ePaper

मक्का और वेटिकन सिटी बंद, तो तबलिगी मरकज में क्यों हुई जमात, लॉकेट ने ममता पर भी लगाये गंभीर आरोप

Updated at : 01 Apr 2020 2:56 PM (IST)
विज्ञापन
मक्का और वेटिकन सिटी बंद, तो तबलिगी मरकज में क्यों हुई जमात, लॉकेट ने ममता पर भी लगाये गंभीर आरोप

mecca and vetican city closed then why jamat at nizamuddin tablighi markaz asks locket chatterjee कोलकाता : पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की अध्यक्ष और सांसद लॉकेट चटर्जी ने दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलिगी जमात की सभा में लोगों के शामिल होने पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा है कि ये वे लोग हैं, जो लॉकडाउन नहीं मानेंगे. सरकार को नहीं मानेंगे. प्रधानमंत्री को नहीं मानेंगे. खुद तो संक्रमित होंगे और हजारों लोगों को संक्रमित करेंगे. निजामुद्दीन से पूरे देश में संक्रमण फैलेगा. इस मामले में दोषी लोगों को सजा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मक्का बंद है. वेटिकन सिटी बंद है, लेकिन निजामुद्दीन में जमात होगी. इन्होंने भारत को क्या समझ रखा है. लॉकेट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोरोना वायरस के मामलों को छुपाने का गंभीर आरोप भी लगाया.

विज्ञापन
अजय विद्यार्थी

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की अध्यक्ष और सांसद लॉकेट चटर्जी ने दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलिगी जमात की सभा में लोगों के शामिल होने पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा है कि ये वे लोग हैं, जो लॉकडाउन नहीं मानेंगे. सरकार को नहीं मानेंगे. प्रधानमंत्री को नहीं मानेंगे. खुद तो संक्रमित होंगे और हजारों लोगों को संक्रमित करेंगे. निजामुद्दीन से पूरे देश में संक्रमण फैलेगा. इस मामले में दोषी लोगों को सजा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मक्का बंद है. वेटिकन सिटी बंद है, लेकिन निजामुद्दीन में जमात होगी. इन्होंने भारत को क्या समझ रखा है. लॉकेट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोरोना वायरस के मामलों को छुपाने का गंभीर आरोप भी लगाया.

undefined

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि इस राज्य से निजामुद्दीन गये लोगों को क्वारेंटराइन में रखना चाहिए. जो लोग इनकी वजह से संक्रमित हुए हैं, उनकी चिकित्सा की जिम्मेदारी व उसका पूरा खर्च उन्हें ही वहन करना चाहिए. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों को सजा भी मिलनी चाहिए. सुश्री चटर्जी ने भवानीपुर में मास्क वितरित की और मास्क बनाने वाली मोर्चा की कार्यकर्ता से मुलाकात कर एक लाख मास्क तैयार करने के लिए कहा.

undefined

सुश्री चटर्जी ने आरोप लगाया कि बंगाल में अभी तक मात्र 56 लोगों का टेस्ट किया गया है. ममता बनर्जी की सरकार जांच किट का इस्तेमाल नहीं कर रही है. महाराष्ट्र व केरल जैसे राज्यों में मरीजों की जांच की जा रही है, लेकिन बंगाल में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है? उन्होंने कहा कि मरीज अस्पताल में भरती हो रहे हैं. लेकिन, उनकी जांच रिपोर्ट उनके मरने के बाद आ रही है. बंगाल में ऐसे दो मामले सामने आ चुके हैं. मरीजों के मरने के बाद पता चला कि वे कोरो वायरस से संक्रमित थे.

undefined

उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि समय रहते मरीजों की जांच हो ही नहीं रही है. इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा भेजे गये किट का इस्तेमाल करे और यदि जरूरत हुई, तो केंद्र सरकार और किट देगी. उन्होंने कहा कि डेंगू के मामले में देखा गया था कि यदि डेंगू होता था, तो डॉक्टरों से कहा गया था वे प्रिस्क्रिप्शन में डेंगू नहीं लिखें. इसी तरह से कोरोना मामले में भी कहा जा रहा है. गांव में कोरोना वायरस के मामले फैल रहे हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि कोरोना नहीं लिखें.

undefined

लॉकेट चटर्जी ने कहा कि डॉक्टरों पर दबाव है, लेकिन सरकार कोरोना और डेंगू को एक नहीं समझे. इस मामले पर राजनीति नहीं करे. राजनीति को अलग रखकर जिस तरह से पूरे विश्व में इसे रोकने की कोशिश की जा रही है, उसी तरह से बंगाल में भी किया जाये. उन्होंने सवाल किया कि सात दिनों के बाद डीएम को क्यों निर्देश दिये गये? क्यों पहले क्वारेंटाइन सेंटर नहीं बनाये गये. सूचना छिपायी जा रही है. इसे राजनीतिक रंग न देकर बंगाल को कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त करना चाहिए.

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola