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बचपन में होली को एन्जॉय करता था, अब इस वजह से नहीं खेलता... रणबीर कपूर ने बताया कैसे मिली तू झूठी मैं मक्कार

Updated at : 08 Mar 2023 7:39 AM (IST)
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बचपन में होली को एन्जॉय करता था, अब इस वजह से नहीं खेलता... रणबीर कपूर ने बताया कैसे मिली तू झूठी मैं मक्कार

रणबीर कपूर की तू झूठी मैं मक्कार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म के लिए फैंस काफी ज्यादा एक्साइटेड है. लव और मेरी जर्नी फ्लाइट में शुरू हुई थी. मैंने फ्लाइट में लव की फिल्म प्यार का पंचनामा 2 देखी और उन्हें मैसेज किया कि मैं उनके साथ एक फिल्म करना चाहता हूं. फिर हमने एक स्क्रिप्ट तय की.

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अभिनेता रणबीर कपूर की फिल्म तू झूठी मैं मक्कार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. यह एक रोमांटिक कॉमेडी जॉनर की फिल्म है. रणबीर इस जॉनर को अपना कम्फर्ट जोन करार देते हैं. यही वजह है कि कुछ समय से वह इस जॉनर की फिल्मों को नहीं कर रहे थे, लेकिन इस फिल्म में मौजूदा दौर के प्यार के नए मतभेद को दिखाया गया है. कहानी की यही बात और फिल्म का ट्रीटमेंट उन्हें अपील कर गया. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत….

लव रंजन की फ़िल्म तू झूठी मैं मक्कार से किस तरह जुड़ना हुआ?

लव और मेरी जर्नी फ्लाइट में शुरू हुई थी. मैंने फ्लाइट में लव की फिल्म प्यार का पंचनामा 2 देखी और उन्हें मैसेज किया कि मैं उनके साथ एक फिल्म करना चाहता हूं. मैं आमतौर पर किसी डायरेक्टर को मैसेज नहीं करता. मुझे उस फिल्म का सुर और वह दुनिया पसंद आयी थी. हम कुछ महीनों के बाद मिले और हमने अलग-अलग स्क्रिप्ट और आइडियाज पर चर्चा की, फिर हमने एक स्क्रिप्ट तय की. जिसमें अजय देवगन और मैं काम करने जा रहे थे. यह एक एक्शन फिल्म थी. सोनू के टीटू के स्वीटी की वजह से फिल्म आगे बढ़ गयी. उसके बाद उन्होंने मुझे यह आइडिया बताया. वह रोम-कॉम में बहुत अच्छे हैं. इस फिल्म का आईडिया सुनते ही मैं समझ गया. मैं बताना चाहूंगा कि जब मैंने यह फिल्म साइन की थी, तो मेरे पापा वहां थे. वे हमेशा मुझे लव के साथ काम करने के लिए कहते थे, जब शुरुआत में हम एक एक्शन फिल्म पर काम कर रहे थे तब पापा ने कहा कि आप एक्शन फिल्म क्यों कर रहे हैं, यह लव की शैली नहीं है. ऐसी फिल्म करें, जिसमें वह अच्छा हो. अंत में वह खुश थे कि हम यह फिल्म कर रहे हैं.

फिल्म के शीर्षक पर आपका क्या रिएक्शन है ?

मुझे यह अजीब लगा था. मैंने लव से पूछा कि तू झूठी मैं मक्कार क्या है, ये कैसा टाइटल है. मैंने सोचा था कि तुम कोई प्यारा सा टाइटल दोगे. उन्होंने कहा कि दर्शकों को मुझसे कुछ उम्मीदें हैं. अब जब मैं फिल्म देखता हूं, तो मुझे लगता है कि शीर्षक फिल्म पर फिट बैठती है. यह फिल्म को एक विंडो देता है. जब आप टाइटल सुनते हैं, तो आपको लगता है कि फिल्म सही है और टाइटल की वजह से दर्शक थिएटर में आएंगे.

श्रद्धा के साथ आपकी नयी जोड़ी बनी है, कितना खास अनुभव था ?

मैं हमेशा से श्रद्धा के साथ काम करने के लिए उत्साहित था, मैं उसे तब से जानता हूं, जब वह पैदा हुई थी. मुझे याद है कि हमारे पिता कश्मीर और ऊटी में शूटिंग करते थे. मेरी बहन, उसका भाई और वह और मैं होटल में खेलते थे. घोड़े की सवारी के लिए जाते थे. हम फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए हम हिंदी फिल्मी गानों पर डांस करते थे. वह ईमानदार और कड़ी मेहनत करने वाली है, वह खुद को थोड़ा रिजर्व रखती है और सेट पर अधिक दोस्ताना नहीं है, लेकिन वह फ़िल्म के मिजाज को बिल्कुल अच्छे से समझती और उसे दर्शाने में उसे बिल्कुल भी झिझक नहीं हुई.

इस फ़िल्म से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?

इसके डायलॉग को बोलना।जिस तरह से इसके डायलॉग लिखें गए हैं. वह एक गाने के जैसा है. आप एक शब्द भी इधर से उधर नहीं कर सकते हैं.

होली पर आपकी फ़िल्म रिलीज हो रही है, होली से जुड़ी क्या खास यादें हैं, आप इस त्यौहार को कैसे सेलिब्रेट करते हैं ?

