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Jharkhand news: हजारीबाग का लघु सिंचाई अंचल बना जिले में मॉडल ऑफिस, सौर ऊर्जा से बिजली की हो रही आपूर्ति

Updated at : 03 Feb 2022 3:55 PM (IST)
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Jharkhand news: हजारीबाग का लघु सिंचाई अंचल बना जिले में मॉडल ऑफिस, सौर ऊर्जा से बिजली की हो रही आपूर्ति

jharkhand news: सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति के मामले में हजारीबाग का लघु सिंचाई अंचल ऑफिस जिले का मॉडल ऑफिस बन गया है. ऑफिस के छत पर सोलर प्लेट लगने से अब ऑफिस में निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो रही है.

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Jharkhand news: हजारीबाग शहर के एसपी कोठी रोड़ स्थित क्षेत्रीय लघु सिंचाई अधीक्षण अभियंता कार्यालय (Regional Minor Irrigation Superintending Engineer Office) में सोलर प्लेट से बिजली उत्पादन कर जिला में मॉडल बना है. अब बिजली रानी के अधिकांश समय गायब रहने के बाद भी कार्यालय कर्मियों को फर्क नहीं पड़ रहा है. यहां बिजली से जुड़े सभी उपकरण निरंतर जारी है.

सोलर से ऑफिस को मिल रही रोशनी

क्षेत्रीय लघु सिंचाई अंचल में उत्तरी छोटानागपुर के पांच जिले हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, रामगढ़ एवं धनबाद जुड़े हैं. 5 जिले में अधीक्षण अभियंता लघु सिंचाई से जुड़े कार्यों की मॉनिटरिंग करते हैं. कार्यालय में सोलर प्लेट से बिजली उत्पादन के बाद राज्य सरकार से प्रतिदिन मिलने वाली मेल, चिट्ठी-पत्री की टाइपिंग, कागजात का फोटो कॉपी करने, कंप्यूटर का संचालन सहित दूसरे सभी कार्य आसानी से हो रहा है. कार्यालय को रोशनी भी मिल रही है.

45 हजार रुपये खर्च हुए

कार्यालय परिसर में सोलर प्लेट बिजली निर्माण पर 45 हजार रुपये खर्च किया गया है. कार्यालय में पहले से इन्वर्टर एवं 24 वोल्ट बैटरी मौजूद था. 270 वोल्ट का दो सोलर प्लेट की खरीदी हुई है. एक चार्ज कंट्रोलर लगाकर सोलर प्लेट बिजली इंस्टॉल किया गया है. इस पर कुल 45 हजार राशि खर्च हुई है. सोलर प्लेट बिजली लगने के बाद जेनरेटर की आवश्यकता को दूर किया गया है.

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सोलर प्लेट से निर्बाध बिजली मिल रही : वीरमणि प्रसाद

इस संबंध में लघु सिंचाई अंचल हजारीबाग के अधीक्षण अभियंता वीरमणि प्रसाद ने कहा कि दो महीने पहले हजारीबाग में बिजली की गंभीर संकट उत्पन्न होने से कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो गया था. बिजली के इंतजार में कार्यालय के महत्वपूर्ण कार्य लंबित थे. संबंधित अधिकारी एवं कर्मी भी इस पर कुछ नहीं कर पा रहे थे. हम सभी ने सोलर प्लेट बिजली से कार्यालय संचालित करने का निर्णय लिया. परिणाम आज कार्यालय में बिजली की आत्मनिर्भरता पूरी तरह खत्म है. सोलर प्लेट से निर्बाध बिजली मिल रही है.

सोलर ऊर्जा ने परिसर को किया चकमक

श्री प्रसाद ने कहा कि आईआईटी से पढ़े-लिखे लड़कों की एक टीम द्वारा बनाई गई एटम वर्ग के पंखे को कार्यालय में लगाया गया है. इसमें कम बिजली खपत होती है. गर्मी के दिनों में हम अधिक से अधिक पंखा चला पायेंगे. इतना ही नहीं कार्यालय परिसर में 30 वॉट का बल्ब सोलर प्लेट से संचालित है. पूरी रात परिसर उजाला रहता है. एक क्षण के लिए भी कार्यालय अंधेरा नहीं होता है. यह ऑटोमेटिक है. रात में जलता है. दिन में बल्ब बंद हो जाता है.


रिपोर्ट : आरिफ, हजारीबाग.

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