून और राजनीतिक पहलुओं जैसे विभिन्न आयामों पर चर्चा होती है.’ भारत की राह में अड़ंगे के चीन के रुख से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बड़ी अड़चन बनी हुई है.

पिछले साल भी सोल में एनएसजी के पूर्ण सत्र के दौरान 48 सदस्यीय एनएसजी में प्रवेश के लिए भारत के आवेदन का चीन ने विरोध किया था. बर्न में चीन से भारत के एनएसजी में प्रवेश को लेकर जो उम्मीद की जा रही थी उससे भारत को एक साल का और इंतजार करना पड़ेगा. चीन अतीत में भी यह स्पष्ट कर चुका है कि भारत जब तक एनपीटी पर दस्तखत नहीं करेगा, उसे एनएसजी में शामिल नहीं किया जायेगा. 48 देशों के समूह में भारत की तरफ से दावेदारी पेश करने के बाद पाकिस्तान ने भी आवेदन दिया है. माना जाता है कि पाकिस्तान को इस मामले में चीन का मौन समर्थन प्राप्त है. भारत का समर्थन जहां अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश कर रहे हैं, वहीं कई दौर की बैठक के बाद भी चीन द्वि-चरणीय रुख पर कायम है.

हालांकि, गेंग से जब पत्रकारों ने पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर भारत-प्रशांत क्षेत्र में भारत-अमेरिका के सहयोग और साउथ चाइना सी जैसे मुद्दे पर बातचीत की संभावना पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि साउथ चाइना सी में स्थिति सामान्य हो रही हैं. उन्होंने कहा, ‘चीन और आसियान देशों के ठोस प्रयास के कारण स्थिति सामान्य हो रही है. हमें उम्मीद है कि अन्य देश विशेषकर गैर-क्षेत्रीय देश साउथ चाइना सी में क्षेत्रीय देशों के शांति और स्थिरता लाने के प्रयास का सम्मान करेंगे और वे इस संबंध में रचनात्मक भूमिका निभायेंगे.’

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