झारखंड विधानसभा में खरसावां को अनुमंडल बनाने की उठी मांग, जानें कितने ब्लॉक को मिला कर अलग सबडिवीजन बनाने की कही बात

Updated at : 09 Mar 2021 6:48 PM (IST)
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झारखंड विधानसभा में खरसावां को अनुमंडल बनाने की उठी मांग, जानें कितने ब्लॉक को मिला कर अलग सबडिवीजन बनाने की कही बात

Jharkhand News, Kharswan News, खरसावां न्यूज : मंगलवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत खरसावां और कुचाई प्रखंड को मिला कर एक अलग खरसावां अनुमंडल बनाने की मांग उठी है. सदन में शून्यकाल में खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने इस मामले को उठाया है.

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Jharkhand News, Kharswan News, खरसावां न्यूज (शचिंद्र कुमार दाश) : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार (9 मार्च, 2021) को सरायकेला- खरसावां जिला के खरसावां को एक नया अनुमंडल बनाने की मांग उठी. खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने खरसावां और कुचाई प्रखंड को मिला कर एक अलग खरसावां अनुमंडल बनाने की मांग की है. विधायक श्री गागराई ने शून्यकाल में इस मामले को उठाया. वर्तमान में झारखंड में 45 अनुमंडल है.

मंगलवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सरायकेला- खरसावां जिला अंतर्गत खरसावां और कुचाई प्रखंड को मिला कर एक अलग खरसावां अनुमंडल बनाने की मांग उठी है. सदन में शून्यकाल में खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने इस मामले को उठाया है.

सदन में इस मामले को उठाते हुए श्री गागराई ने कहा कि खरसावां और कुचाई प्रखंड को मिला कर एक अलग खरसावां अनुमंडल की स्थापना प्रशासनिक दृष्टीकोण से उपयुक्त प्रतित होता है. उन्होंने सरकार से इस मांग को पूरा करने का आग्रह किया है. मालूम हो कि खरसावां और कुचाई प्रखंड वर्तमान में सरायकेला अनुमंडल के अधीन आता है.

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स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगी प्रत्येक जिले के एक स्कूल

खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने तारांकित प्रश्न के जरिये खूंटपानी के जोजोडिंबा मौजा में नेतरहाट की तर्ज पर कोल्हान आवासीय विद्यालय के भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं होने का मामला उठाया. विधायक ने कहा कि वर्तमान में यह स्कूल चैनपुर टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में संचालित हो रही है. इस पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अवर सचिव ने लिखित जवाब में बताया कि राज्य के 35, 547 विद्यालयों में से 4,496 विद्यालयों को उत्कृष्ठ और आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

साथ ही राज्य के सभी 24 जिलों में एक- एक स्कूल को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (School of Excellence) के रूप में विकसित किया जायेगा. इसके अलावा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए सभी जिलों में एक-एक आवासीय बालिका विद्यालय समेत 48 विद्यालय और 7 मॉडल विद्यालयों को भी स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की स्वीकृति दी गयी है. वर्तमान में 80 विद्यालयों को स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने संबंधी योजना स्वीकृत है, जिन्हें CBSE से संबद्धता दिलाने का प्रावधान है.

Posted By : Samir Ranjan.

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