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Prabhat Khabar Explainer: किसानों की मददगार है साथी प्रोड्यूसर योजना, जानें कैसे उठाएं लाभ

Updated at : 02 Aug 2022 5:08 PM (IST)
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Prabhat Khabar Explainer: किसानों की मददगार है साथी प्रोड्यूसर योजना, जानें कैसे उठाएं लाभ

किसानों के आर्थिक स्वावलंबन में साथी प्रोड्यूसर योजना काफी मददगार बन रहा है. नाबार्ड द्वारा शुरू हुई यह योजना काफी लोकप्रिय हो रही है. इसके तहत किसानों के समूह का कंपनी बनाकर उन्हें शेयर जारी किया जायेगा, ताकि आर्थिक तौर पर स्वावलंबी बन सके.

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Jharkhand News: किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए नाबार्ड द्वारा शुरू साथी प्रोड्यूसर योजना काफी लोकप्रिय हो रही है. इसके तहत किसानों के समूह का कंपनी बना कर उन्हें शेयर जारी किया जायेगा. हर किसान को दो-दो हजार रुपये देकर सदस्य बनना होगा. बदले में उन्हें दो-दो हजार रुपये का अतिरिक्त शेयर नाबार्ड की राशि से दी जायेगी. पूरे समूह को 15 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा.

निरसा एवं गोविंदपुर में हो रहा काम

नाबार्ड के डीडीएम रवि लोहानी ने बताया कि धनबाद जिला में निरसा एवं गोविंदपुर प्रखंड में किसान साथी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नाम से समूह बनाया जा चुका है. गोविंदपुर प्रखंड के पाथुरिया पंचायत के बरमसिया गांव में इसका कार्यालय खुला है. गोविंदपुर में 30 जुलाई तक इस समूह से 410 किसान जुड़ चुके हैं. यहां एक टीम लीडर एवं एक ऑपरेटर बैठते हैं. एक वर्ष में एक समूह को छह लाख रुपये स्थापना मद में नाबार्ड की तरफ से मिलेगा. इससे जुड़ने के लिए हर किसान के पास कम से कम पांच डिसमिल जमीन होनी चाहिए. अधिकतम की कोई सीमा नहीं है.

दो करोड़ तक का मिल सकता है लोन

इस योजना के तहत किसानों के बनने वाले समूह को नाबार्ड की तरफ से दो करोड़ रुपये तक का लोन भी मिल सकता है. इसके लिए कुछ अहर्ता भी रखी गयी है. धनबाद जिला में बलियापुर, केलियासोल, पूर्वी टुंडी एवं टुंडी प्रखंडों में किसानों के समूह बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. डीडीएम के अनुसार जल्द ही इनका गठन हो जायेगा.

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क्या है पूरी योजना

किसान साथी प्रोड्यूसर योजना के तहत हर प्रखंड में एक-एक समूह बनाना है. एक समूह में 750 किसानों को जोड़ना है. हर किसान को दो-दो हजार रुपये दे कर निबंधन कराना है. इससे समूह को 15 लाख रुपये आयेगा. इसके बाद नाबार्ड कंपनी को 15 लाख रुपये का अनुदान कंपनी को दी जायेगी. इस तरह एक समूह की कंपनी की कुल पूंजी 30 लाख रुपये हो जायेगी. इस राशि का उपयोग किसानों की समृद्धि के लिए किया जायेगा. समूह चाहे तो इस राशि को बैंक में एफडी कर लोन ले सकता है. साथ ही अगर चाहे तो इस राशि से अनाज ढोने के लिए वाहन, दुकान भी खोला जा सकता है.

Posted By: Samir Ranjan.

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