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Mokshada Ekadashi 2022: मोक्षदा एकादशी पर भूल कर भी ना करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा व्रत का फल

Updated at : 29 Nov 2022 7:00 AM (IST)
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Mokshada Ekadashi 2022: मोक्षदा एकादशी पर भूल कर भी ना करें ये गलतियां, नहीं मिलेगा व्रत का फल

Mokshada Ekadashi 2022: मोक्षदा एकादशी 4 दिसंबर की पड़ रही है. इस दिन ही गीता जयंती (Geet Jayanti 2022) भी मनाई जाएगी. इस दिन कुछ विशेष कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए. चलिए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी के दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए....

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Mokshada Ekadashi 2022: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मोक्षदा एकादशी (Mokshda Ekadashi 2022) मनाई जाएगी. इस बार मोक्षदा एकादशी 4 दिसंबर की पड़ रही है. इस दिन ही गीता जयंती (Geet Jayanti 2022) भी मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा अर्चना करने से मन को शांति मिलती है और धन, यश और वैभव में वृद्धि होती है. हालांकि इस दिन कुछ विशेष कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए. चलिए जानते हैं कि मोहिनी एकादशी के दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए….  

इन चीजों का ना करें सेवन

मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से एक दिन पहले से ही प्याज, लहसुन, मसूर की दाल, बैंगन, जौ आदि का सेवन न करें.

शुद्धता का पालन करें

 शास्त्रीय मान्यता के अनुसार, किसी व्रत के दौरान मन, कर्म और वचन की शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है. ऐसे में व्रत के दौरान किसी को भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए जिससे कि उसे किसी प्रकार का नुकसान पहुंचे. मोक्षदा एकादशी व्रत में इस बात का खास ख्याल रखा जाता है.

एकादशी व्रत की मान्यता के अनुसार, मोक्षदा एकादशी व्रत के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए और इस दिन झाड़ू का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

 

फूल, पत्ते आदि नहीं तोड़ें

बता दें कि एकादशी के दिन फूल, पत्ते आदि नहीं तोड़ने चाहिए. ऐसी स्थिति में फूल और तुलसी के पत्तों को पहले ही तोड़कर रख लें.

क्रोध को शांत रखें

एकादशी के दिन अपने क्रोध को शांत रखना चाहिए. साथ ही इस दिन किसी से भी झूठ नहीं बोलना चाहिए. इसके अलावा इस दिन सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और दिन में सोना नहीं चाहिए.

व्रत का नियम से करें पारण

मोक्षदा एकादशी में व्रत का पारण भी नियमपूर्वक करना बहुत जरूरी है. सही पारण के बाद ही व्रत पूर्ण माना जाता है. एकादशी से अगले दिन भगवान विष्णु की पूजा और दान के बाद व्रत पारण कर लें.

कटु शब्द नहीं कहें

एकादशी के दिन किसी को कटु शब्द नहीं कहना चाहिए. इसके अलावा इस दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा भी नहीं करना चाहिए

 

बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचें

एकादशी व्रत की मान्यता के अनुसार, मोक्षदा एकादशी व्रत के दिन बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए और इस दिन झाड़ू का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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