गोरखपुर में तेजी से बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या, अस्पतालों से लेकर पब्लिक प्लेस तक नियमों की अनदेखी

गोरखपुर में तेजी से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है. शहर की अपेक्षा गांव में संक्रमण तेजी से फैल रहा है. 18 अप्रैल तक शहर व गांव में संक्रमितो की संख्या लगभग बराबर थी. लेकिन, 19 अप्रैल से गांव में संख्या तेजी से बढ़ रही है.
गोरखपुर. गोरखपुर में लापरवाही के चलते कोरोना संक्रमण अपना पांव तेजी से पसार रहा है. शहर से लेकर गांव तक इस वायरस का प्रभाव बढ़ने लगा है. गोरखपुर में इधर 20 से अधिक कोरोना संक्रमित रोजाना मिल रहे हैं. सरकार ने इसको लेकर काफी पहले अलर्ट कर दिया था. लेकिन, अस्पतालों से लेकर पब्लिक प्लेस पर कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. रेलवे और बस स्टेशन पर जांच के इंतजाम नहीं है. इसलिए बाहर से आए लोग बिना जांच कराये घर जा रहे हैं. शहर की अपेक्षा गांव में संक्रमण तेजी से फैल रहा है. 18 अप्रैल तक शहर व गांव में संक्रमितो की संख्या लगभग बराबर थी. लेकिन, 19 अप्रैल से गांव में संख्या तेजी से बढ़ रही है. वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर आशुतोष कुमार दुबे ने की माने तो कोरोना के थाम के पर्याप्त उपाय किए गए हैं. लोगों को जागरुक किया जा रहा है.
बाहर से आने वाले लोगों को स्वयं जांच केंद्रों पर जाकर जांच करा लेना चाहिए. इससे उनके परिवार के लोग तो संक्रमण से बचेंगे समाज में भी संक्रमण नहीं फैल पाएगा. इसके रोकथाम में हर व्यक्ति को सहयोग की जरूरत है. लेकिन, यहां सवाल यह उठता है कि क्या स्वास्थ्य महकमा बाहर से आ रहे लोगों के भरोसे बैठे हैं कि वह खुद जाकर जांच केंद्रों पर जांच कराएंगे. गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहे शुक्रवार को 35 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. संक्रमितों में 14 लोग क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र के हैं. इनमें 3 वायरोलॉजिस्ट व 11 कर्मी हैं. गोरखपुर जिले में संक्रमितों की संख्या 93 हो गई है.
गोरखपुर में पहली लहर से लेकर अब तक 68585 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. जबकि 67623 लोगों ने कोरोना को मात दी है. वहीं 864 लोगों की मौत हो चुकी है. गोरखपुर में एम्स, मेडिकल कॉलेज, जिला व महिला अस्पताल में अभी तक कोई हेल्प डेस्क भी नहीं बना है. मरीज अपना इलाज कराने के लिए सीधी ओपीडी में पहुंच रहे हैं. वह डॉक्टर की सलाह पर उन्हें कोविड जांच के लिए भेजा जा रहा है. बाहर से आए लोग अपने घर पहुंच रहें है. सर्दी जुकाम होने के बाद जब वह अस्पताल पहुंच रहे हैं तो उन्हें कोविड जांच कराने की सलाह दी जा रही है.
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गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को कोरोना से ज्यादा खतरा है. खासकर किडनी, हार्ट, लीवर, ब्लड प्रेशर, शुगर के मरीजों और बुजुर्गों में संक्रमण हुआ तो उनकी तबीयत गंभीर हो सकती है. जिला अस्पताल की फिजीशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि जिन लोगों को यह बीमारी है वह ज्यादा बचाव करे और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें. उन्होंने बताया कि घर में किसी को सर्दी जुकाम हो तो उससे सभी लोग दूरी बना कर रहे घर के सदस्य यदि बाहर जा रहे हैं तो लौटने के बाद रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों से तुरंत ना मिले.
रिपोर्ट – कुमार प्रदीप, गोरखपुर
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By Prabhat Khabar News Desk
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