खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर बह रही गंगा , सोमवार को जलस्तर में और वृद्धि की आशंका, प्रशासन मुस्तैद

Updated at : 16 Aug 2020 6:33 PM (IST)
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खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर बह रही गंगा , सोमवार को जलस्तर में और वृद्धि की आशंका, प्रशासन मुस्तैद

साहिबगंज (नवीन कुमार) : झारखंड का इकलौता जिला साहिबगंज है, जहां गंगा नदी बहती है. यहां खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर गंगा बह रही है. जिला प्रशासन बाढ़ से बचाव को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है. केंद्रीय जल आयोग, पटना की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह छः बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 27.82 सेमी पहुंच जायेगा, जो खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर है. सोमवार को गंगा के जलस्तर में बक्सर से लेकर मुंगेर तक में बढ़ोतरी होगी.

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साहिबगंज (नवीन कुमार) : झारखंड का इकलौता जिला साहिबगंज है, जहां गंगा नदी बहती है. यहां खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर गंगा बह रही है. जिला प्रशासन बाढ़ से बचाव को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है. केंद्रीय जल आयोग, पटना की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह छः बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 27.82 सेमी पहुंच जायेगा, जो खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर है. सोमवार को गंगा के जलस्तर में बक्सर से लेकर मुंगेर तक में बढ़ोतरी होगी.

झारखंड का एक मात्र जिला साहिबगंज है, जिससे होकर पतित पावनी गंगा की निर्मल धारा जिले के 83 किलोमीटर क्षेत्र होकर बहती है. मानसून के आते ही गंगा का पानी बढ़ना शुरू हो जाता है. गंगा का पानी बढ़ने और खतरे का निशान पार करने से जिले का दियारा क्षेत्र सहित शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर जाता है.

गंगा का पानी बढ़ने से गंगा किनारे के क्षेत्र में हर साल कटाव होता है. कटाव में स्कूल, घर, मंदिर, शौचालय, पंचायत भवन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर एवं सरकारी शौचालय समेत अन्य को अपनी चपेट में ले लेता है. कटाव और बाढ़ जिले के सदर प्रखंड, तालझारी प्रखंड, राजमहल व उधवा प्रखंड में आता है. इस वर्ष कटाव में कई घर समा गये हैं. गंगा का पानी बढ़ने से दियारा क्षेत्र में लगे सैकड़ों एकड़ में मक्का सहित अन्य फसल डूब कर बर्बाद हो गयी. जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है. फसल के साथ -साथ जानवरों का चारा भी गंगा के पानी में समा गया है. जिससे जानवरों के भोजन में काफी परेशानी हो रही है.

बाढ़ से प्रत्येक साल हजारों लोग प्रभावित होते हैं. सैकड़ों पालतू पशु प्रभावित होते हैं. गंगा का जलस्तर बढ़ता देख दियारा के कई लोग अपना आशियाना छोड़कर शहर को पलायन कर रहे हैं और पानी घटने तक परिजन व पालतू पशुओं के साथ सुरक्षित स्थान में रह रहे हैं. गंगा में पानी बढ़ने-घटने का सिलसिला जारी है. जिले में एक तरफ कोरोना संक्रमण बढ़ने की रफ्तार तेज है वहीं दूसरी ओर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने-घटने से जिला पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है. कोरोना के साथ-साथ बाढ़ से भी निबटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है.

डीसी चितरंजन कुमार ने बीते दिनों एलसीटी बोट के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था. डीसी श्री कुमार ने दियारा क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि लोग सुरक्षित स्थान पर आ जाएं, ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके. बाढ़ के दिनों में फसल खराब हो जाती है, वहां नुकसान का अनुमान लगाया जाए एवं अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उक्त क्षेत्र के लोगों को किसी भी प्रकार नुकसान न हो और बाढ़ से बचाव के लिए प्रबंध पुख्ता करने का निर्देश दिया. बाढ़ से निपटने के लिए विभागों द्वारा अब तक किए गए प्रबंधों की जानकारी ली और उनसे सभी उपकरण व अन्य सहायक सामग्री तैयार रखने का निर्देश दिया गया.

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ना-घटना लगा हुआ है. नेपाल से पानी छोड़े जाने और बिहार सहित अन्य जगहों में भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने लगता है. वहीं गंगा खतरे के निशान 27.25 मीटर से ऊपर बह रही है. रविवार को गंगा का जलस्तर 27.63 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर है. गंगा आज स्थिर थी. केंद्रीय जल आयोग, पटना की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह छः बजे तक गंगा का जलस्तर बढ़कर 27.82 सेमी पहुंच जायेगा, जो खतरे के निशान से 57 सेमी ऊपर है. सोमवार को गंगा के जलस्तर में बक्सर से लेकर मुंगेर तक में बढ़ोतरी होगी. आज रविवार को कहलगांव, साहिबगंज और फरक्का तक गंगा स्थिर है, लेकिन सोमवार फोरकास्टिंग के अनुसार बक्सर से लेकर फरक्का तक जलस्तर में बढ़ोतरी होगी.

स्थान – आज का जलस्तर – कल का जलस्तर

दीघाघाट पटना : 49.53 मीटर, 49.79 मीटर

हाथीदाह : 41.58 मीटर 41.84 मीटर

भागलपुर : 32.65 मीटर 33.01मीटर

कहलगांव : 30.98 मीटर 31.11मीटर

साहिबगंज : 27.63 मीटर, 27.82 मीटर

फरक्का : 22.56 मीटर, 22.60 मीटर

जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ से निबटने के लिए सारी तैयारियां कर ली गयी हैं. कोरोना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित लोगों को इस वर्ष सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ठहराया जायेगा. पशु को अलग राहत कैम्प में ठहराया जायेगा, जहां पशु चारा व पशु डॉक्टर रहेंगे. छोटे बड़े 148 नाव और चार गोताखोर के साथ सदर प्रखंड, तालझारी राजमहल व उधवा प्रखंड तैयार है.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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