जयपाल सिंह मुंडा के पैतृक गांव का देखिए हाल, आदर्श ग्राम होने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का है अभाव

jharkhand news: सोमवार को मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती है. इस मौके पर उनके पैतृक गांव खूंटी के टकरा में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. टकरा को आदर्श ग्राम भी घोषित किया गया है, लेकिन आज भी कई मूलभूत सुविधाओं की यहां कमी देखी जा रही है. मरांग गोमके के आवास को म्यूजियम भी नहीं बनाया गया है.
Jharkhand news: सोमवार यानी 3 जनवरी को मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की जयंती है. इस मौके पर उनके पैतृक गांव टकरा में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे. टकरा आदर्श ग्राम भी घोषित है. इसके बावजूद आज भी कई मूलभूत सुविधाओं का लाभ यहां के ग्रामीण नहीं उठा पाते हैं.

जयपाल सिंह मुंडा के जयंती के अवसर पर सोमवार को टकरा में कई कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री सह खूंटी सांसद अर्जुन मुंडा उपस्थित होंगे. वहीं, विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व सांसद पद्मभूषण कड़िया मुंडा, डीसी शशि रंजन सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी शामिल होंगे. इस अवसर पर मुख्य अतिथिगण जयपाल सिंह मुंडा के समाधि पर माल्यार्पण करेंगे. वहीं, टकरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.

मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा तीन दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता का उद्घाटन भी करेंगे. ग्राम प्रधान जोन कच्छप और गांव के महेंद्र पहान ने बताया कि जयपाल सिंह मुंडा के जयंती के अवसर पर हर वर्ष की तरह मेला का भी आयोजन किया जायेगा. वहीं, कार्यक्रम को लेकर टकरा मैदान में मंच की स्थापना भी की गयी है. वहीं, अन्य तैयारियां भी पूरी कर ली गयी. डीडीसी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गयी है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री कुछ योजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे.

मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा के नाम कई उपलब्धियां हैं. उन्होंने ओलिंपिक में भारत को हॉकी में पहला गोल्ड मेडल दिलाया. देश आजाद होने के बाद राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. उन्होंने अलग झारखंड राज्य की मांग की. संविधान निर्माण में भी उन्होंने अहम योगदान दिया और आदिवासियों के लिए अलग प्रावधान कराये. इन सबके बाद भी उनका पैतृक गांव लंबे समय तक उपेक्षित ही रहा है. गांव को आदर्श ग्राम तो घोषित कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुए.
पिछले साल जयपाल सिंह मुंडा के जयंती के अवसर पर कई घोषणाएं हुई, लेकिन एक साल में सिर्फ पीसीसी सड़क ही धरातल पर उतर सकी है. गांव में चार जगहों पर पीसीसी का निर्माण किया गया है. वहीं, लगभग दो किलोमीटर कालीकरण सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ है. गांव में मिनी ओपेन जिम, पुस्तकालय आदि स्थापित किया गया है. इसके अलावा अन्य कई घोषणाएं जमीन पर नहीं उतरी है. गांव के पास 10 करोड़ की लागत से एक चेक डैम, जयपाल सिंह मुंडा के पैतृक आवास को म्यूजियम बनाने, जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने, हाईमास्क लाइट सहित कई घोषणाएं आज भी अधूरी है.

जयपाल सिंह मुंडा के पुत्र जयंत जयपाल सिंह ने कहा कि गांव के विकास को लेकर जो घोषणा हुई थी उसमें कुछ काम शुरू हुए हैं. स्पोर्ट्स एकेडमी का गठन हो रहा है. गांव के पास नदी में चेकडैम बनने से गांव की तस्वीर बदलेगी. चेकडैम बनने से किसान दो फसल की खेती कर सकेंगे. उन्होंने बताया कि आवास को म्यूजियम बनाया जाना है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है.
जयपाल सिंह मुंडा के पैतृक गांव टकरा में पेयजल की समस्या है. गांव में लगे दो सोलर आधारित ग्रामीण जलापूर्ति योजना खराब पड़ी है. ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक वर्ष से दोनों सोलर जलापूर्ति योजना बंद पड़ी है. वहीं, गांव के 5 चापाकल भी खराब पड़े हैं. ग्रामीणों को पानी के लिए कुआं और डाड़ी पर ही निर्भर रहना पड़ता है.
रिपोर्ट : चंदन कुमार, खूंटी.
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