National Sports Day 2023 पर जानें कहां स्थित है हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की सबसे ऊंची मूर्ति

Edited by Shaurya Punj
Updated:
विज्ञापन

National Sports Day 2023, biggest statue of wizard of hockey Major Dhyanchand: भारत के हॉकी टीम के स्टार रहे मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त 2012 को पहला राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया था. आज हम आपको बताने वाले हैं कि हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की सबसे ऊंची मूर्ति कहां पर स्थित है

विज्ञापन
  • ध्यानचंद की जयंती आज 29 अगस्त को हाै

  • आज 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जा रहा है

National Sports Day 2023, biggest statue of wizard of hockey Major Dhyanchand: राष्ट्रीय खेल दिवस (National Sports Day) भारत में हर साल 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जिन्हें हॉकी के ‘द विजार्ड’ या ‘द मैजिशियन’ के रूप में जाना जाता था. भारत के हॉकी टीम के स्टार रहे मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त 2012 को पहला राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया था. आज हम आपको बताने वाले हैं कि हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की सबसे ऊंची मूर्ति कहां पर स्थित है

Also Read: अगर पहली बार जा रहे हैं शिमला, तो इन जगहों पर विजिट करना न भूलें

कहां स्थित है हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की सबसे ऊंची मूर्ति

आपको बता दें उत्तर प्रदेश का झांसी रानी लक्ष्मीबाई के अलावा मेजर ध्यानचंद के लिए भी जानी जाती है. यही वह जगह है जहां पर हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की सबसे ऊंची मूर्ति स्थापित है. आपको बता दें वैसे तो ध्यानचंद का प्रयागराज (उस वक्त इलाहाबाद) में हुआ था, पर झांसी के लोगों ने इस मूर्ति को झांसी के लोगों ने ही चंदा इकट्ठा करके स्थापित करवाया था. इसलिए ये मूर्ति काफी खास है.  आपको बता दें सीपरी बाजार के पास स्थित एक पहाड़ी पर यह मूर्ति स्थापित की गई है.

मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम भी है काफी मशहूर

मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम 1933 में भावनगर के महाराजा की ओर से दिल्ली के लिए एक उपहार के रूप में बनाया गया था, यह मूल रूप से बहुउद्देशीय स्टेडियम था और इसका नाम इरविन एम्फीथिएटर रखा गया था. इसे एंथनी एस. डीमिलो द्वारा डिजाइन किया गया था और लॉर्ड विलिंगडन द्वारा खोला गया था. नई दिल्ली के वास्तुकार एडविन लुटियंस की मूल योजना के अनुसार, इस स्थान पर उद्यान बनाया जाना था, ताकि पृष्ठभूमि में ऐतिहासिक पुराना किला (पुराना किला) का स्पष्ट दृश्य दिखाई दे, क्योंकि यह राष्ट्रपति भवन से शुरू होने वाली धुरी के लंबवत स्थित था. (राष्ट्रपति भवन) राजपथ से होते हुए इंडिया गेट पर समाप्त होगी. 1951 के एशियाई खेलों से पहले इसका नाम बदलकर नेशनल स्टेडियम कर दिया गया, वर्ष 2002 में मेजर ध्यानचंद का नाम जोड़ा गया.

मेजर ध्यानचंद स्टेडियम 2010 पुरुष हॉकी विश्व कप का मेजबान स्थल था. यह 2010 राष्ट्रमंडल खेलों का फील्ड हॉकी स्थल भी था. हॉकी विश्व कप 2010 से पहले स्टेडियम में एक बड़ी पुनर्निर्माण परियोजना शुरू की गई थी.

24 जनवरी 2010 को यह 2010 राष्ट्रमंडल खेलों का अनावरण होने वाला पहला स्थल बन गया. 262 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया. स्टैंड, जो मिट्टी के तटबंध थे, को ध्वस्त कर दिया गया और उसके स्थान पर एक नया आयताकार बैठने का कटोरा बनाया गया.

जानें मेजर ध्यानचंद के बारे में

मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में हुआ था और वह अपने समय के महान हॉकी खिलाड़ी थे. उन्हें हॉकी खिलाड़ी के स्टार या “हॉकी का जादूगर” के रूप में जाना जाता था, क्योंकि उनकी अवधि के दौरान, उनकी टीम ने वर्ष 1928, 1932 और 1936 के दौरान ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल किए थे. उन्होंने 1926 से 1949 तक 23 वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली. उन्होंने अपने करियर में कुल 185 मैच खेले और 570 गोल किए. वह हॉकी के बारे में इतना समर्पित थे कि वह चांदनी रात में खेल के लिए अभ्यास किया करते थे, जिससे उसका नाम ध्यानचंद पड़ गया. 1956 में, ध्यानचंद को पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, वह यह सम्मान पाने वाले तीसरे नागरिक थे.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola