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WB : एसएलएसटी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार महिलाओं ने सिर मुंडवाकर किया प्रदर्शन,सौगत ने कहा, हो रहा है ड्रामा

Updated at : 09 Dec 2023 3:32 PM (IST)
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WB : एसएलएसटी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार महिलाओं ने सिर मुंडवाकर किया प्रदर्शन,सौगत ने कहा, हो रहा है ड्रामा

ये नौकरी चाहने वाले 15 मार्च 2021 से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. महिला उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनके जैसे नौकरी चाहने वालों को तुरंत नियुक्त किया जाना चाहिए. आप सभी राजनीति से ऊपर उठकर हमारी समस्याओं का समाधान करें.

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पश्चिम बंगाल में एसएलएसटी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार महिलाओं ने सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया . एसएलएसटी 2016 कक्षा 9वीं से 12वीं की नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थी स्कूल में भर्ती की मांग को लेकर लगातार धरने पर बैठे हुए हैं. ये नौकरी चाहने वाले 15 मार्च 2021 से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. महिला उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि उनके जैसे नौकरी चाहने वालों को तुरंत नियुक्त किया जाना चाहिए. आप सभी राजनीति से ऊपर उठकर हमारी समस्याओं का समाधान करें. हमें नौकरी चाहिए .


सौगत ने कहा, हो रहा है ड्रामा

वहीं, नौकरी चाहने वालों के इस धरने और विरोध पर तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी है कि ‘नाटक चल रहा है. एसएलएसटी उम्मीदवारों ने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद सौगत की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है. सीपीएम नेता सुजन चक्रवर्ती ने कटाक्ष किया है कि राज्य में कुशासन चल रहा है. एसएलएसटी उम्मीदवारों का कहना है कि योग्य नौकरी चाहने वालों को नौकरी नहीं मिल रही है, अयोग्य लोग काम कर रहे हैं. एक अन्य नौकरी चाहने वाले ने कहा, एसएलएसटी 2016 की महिला उम्मीदवार ने आपने बाल मुंडवा दिया. अब ऐसा लगता है कि हमें अपनी नौकरी पाने के लिये जान देनी होगी तभी ममता सरकार को हमारी तकलीफ दिखाई देगी.

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नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का दावा है कि एसएलएसटी 2016 की मेरिट सूची प्रकाशित नहीं की गई है. इससे पहले 2019 में नौकरी चाहने वालों ने 29 दिनों तक भूख हड़ताल की थी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनसे मिलने पहुंचीं थी.लेकिन मुख्यमंत्री के वादे के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली. इसी शिकायत पर सैकड़ों युवा फिर भूख हड़ताल पर बैठ गये. 2021 में उन्होंने साल्ट लेक में 187 दिनों तक धरना दिया. इसके बाद आखिरी 1000 दिन और रातें सड़क पर ही गुजरीं. लेकिन कोई नौकरी नहीं मिली. रासमनी रोड पर 1000 दिनों तक अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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