धनबाद के गोधर में जहरीली गैस निकलने से दहशत, गोफ भरने आये बीसीसीएल अधिकारियों पर भड़के लोग

धनबाद के गोधर में गोफ बनने से लोगों में दहशत फैल गयी. गोफ का दायरा लगभग आठ फुट है. घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर गोधर तीन नंबर बस्ती में घनी आबादी रहती है. बीसीसीएल के अधिकारियों को जब गोफ बनने की जानकारी मिली, तो वे इसे भरने पहुंचे. उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
धनबाद के कुसुंडा क्षेत्र के गोधर छह नंबर कालोनी के पास भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के विद्युत सब-स्टेशन के पीछे शुक्रवार की सुबह लगभग सात बजे अचानक एक बड़ा गोफ बन गया. इससे जहरीली गैस निकलने से आसपास के लोग दहशत में हैं. गोफ का दायरा लगभग आठ फुट है. घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी पर गोधर तीन नंबर बस्ती में घनी आबादी रहती है. पास में तीन नंबर कोलियरी का हवा चानक है. इसका मुहाना बीसीसीएल प्रबंधन ने लोहे की चादर से ढंक रखा था. इस घटना को लेकर लोगों में बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश है.
सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंचे न्यू गोधर कुसुंडा कोलियरी के पीओ एमपी सिंह व मैनेजर मिंटू कुमार को स्थानीय लोगों का आक्रोश झेलना पड़ा. अधिकारियों का कहना था कि गुरुवार को हुई आंधी-बारिश के कारण घटनास्थल के पास बारिश का पानी जमीन के अंदर जाने से यह घटना घटी है, जबकि लोगों ने घटना का कारण स्थानीय कोलियरी प्रबंधन की लापरवाही बताया. लोगों ने गोफ स्थल को तत्काल भरने का विरोध करते हुए बंद हवा चानक के ऊपर चिमनी बनाकर गैस निकासी की मांग की. सूचना मिलने पर बीसीकेयू नेता हरि प्रसाद पप्पू भी पहुंचे और आक्रोशित लोगों को शांत कराया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि गोधर तीन नंबर हवा चानक से हल्की-फुल्की गैस निकलती रहती है. इसके बंद मुहाने से गुरुवार की सुबह से अचानक ज्यादा गैस निकल रही थी. इस पर प्रबंधन ने स्थानीय लोगों की अनुपस्थिति में बंद हवा चानक के ऊपर बालू व मिट्टी भरवा दिया. इससे गैस निकलना तो बंद हो गया, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही सब-स्टेशन के पीछे गोफ बन गया और तेजी से गैस निकलने लगी. कहा कि कोलियरी प्रबंधन की लापरवाही से चानक से गैस निकलने का रास्ता नहीं छोड़ने के कारण ही यह घटना घटी है. चानक को भरने के दौरान लोगों ने भू धंसान की आशंका भी जतायी पर प्रबंधन ने इसे अनसुना कर दिया.
बाद में स्थानीय लोगों की उपस्थिति में बीसीकेयू के क्षेत्रीय सचिव हरि प्रसाद पप्पू व कोलियरी के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई. इसमें लाेगों ने पहले हवा चानक में चिमनी लगाकर गैस निकासी की व्यवस्था करने और उसके बाद ही गोफ करने की मांग की. कहा कि ऐसा नहीं होने पर फिर इलाके में भू धंसान हो सकता है. इस पर अधिकारियों ने कहा कि गोफ नहीं भरा गया तो गोफ से आक्सीजन अंदर जाने पर भूमिगत आग भड़क सकती है. इसके बाद भी स्थानीय लोग नहीं माने.
बाद में गैस निकासी के लिए सीएमआरआई, धनसार माइंस रेस्क्यू एक्सपर्ट व सेफ्टी टीम के अधिकारियों को बुलाकर दो दिनों के अंदर समाधान निकालने पर सहमति बनी. इसके बाद गोफ के चारों ओर घेराबंदी करने का निर्णय लिया गया. वार्ता में स्थानीय लोगों के अलावा बीसीकेयू कुसुंडा के क्षेत्रीय सचिव हरि प्रसाद पप्पू, नंदलाल महतो, शिवा पासवान, नगीना पासवान, विवेक कुमार, भूषण महतो, संजय पासवान, अरुण चौबे, सूरज कुमार, दीपक चौहान, विकास ठाकुर, सनोज पासवान, सुजीत राम, घनश्याम चौधरी, राजू शर्मा, अनिल चौहान आदि थे.
पीओ (एनजीकेसी) एमपी सिंह ने कहा कि गोफ बनने की घटना गुरुवार को हुई. बारिश के कारण घटनास्थल के पास जमीन के अंदर पानी जाने के कारण हुई प्रतीत होती है. गोफ से निकलने वाली गैस जहरीली है. प्रबंधन का काम पहले लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है. गोधर का इलाका आग और भू धंसान क्षेत्र है. गोधर तीन नंबर हवा चानक का मुहाना चार जगहों पर प्रबंधन ने बंद कर रखा है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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