थोड़ी मेहनत कर किचेन गार्डन से फल और हरी सब्जियां उगा रही धनबाद शहर की महिलाएं, बोली- ताजी सब्जियों को खाने का अलग ही आनंद है, देखें Pics

Jharkhand Mini Lockdown Impact, धनबाद न्यूज (सत्या राज) : लॉकडाउन के कारण मिले समय व प्रकृति से लगाव रखने वाली महिलाओं ने थोड़ी मेहनत कर अपने टेरेस पर किचेन गार्डन बनायी हैं. वह कहती हैं कि परिश्रम का फल मीठा होता है. हमारे लिए परिश्रम का फल ताजी-हरी सब्जियां हैं. ताजी सब्जियों को खुद तोड़कर बनाने व परिवार के साथ खाने में जो आनंद है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. स्वच्छ व संतुलित पर्यावरण के लिए हमें प्रकृति से प्रेम व पौधरोपण करना होगा. जिनके पास जगह है वह गार्डन में और जो अपार्टमेंट में रहते हैं वह बालकोनी व रूफ गार्डन बनाकर मनपसंद सब्जियां, फल, औषधीय पौधे लगाकर आनंदित हो सकते है. पौधरोपण प्रकृति के करीब रहने का सबसे अच्छा तरीका है.
Jharkhand Mini Lockdown Impact, धनबाद न्यूज (सत्या राज) : लॉकडाउन के कारण मिले समय व प्रकृति से लगाव रखने वाली महिलाओं ने थोड़ी मेहनत कर अपने टेरेस पर किचेन गार्डन बनायी हैं. वह कहती हैं कि परिश्रम का फल मीठा होता है. हमारे लिए परिश्रम का फल ताजी-हरी सब्जियां हैं. ताजी सब्जियों को खुद तोड़कर बनाने व परिवार के साथ खाने में जो आनंद है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. स्वच्छ व संतुलित पर्यावरण के लिए हमें प्रकृति से प्रेम व पौधरोपण करना होगा. जिनके पास जगह है वह गार्डन में और जो अपार्टमेंट में रहते हैं वह बालकोनी व रूफ गार्डन बनाकर मनपसंद सब्जियां, फल, औषधीय पौधे लगाकर आनंदित हो सकते है. पौधरोपण प्रकृति के करीब रहने का सबसे अच्छा तरीका है.
डी-नोबिली सिंफर की रिटायर टीचर साधना सूद कहती हैं कि मेरा किचेन गार्डन चौथी मंजिल पर है. यहां से मैं प्रतिदिन ताजी सब्जियों के साथ, मौसमी फल भी तोड़ती हूं. अभी आम, अमरूद, पपीता, नींबू लगे हैं. सब्जियों में भिंडी, बैंगन, बरबट्टी, नेनुआ, लौकी, ककड़ी लगी हुई है. वह पौधों से बच्चों की तरह प्यार करती हैं. इनके साथ आराम से समय कटता है. सुबह मार्निंग वॉक के समय ऐसा लगता है कि वह हमसे बातें कर रही हैं.

डी-नोबिली सिंफर की टीचर राधा अग्रवाल ने कहा कि मुझे अपने किचेन गार्डन से सब्जी तोड़ने में बहुत खुशी होती है. लॉकडाउन में स्कूल तो जाना नहीं था. ऑनलाइन क्लास ले रही हूं. खाली समय का उपयोग किचेन गार्डन में किया. मेहनत रंग लायी. गार्डन से केमिकल फ्री आर्गेनिक सब्जियां मिल रही हैं. अभी खीरा, नेनुआ, झींगा, बरबट्टी, भिंडी, बैंगन, टमाटर, पुदीना लगे हुए हैं. सभी सब्जी उगायें. जगह नहीं है तो टेरेस, गमले में सब्जी लगायें.

गृहिणी पूनम ड्रोलिया कहती हैं कि हमारा टेरेस गार्डन मल्टीपर्पस है. मैने इसमें सब्जी, फल के साथ औषधीय पौधे भी लगाये हैं. खाली समय में इनकी देखभाल में निकलता है. अभी माली नहीं आ रहा है. खुद से ही पौधरोपण व अन्य काम करती हूं. पौधों में सब्जी आने पर काफी खुशी होती है. गार्डन में अमरूद, नींबू, केला, मिर्ची, भिंडी के साथ पान पत्ता, पुदीना, एलोवेरा, लेमनग्रास लगा है. लेमनग्रास टी सेहत के लिए अच्छी होती है.

गृहिणी रंजना अग्रवाल कहती हैं कि मेरा किचेन गार्डन बीस साल का है. बोनसाई पौधों में नीम, बरगद, पीपल, बेल लगे हैं. कीचेन गार्डेन में पालक, लाल साग, मूली, गाजर, पुदीना, धनिया, भिंडी, बैंगन, कद्दू, झींगा, तरबूज, खरबूज लगा हुआ है. हरी ताजी सब्जियां घर में ही मिल जाती हैं. बाहर से बहुत कम खरीदती हूं. केमिकल की जगह गोबर व सड़ा हुआ पत्ता का खाद डालती हूं. जाड़े के दिनों में काफी मात्रा सब्जी होती है. खुद के साथ औरों को भी खिलाती हूं.
Posted By : Samir Ranjan.
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