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PHOTO: मर्सिडीज बेंज ने ऑल इलेक्ट्रिक जी वैगन से उठाया पर्दा, जानें ऑफ-रोड एसयूवी कार खासियत

Updated at : 29 Nov 2023 12:17 PM (IST)
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PHOTO: मर्सिडीज बेंज ने ऑल इलेक्ट्रिक जी वैगन से उठाया पर्दा, जानें ऑफ-रोड एसयूवी कार खासियत

मर्सिडीज वेंज की ओर से जारी किए गए वीडियो में चीफ इंजीनियर फैबियन शोसाउ ने दावा किया है कि उन्होंने आने वाली ऑल-इलेक्ट्रिक जी वैगन का शॉकल की पहाड़ी में करीब 336 बार टेस्ट किया है. इसलिए, इसे 'शॉकल-प्रूफ' कहा गया है.

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Mercedes Benz All Electric G-Wagon : जर्मनी की कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज बैंज ने जी-वैगन की इलेक्ट्रिक वर्जन कार से पर्दा उठा दिया है. ऑटोमेकर ने जी-वैगन एसयूवी कार को बॉक्सी डिजाइन पर सैन्य वाहन के रूप में तैयार किया था. यह ऑफ-रोड कारों में पूरी दुनिया में बेंचमार्क मानी जाती है. बताया जाता है कि जी-वैगन के कॉन्सेप्ट पर ही भारत की कार निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बॉक्सी डिजाइन पर ऑफ-रोड एसयूवी थार को बनाया है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मर्सिडीज बेंज ने अपनी ऑफ-रोड ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी कार जी-वैगन का पहला वीडियो जारी किया है. वीडियो में जी-क्लास का बैटरी चालित प्रोटोटाइप वह सब कुछ करता हुआ दिखाई देता है, जो जी-वैगन ब्रांड का पर्याय है. कंपनी ऑस्ट्रिया के ग्राज में शॉकल पहाड़ों पर अपने सभी जी-वैगनों का टेस्टिंग की परंपरा को कायम रखा है. ऑस्ट्रिया की इस पहाड़ी जी-क्लास कारों की जन्मस्थली कहा जाता है.

शॉकल प्रूफ है ऑल इलेक्ट्रिक जी-वैगन
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मर्सिडीज वेंज की ओर से जारी किए गए वीडियो में चीफ इंजीनियर फैबियन शोसाउ ने दावा किया है कि उन्होंने आने वाली ऑल-इलेक्ट्रिक जी वैगन का शॉकल की पहाड़ी में करीब 336 बार टेस्ट किया है. इसलिए, इसे ‘शॉकल-प्रूफ’ कहा गया है. प्रोटोटाइप में जी-वैगन में आर्टिकुलेशन टेस्ट, वॉटर वेडिंग आदि को शामिल गया है. ऑफ-रोडिंग चुनौतियों के दौरान अंडरपिनिंग और बैटरी को नुकसान से बचाने के लिए मर्सिडीज बेंज ने एक कठिन अंडरराइड गार्ड डिजाइन किया है. हालांकि, इस वीडियो का सबसे बड़ा आकर्षण लूज ट्रैक्शन सरफेस पर एक ठहराव से 360-डिग्री मोड़ है, जिसे कैलेनियस ‘जी टर्न’ कहा जाता है.

ऑल इलेक्ट्रिक जी-वैगन का पावरट्रेन
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जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी ने अभी तक आने वाली जी-वैगन इलेक्ट्रिक के लिए पावरट्रेन डिटेल्स की पुष्टि नहीं की है, लेकिन वीडियो के दौरान इसके चीफ इंजीनियर शोसॉउ ने बताया है कि इस प्रोटोटाइप एसयूवी कार में चार मोटर लगाई गई हैं, जिनमें से प्रत्येक मोटर एक इंडिविजुअल व्हील को पावर सप्लाई करती है, जो चुनौतीपूर्ण ऑफ रोड कंडीशन के समय में जब भी और जहां भी जरूरत पड़ने पर प्रत्येक पहियो के लिए टॉर्क जेनरेट करती है.

ऑल इलेक्ट्रिक जी-वैगन की बैटरी
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उम्मीद है कि मर्सिडीज बेंज की आने वाली जी-वैगन इलेक्ट्रिक के साथ विभिन्न रेंजों पर विचार करने के लिए कई बैटरी विकल्प पेश करेगी. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जी-वैगन जैसे वाहन के लिए कम से कम 300 किमी की ऑल-इलेक्ट्रिक रेंज की गारंटी होती है. इसका मतलब है कि इतने बड़े वाहन के लिए 90-100 किलोवॉट की बैटरी क्षमता कोई आसान काम नहीं है.

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ऑल इलेक्ट्रिक जी-वैगन ऑल इलेक्ट्रिक एसयूवी कार की स्पीड की बात करें, तो यह सिर्फ 4.4 सेकेंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है. एसयूवी की टॉप स्पीड लगभग 240 किमी प्रति घंटा है. इसमें जी63 के सस्पेंशन और डिजाइन को भी खराब रास्तों में चलने के लिए स्पेशली डिजाइन किया गया है. इसमें आगे की तरफ डबल विशबोन सस्पेंशन और पीछे की तरफ फाइव-लिंक सेटअप देखने को मिलता है. जी63 में प्रत्येक कोने पर एडेप्टिव डैम्पर्स और कॉइल स्प्रिंग भी हैं. बॉडी रोल को कम करने के लिए इसके दोनों सिरों पर स्टेबलाइजर भी हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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