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WFI की नई कार्यकारिणी सस्पेंड, खेल मंत्रालय ने संजय सिंह के सभी फैसलों पर लगाई रोक

खेल मंत्रालय ने नव निर्वाचित भारतीय कुश्ती महासंघ की नई कार्यकारिणी को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही नये अध्यक्ष संजय सिंह के सभी फैसलों पर भी रोक लगा दी गई है. संजय सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद साक्षी मलिक ने संन्यास का ऐलान कर दिया था.

खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ के चुनाव को सस्पेंड कर दिया है. बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह चुनाव में कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बने थे. उनके पैनल ने 15 में से 13 पदों पर कब्जा किया था. मंत्रालय ने संजय सिंह के लिए सभी फैसलों पर भी रोक लगा दी है. सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए निर्वाचित पूरी समिति को सस्पेंड कर दिया है. इंडिया टुडे ने अपने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. संजय सिंह के अध्यक्ष बनते ही इंटरनेशनल रेसलर साक्षी मलिक ने संन्यास का ऐलान कर दिया था. इसके बाद बजरंग पूनिया ने अपना पद्म श्री अवॉर्ड लौटाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था.

मंत्रालय ने WFI पर नियम तोड़ने का लगाया आरोप

डब्ल्यूएफआई के चुनाव 21 दिसंबर को हुए थे जिसमें पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाने वाले संजय सिंह और उनके पैनल ने 15 में से 13 पदों पर कब्जा किया था. संजय सिंह बड़े अंतर से अध्यक्ष बने हैं. खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि नए निकाय ने डब्ल्यूएफआई संविधान का पालन नहीं किया. हमने महासंघ को बर्खास्त नहीं किया है बल्कि अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है. उन्हें बस उचित प्रक्रिया और नियमों का पालन करने की जरूरत है.

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चैंपियनशिप की घोषणा जल्दबाजी में की गई

सूत्र ने निलंबन के कारणों के बारे में बताया कि डब्ल्यूएफआई के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने 21 दिसंबर 2023 को अध्यक्ष चुने जाने के दिन ही घोषणा कर दी कि कुश्ती के लिए अंडर-15 और अंडर-20 नेशनल चैंपियनशिप साल खत्म होने से पहले ही उत्तर प्रदेश के गोंडा के नंदिनी नगर में आयोजित की जाएगी. यह घोषणा जल्दबाजी में की गई. डब्ल्यूएफआई के संविधान के प्रावधानों का पालन भी नहीं किया गया. पहलवानों को पर्याप्त सूचना दिए बिना नेशनल चैंपियनशिप में भाग लेना पड़ता.

यूडब्ल्यूडब्ल्यू के नियमों का पालन करना जरूरी

मंत्रालय के सूत्र ने आगे कहा कि डब्ल्यूएफआई के संविधान की प्रस्तावना के नियम 3 (ई) के अनुसार, डब्ल्यूएफआई का उद्देश्य अन्य बातों के अलावा कार्यकारी समिति द्वारा चयनित स्थानों पर यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाईटेड वर्ल्ड रेसलिंग) के नियमों के अनुसार सीनियर, जूनियर और सब जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करने की व्यवस्था करना है.

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साक्षी मलिक ने लगाया आरोप

साक्षी मलिक ने 28 दिसंबर से होने वाले जूनियर नेशनल कुश्ती के गोंडा में आयोजित कराने पर विरोध जताया और सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने कुश्ती छोड़ दी है, लेकिन मैं परेशान हूं. 28 तारीख से जूनियर नेशनल होने हैं और नयी कुश्ती फेडरेशन ने नन्दनी नगर गोंडा में करवाने का फैसला किया है. गोंडा बृजभूषण का इलाका है.अब आप सोचिए कि जूनियर महिला पहलवान किस माहौल में कुश्ती लड़ने वहां जाएंगी. क्या इस देश में नंदनी नगर के अलावा कहीं पर भी नेशनल करवाने की जगह नहीं है.

भाषा इनपुट के साथ

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