मुझे बहुत खुशी होती है कि मेरे पास एक लोकप्रिय होली गीत बलम पिचकारी है।जो हर होली की पार्टी में जरूर बजता है. मैंने बचपन में होली को बहुत एन्जॉय किया है, लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ा होता गया मुझे ओसीडी हो गया. जिस वजह से मुझे रंग और पानी पसंद नहीं है. मुझे पानी से नफरत है, क्योंकि मुझे वॉटर फोबिया है. मैंने अपने अब तक के कैरियर में कई फिल्मों को पानी के सीक्वेंस की वजह से मना किया है.

हाल ही में आपके दादाजी राज कपूर का बंगला भी बिक गया?

यह एक पारिवारिक फैसला था। सभी को लगा कि इसे बेचा जाना ही सही रहेगा। कोई भी वहां नहीं रह रहा था और उसे मेन्टेन करना मुश्किल हो रहा था. यह एक थोड़ा कड़वा एहसास है क्योंकि हम सभी वहीं पले-बढ़े हैं. हमारे पास यादें हैं जैसे हम रविवार को फैमिली डिनर के लिए वहां मिलते थे, हां बहुत सारी यादें हैं,लेकिन दुख की बात है कि अब वह जगह नहीं है.

आरके बैनर को पुनर्जीवित करने की कोई योजना है ?

मैंने आरके फिल्मों को पुनर्जीवित करने का फैसला नहीं किया है. वह राज कपूर का पर्याय था. मुझे उस परिवार का हिस्सा होने पर गर्व है, लेकिन अगर कल मैं निर्देशन करना शुरू करूंगा, तो मैं अपना खुद का कुछ शुरू कर सकता हूं. मैं इसे रणबीर फिल्म्स या आरके जूनियर फिल्म्स नाम दे सकता हूं या फिर राहा के नाम पर कुछ। आरके बैनर राज कपूर का पर्याय था, है और रहेगा.

आप सोशल मीडिया पर नहीं हैं, आजकल सोशल मीडिया स्टारडम में अहम भूमिका निभा रहा है, क्या आप भी इससे जल्द जुड़ना चाहेंगे ?

मेरी सोच थोड़ी पुरानी है, क्योंकि मैं एक फिल्मी परिवार से आता हूं. मैं जानता हूं कि मिस्ट्री किसी भी एक्टर के लिए बहुत जरुरी है. हां सोशल मीडिया पर ना होने की वजह से मैं विज्ञापन और पैसा बनाने के दूसरे माध्यमों को खो देता हूं, लेकिन यह बलिदान सार्थक रहा है, क्योंकि यह मेरे करियर की उम्र को बढ़ाता है. लोग आते हैं. मुझे और मेरी फिल्में देखने को, क्योंकि वें हर रोज मुझे नहीं देखते हैं. मेरी निजी सोच है. मैं नहीं जानता हूं कि मैं इसमें सही हूं या गलत, लेकिन मैं इसमें खुश हूं. सोशल मीडिया का हिस्सा नहीं बनने वाला हूं.

हाल ही में आप कोलकाता के ईडन गार्डन में थे और क्रिकेटर सौरव गांगुली से मिले थे, कैसा अनुभव रहा, अगर ऑफर किया गया तो क्या आप उनकी बायोपिक करने के लिए तैयार हैं?

दादा अपने आप में एक बहुत खास व्यक्तित्व हैं। दुनिया भर में उन्हें पसंद किया जाता है, लेकिन जब आप एक बायोपिक फिल्म बनाते हैं, तो मामला बहुत पेचीदा हो जाता है कि कैसे आप उसके जन्म से लेकर अब तक के पूरे जीवन को, उसकी उपलब्धियों, उसके संघर्षों, उसके निजी जीवन को शामिल करने वाले हैं. मुझे नहीं पता कि निर्देशक लव रंजन इस पर कैसे काम कर रहे हैं, लेकिन अगर मुझे ऑफर किया गया तो मैं इसे करना पसंद करूंगा.

आप किशोर कुमार की बायोपिक में भी काम कर रहे थे?

हम अभी बात ही कर रहे हैं. किशोर कुमार की बायोपिक लिखी जा रही है. अभी भी कुछ तय नहीं हुआ है.

आपके आनेवाले प्रोजेक्ट

इसके बाद एनिमल रिलीज होगी. उसके बाद मैं सोच रहा हूं कि कुछ समय के लिए ब्रेक ले लूं, ताकि अपनी बेटी के साथ वक़्त बिता पाऊं.

आप पिता बन चुके हैं, किस तरह नयी जिम्मेदारी ने जिंदगी को खास बनाया है ?

यह जादुई है. यह बहुत सुंदर है. अभी केवल साढ़े तीन महीने ही हुए हैं. मैं अभी भी सीख रहा हूं. बहुत से लोग मुझे पेरेंटिंग टिप्स देते हैं, लेकिन जब तक आप खुद इसका अनुभव नहीं करेंगे, तब तक आपके लिए कुछ भी काम नहीं करेगा. ये मैं निजी अनुभव से कह सकता हूं. राहा मुझे रात में जगाती है, लेकिन वो भी एक मजेदार अनुभव है. मैं अब डकार विशेषज्ञ बन गया हूं और मैं उसे दो सेकंड में सुला सकता हूं. मैं उसकी डायपर भी आसानी से बदल लेता हूं.

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कोरी is a contributor at Prabhat Khabar.

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