Tambadi Surla Mahadev Temple: गोवा का सबसे प्राचीन मंदिर आक्रमण के बाद भी सुरक्षित रहा
Published by : Shaurya Punj Updated At : 25 Aug 2023 4:10 PM
Tambadi Surla Mahadev Temple: गोवा में पहले मंदिरों की संख्या बहुत अधिक थी. लेकिन मुस्लिम और पुर्तगालियों के बीच हुई लड़ाई में सभी मंदिरों को नष्ट कर दिया गया. यह एक मात्र तांबडी सुरला मंदिर है जो इन आक्रमणों में अछुता बच गया था.
Tambadi Surla Mahadev Temple: गोवा में पुर्तगाली आक्रमण से पहले सैकड़ों प्रसिद्ध मंदिर हुआ करते थे. यह एक हिंदू बहुल इलाका हुआ करता था. फिर भी गोवा के कुछ मंदिर अब भी मूल रूप में सुरक्षित हैं. अगर गोवा राज्य के सबसे पुराने मंदिर की बात करें तो यह 13वीं सदी का है. महादेव शिव का यह मंदिर तांबड़ी सुरला गांव में स्थित है.
तांबडी सुरला मंदिर का इतिहास
तांबडी सुरला मंदिर के इतिहास में जाने पर हमें पता चलता हैं कि इस मंदिर को बेसाल्ट से कदंब शैली में बनाया गया था. जोकि के ढक्कन के पठार और पहाड़ों के उस पर हैं. गोवा में स्थित यह मंदिर कदंब वंश की वास्तुकला शैली की एक मात्र निशानी हैं. गोवा में पहले मंदिरों की संख्या बहुत अधिक थी. लेकिन मुस्लिम और पुर्तगालियों के बीच हुई लड़ाई में सभी मंदिरों को नष्ट कर दिया गया. यह एक मात्र ऐसा मंदिर हैं जो इन आक्रमणों में अछुता बच गया था. तांबडी सुरला मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी कदंब वंश के शासन काल में किया गया था और 10वीं शताब्दी से 14वीं शताब्दी के दौरान कदंब वंश का शासन इस स्थान पर था.
जैन शैली में निर्माण
इस मंदिर के निर्माण में जैन शैली की छाप दिखाई देती है. मंदिर का निर्माण ऐसी जगह पर हुआ है, जहां पहुंचना आसान नहीं था. वहीं यह मंदिर गोवा के बाकी मंदिरों की तुलना में आकार में भी छोटा है. मंदिर को देख कर यह प्रतीत होता है कि इसका गुंबद का निर्माण पूरा नहीं हो सका था. इस मंदिर के निर्माण की शैली कर्नाटक के बादामी के पास के मंदिरों के गांव एहोल की निर्माण शैली से मिलती-जुलती है.
तांबडी सुरला मंदिर की लोकेशन
तांबडी सुरला मंदिर पणजी से 65 किलोमीटर की दूरी पर महावीर राष्ट्रीय अभयारण्य और मोल्लेम के उत्तर पूर्व क्षेत्र में बोलकोर्नम गांव के नजदीक तांबडी सुरला नामक एक छोटे से गांव में स्थित हैं.
तांबडी सुरला मंदिर के नजदीक आकर्षण
तांबडी सुरला मंदिर में भगवान महादेव के दर्शन करने के बाद आप मंदिर कुछ दूरी पर स्थित कुछ और पर्यटक स्थल हैं आप चाहे तो इन आकर्षित स्थलों की यात्रा करके अपनी तांबडी सुरला मंदिर की यात्रा में एक अध्याय और जोड़ सकते हैं. तो आइये हम आपको कुछ ऐसे नाम बताते हैं जो आपके पर्यटक स्थल तांबडी सुरला मंदिर के नजदीक ही हैं.
-
बोंडला वन्यजीव अभयारण्य
-
मोलमेल नेशनल पार्क
-
दूधसागर जलप्रपात गोवा
-
सहयाद्रि स्पाइस फार्म
-
दूधसागर वृक्षारोपण और फार्मस्टे
-
भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य
तांबडी सुरला मंदिर घूमने जाने का सबसे अच्छा समय
यदि आप भगवान भोले नाथ के तांबडी सुरला मंदिर या महादेव मंदिर घूमने जा रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि इस मंदिर के द्वार (पट) सुबह 7:30 बजे से शाम के 5:30 बजे तक खुले रहते हैं.
इसलिए भी है खास
गोवा के तांबडी सुरला महादेव मंदिर को एक चीज जो उसे सबसे अलग व खास बनाती है, वह यह है कि यह गोवा का अकेला ऐसा मंदिर है, जो मुस्लिम आक्रमण और पुर्तगाली आक्रमण के बाद भी ध्वस्त नहीं हुआ. दरअसल, गोवा में मुस्लिम आक्रमण और पुर्तगाली आक्रमण से पहले कई मंदिर हुआ करते थे. वास्तव में पुर्तगाली आक्रमण से पहले यह एक हिंदू बहुल इलाका हुआ करता था. लेकिन इन आक्र्रमणों के कारण गोवा के मंदिरों को क्षति हुई और इस तरह कई मंदिर पूरी तरह से नष्ट हो गए. लेकिन तांबडी सुरला महादेव मंदिर इन आक्रमणों से पूरी तरह अछूता रहा.
तांबडी सुरला मंदिर कैसे पहुंचे
यदि आप गोवा के पर्यटन स्थल तांबडी सुरला मंदिर जा रहे है, तो हम आपको बता दें कि तांबडी सुरला मंदिर जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन, बस और अपने निजी साधन के माध्यम से गोवा के तांबडी सुरला मंदिर तक आसानी से पहुंच जायेंगे.
फ्लाइट से तांबडी सुरला मंदिर कैसे पहुंचे
यदि आपने तांबडी सुरला मंदिर जाने के लिए हवाई मार्ग का चुनाव किया है, तो हम आपको बता दें कि गोवा शहर का डाबोलिम एयरपोर्ट या गोवा एयरपोर्ट तांबडी सुरला मंदिर के सबसे नजदीक हैं. एयरपोर्ट से तांबडी सुरला मंदिर की दूरी लगभग 68 किलोमीटर हैं. एयरपोर्ट से आप यहां चलने वाले स्थानीय साधनों के माध्यम से तांबडी सुरला मंदिर पहुंच जायेंगे
ट्रेन से तांबडी सुरला मंदिर कैसे पहुंचे
ट्रेन के माध्यम से गोवा के तांबडी सुरला मंदिर जाने के लिए सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन थिविम (Thivim) हैं. रेल्वे स्टेशन से तांबडी सुरला मंदिर की दूरी लगभग 58 किलोमीटर हैं.
सड़क मार्ग से तांबडी सुरला मंदिर कैसे पहुंचे
यदि आपने तांबडी सुरला मंदिर जाने के लिए सड़क मार्ग का चुनाव किया है, तो हम आपको बात दें कि तांबडी सुरला मंदिर के नजदीक कोई बस स्टैंड नही हैं. लेकिन तांबडी सुरला मंदिर से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर पणजी का बस स्टैंड हैं. पणजी बस स्टैंड से आप यहां चलने वाले स्थानीय साधनों के माध्यम से तांबडी सुरला मंदिर पहुंच जायेंगे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










