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निकाय चुनाव : अलीगढ़ कांग्रेस में कलह, मेयर प्रत्याशी संगठन के खिलाफ धरना पर बैठे, दो गुट में बंटी पार्टी

Updated at : 14 May 2023 9:55 PM (IST)
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निकाय चुनाव : अलीगढ़ कांग्रेस में कलह, मेयर प्रत्याशी संगठन के खिलाफ धरना पर बैठे, दो गुट में बंटी पार्टी

नगर निगम के महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हार गयी है. कांग्रेस प्रत्याशी सीपी गौतम धरना पर बैठ गये हैं. कांग्रेस नेता विवेक बंसल सहित संगठन के पदाधिकारियों पर आरोप लगा रहे हैं.

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अलीगढ़. नगर निगम के महापौर पद के चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हार गयी है. कांग्रेस प्रत्याशी सीपी गौतम अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं. वह हार का ठीकरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल सहित संगठन के अन्य नेताओं पर फोड़ रहे हैं. संगठन के पदाधिकारियों को चुनाव हराने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आमरन अनशन पर बैठ गए हैं. इससे पार्टी के अंदर की कलह खुलकर बाहर आ गयी है. बात संगठन पर आता देख कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सलाउद्दीन वसी ने रविवार को मिल्क बार में प्रेस कान्फेंस कर पलटवार किया है.पार्षद और सभासद उम्मीदवारों के साथ सीपी गौतम पर सहयोग न मांगने का उल्टा आरोप लगाया है. गौतम गुट का कहना है कि सलाउद्दीन वसी को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जा चुका है. प्रदेश अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है.

निकाय चुनाव से पहले दो महानगर अध्यक्ष किया नियुक्त
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कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी सीपी गौतम को मात्र 11163 वोट मिले हैं. कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सलाउद्दीन वसी का कहना है कि सीपी गौतम ने नामांकन के समय संगठन को पूछा ही नहीं. चुनाव से 4 दिन पहले शहर में दो महानगर अध्यक्ष नियुक्त कर दिए गए. पार्टी से निष्कासन की बात को लेकर उन्होंने दावा किया कि उनका कोई निष्कासन नहीं हुआ है. अभी तक उनको कोई पत्र नहीं मिला है. कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी ने कोई सभा की, न फोन कर कभी बुलाया. वह राजस्थान कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल का भी बचाव करते नजर आए. सलाउद्दीन वसी ने कहा कि कांग्रेस मेयर प्रत्याशी ने किसी भी कांग्रेस पदाधिकारी से संवाद नहीं किया. न तो विवेक बंसल से सहयोग लिया, न ही पार्षदों के साथ प्रचार किया.

पार्षद को लेकर नहीं किया गया प्रचार

इस मामले में कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि कांग्रेस मेयर प्रत्याशी सीपी गौतम को गलतफहमी थी कि ब्राह्मण वोट के सहारे चुनाव जीतेंगे. उन्हें सर्व समाज को लेकर इलेक्शन लड़ना था. इससे बेहतर पिछले चुनाव में मधुकर शर्मा ने अच्छा लड़ा था. लोग प्रचार सामग्री के लिए बैठे रहे. लेकिन कोई नहीं मिला. मतदान केंद्रों पर कांग्रेस का बस्ता भी नहीं पहुंचा. अगर यह इलेक्शन सभासदों को साथ लेकर लड़ते, तो कांग्रेस को शर्मनाक हार का सामना नहीं करना पड़ता. कांग्रेस प्रत्याशी सीपी गौतम ने केवल सोशल मीडिया पर ही चुनाव लड़ा. मेयर प्रत्याशी ने चुनाव लड़ने में कोई इंटरेस्ट नहीं लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी किसी की गोद में बैठ गए. वही कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश दीक्षित को हार का कारण बताया गया.

हार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बैठाई जांच
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कांग्रेस प्रत्याशी की शर्मनाक हार को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने जांच कमेटी का गठन किया है. नगर निकाय चुनाव में संगठन की उदासीनता के बाद आए परिणामों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. इस जांच कमेटी में पूर्व मंत्री दीपक कुमार, कांग्रेस महासचिव बदरुद्दीन कुरैशी, कांग्रेस कमेटी के सदस्य देव रंजन नागर जांच कर रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को देंगे. हालांकि जांच के बिंदु में कांग्रेस संगठन की उदासीनता, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के घोषित नामों में जिला स्तर पर परिवर्तन होना, पीसीसी और एआईसीसी सदस्य गणों का योगदान, पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद गणों के योगदान के बिंदु पर जांच होगी.

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अनुज शर्मा

लेखक के बारे में

By अनुज शर्मा

Senior Correspondent

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