Promise Day पर पति की जेल में गुजरी निसबत अंसारी की पहली रात, सलाखों के पीछे ही दंपति मनाएंगे वैलेंटाइन डे

अब्बास अंसारी से पत्नी निसबत की मुलाकातों का ये सिलसिला अगली बार 14 फरवरी ''वैलेंटाइन डे'' को होना था. लेकिन, ये अरमान पूरी नहीं हो सके और घर लौटने के पहले निसबत अंसारी फिर वहीं पहुंच गई, जहां के लिए वह घर से निकली थी. हालांकि इसके बावजूद उसके तेवर बरकरार रहे.
वैलेंटाइन वीक (Valentine Week) में अपने पति सपा विधायक अब्बास अंसारी से मुलाकात करने वाली निसबत अंसारी ने शनिवार रात उसी जेल में गुजारी, जहां वह कानून को अपने पैरों तले रौंदते हुई पकड़ी गई थी. वैलेंटाइन वीक का पांचवां दिन यानी 11 फरवरी ‘प्रॉमिस डे’ के रूप में मनाया जाता है. निसबत ने अपनी जिंदगी में अब्बास से कई वादे भी किए होंगे. लेकिन, इस बार इनका तरीका गलत होने के कारण वह ‘प्रॉमिस डे’ पर उसी जेल में मुजरिम के तौर पर पहली रात गुजारने को मजबूर हुई.
बताया जा रहा है कि मुलाकातों का ये सिलसिला अगली बार 14 फरवरी यानि वैलेंटाइन डे को होना था. लेकिन, ये अरमान पूरी नहीं हो सके और घर लौटने के पहले निसबत अंसारी फिर वहीं पहुंच गई, जहां के लिए वह घर से निकली थी. हालांकि इसके बावजूद उसके तेवर बरकरार रहे. कहा जा रहा है कि छापामारी के दौरान जब महिला पुलिसकर्मियों ने उसका हाथ पकड़ा तो निसबत ने उन्हें फटकारा. हाथ पकड़ने वाली महिला पुलिसकर्मी से कहा कि वह खुद चल रही है. घसीटने की कोशिश तो अंजाम अच्छा नहीं होगा.
जांच में सामने आया है कि विधायक की पत्नी निसबत अंसारी एक हफ्ते से जेल में मिलने आ रही थी. लेकिन, मुख्तार अंसारी के रसूख के कारण बहू का आगंतुक रजिस्टर में नाम दर्ज नहीं होता था. अब जेल के रजिस्टर व अन्य सामग्री को डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने कब्जे में लिया है.जेल में मुख्य गेट से लेकर अंदर तक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. साथ ही ऊंचे स्थान पर टावर बने हैं. वहां से आने-जाने वालों पर निगरानी रखी जाती है. प्रमुख गेट के बाहर कैदियों से मिलने के लिए एंट्री होती है. लेकिन निसबत के ससुर और पति के खौफ के आगे सभी नियम कानूनों की धज्जियां उड़ायी जाती रहीं.
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खास बात है कि निसबत अंसारी ने पति से इन मुलाकातों के लिए चित्रकूट में परिवार के लोगों के साथ डेरा डाला हुआ. इसके लिए कर्वी में एक मकान किराए पर लिया गया था. लेकिन मकान मालिक तक को नहीं पता था कि उसके किराएदार कौन हैं. मकान मालिक के मुताबिक निसबत से जुड़े लोगों ने उसे सिर्फ इतना बताया गया था कि उनके परिवार का सदस्य चित्रकूट जेल में बंद है, इसलिए मुलाकात के लिए घरवालों के अक्सर आने के कारण मकान किराये पर लिया है. पुलिस अब खुलासे के बाद निसबत से जुड़े हर लोगों की जानकारी खंगाल रही है.
निसबत अंसारी और चालक नियाज पांच दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर चित्रकूट जेल ही है. इसके बाद केस की सुनवाई लखनऊ के कोर्ट में होगी. यानि इस बार अपना वैलेंटाइन डे” वह पति के साथ जेल में भी मनाएगी. ये किसी रसूखदार अपराधी का इस तरह का अनोखा मामला बताया जा रहा है.
जेल के बाहर गाड़ी लिए खड़े निसबत अंसारी के वाहन चालक नियाज भी जेल की सलाखों के पीछे है. वहीं इस मामले में अब्बास अंसारी, निसबत अंसारी, नियाज, जेल अधीक्षक अशोक सागर, डिप्टी जेलर सुशील कुमार, कांस्टेबल जगमोहन व कुछ अज्ञात ड्यूटीरत सिपाहियों के खिलाफ विधायक को जेल से भगाने की साजिश रचने, हत्या व रंगदारी वसूलने की धमकी, नियमों की अनदेखी कर मुलाकात करने-कराने, जेल में आपत्तिजनक सामग्री रखने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. मामले में जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर समेत 8 जेलकर्मियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है. इन सभी पर अब्बास से साठगांठ का आरोप है.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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