Raksha Bandhan 2023: इस रक्षाबंधन पर करें मथुरा के बहन यमुना और भाई धर्मराज के अनोखे मंदिर के दर्शन
Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Aug 2023 5:49 PM
Raksha Bandhan 2023, Mathura Yamuna dharamraj temple in Vishram Ghat: हम आपको मथुरा के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो भाई बहन से संबंधित है. हम बात कर रहे हैं मथुरा में स्थित यमराज और उनकी बहन यमुना जी के प्राचीन मंदिर की. जिसे यमुना धर्मराज मंदिर के नाम से जाना जाता है.
Raksha Bandhan 2023, Mathura Yamuna dharamraj temple in Vishram Ghat: रक्षाबंधन का त्योहार इस साल 31 अगस्त को मनाया जाएगा. भाई बहन को समर्पित ये त्योहार देशभर में धूम धाम से मनाया जाता है. आपको बता दें अगर आप अपने भाई या बहन के साथ ट्रैवलिंग का प्लान कर रहे हैं, तो हम आपको मथुरा के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो भाई बहन से संबंधित है. हम बात कर रहे हैं मथुरा में स्थित यमराज और उनकी बहन यमुना जी के प्राचीन मंदिर की. जिसे यमुना धर्मराज मंदिर के नाम से जाना जाता है.
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क्या है पौराणिक मान्यता?
पौराणिक मान्यता है कि हजारों वर्ष पूर्व सूर्यपुत्र यमराज को पुत्री यमुना ने अपने घर बुलाया था. इसके बाद बहन ने भाई की खूब जमकर खातिरदारी की. बहन की खातिरदारी से प्रसन्न होकर भाई यमराज ने यमुना से एक वरदान मांगने को कहा. यमुना ने यमराज से कहा कि उनके पास तो सब कुछ है. वह कृष्ण की पटरानी हैं, उनके स्वामी संसार को सब कुछ देने वाले हैं. कोई भला मुझे क्या कुछ दे सकता है? फिर भी भाई यमराज ने अपनी बहन से कुछ भी मांगने के लिए कहा . तब बहन यमुना ने भाई से पूछा कि आप के प्रकोप से लोगों को मुक्ति कैसे मिलेगी?
यमराज ने बहन यमुना को दिया वरदान
इस पर यमराज ने कहा कि शुक्ल पक्ष की दूज के दिन जो भी भाई-बहन विश्राम घाट पर आकर स्नान करेंगे उन्हें मेरे प्रकोप से मुक्ति मिल जाएगी. वह मृत्यु के बाद सीधा बैकुंठ में वास करेंगे. इसके बाद यमराज और यमुना जी ने विश्राम घाट पर एक साथ स्नान किया. मंदिर में सबसे पहले सुबह यमुना जी और धर्मराज जी को स्नान कराया जाता है. उसके बाद मंदिर में आरती होती है और भोग लगाया जाता है.
यमुना जी चार भुजा धारी प्रतिमा स्थापित है
बताया जाता है कि भाई यमराज और बहन यमुना जी चार भुजा धारी प्रतिमा स्थापित है. यमुना जी एक हाथ में थाली, दूसरे हाथ में कमल का फूल और तीसरे हाथ में भाई को टीका लगाए दिखाई गई हैं और चौथे हाथ से भाई से वरदान ले रही हैं.
इस समय बंद रहता है मंदिर
धर्मराज मंदिर दोपहर में कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है. वहीं शाम 4 बजे से मंदिर के कपाट रात के 8 बजे तक फिर से खुल जाते हैं. भाई दूज के दिन इस मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. बता दें कि धर्मराज मंदिर में भाई यमराज और बहन यमुना की चार भुजाधारी मूर्ति स्थापित है. जहां यमुनाजी के एक हाथ में थाली, दूसरे हाथ में कमल का फूल, तीसरे हाथ में भाई यमराज को टीका लगाते हुए और चौथे हाथ में भाई से वरदान लेते दिख रही हैं.
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इस समय बंद रहता है मंदिर
धर्मराज मंदिर दोपहर में कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाता है. वहीं शाम 4 बजे से मंदिर के कपाट रात के 8 बजे तक फिर से खुल जाते हैं. भाई दूज के दिन इस मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. बता दें कि धर्मराज मंदिर में भाई यमराज और बहन यमुना की चार भुजाधारी मूर्ति स्थापित है. जहां यमुनाजी के एक हाथ में थाली, दूसरे हाथ में कमल का फूल, तीसरे हाथ में भाई यमराज को टीका लगाते हुए और चौथे हाथ में भाई से वरदान लेते दिख रही हैं.
रक्षा बंधन 2023 मनाने की सही तिथि व मुहूर्त
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रक्षा बंधन तिथि: 30 अगस्त 2023
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रक्षा बंधन राखी बांधने का समय: 30 अगस्त 2023 की रात 09 बजकर 03 मिनट के बाद
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रक्षा बंधन भद्रा समाप्ति समय: 30 अगस्त 2023 की रात 09 बजकर 03 मिनट पर
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रक्षाबंधन भद्रा पूंछ: 30 अगस्त 2023 की शाम 05:30 बजे से शाम 06:31 बजे तक
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रक्षाबंधन भद्रा मुख: 30 अगस्त 2023 की शाम 06:31 बजे से रात 08:11 बजे तक
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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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