महाशिवरात्रि व्रत रखने से कुंवारी कन्या को मिलता है मनचाहा वर, पूजा में शामिल करें ये चीजें, देखें लिस्ट

Maha shivratri 2023 Puja Samagri: पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. मान्यताएं है कि इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था. आगे पढ़ें महाशिवरात्रि पूजा विधि, पूजा सामग्री, पूजा के लाभ और महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त.
Maha shivratri 2023 Puja Samagri shubh muhurat puja vidhi: महाशिवरात्रि को शिवजी की शादी का उत्सव मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन शिवजी के साथ शक्ति की शादी हुई थी. इसी दिन शिवजी ने अपना वैराग्य जीवन छोड़कर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था. इस दिन शिव शक्ति की पूजा करने से भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है. कुंवारी कन्याएं यह व्रत करती हैं तो मनचाहे वर की प्राप्ति होती है वहीं विवाहित महिला, पुरुष यह यह व्रत रखते हैं तो सुख, सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है. जानें पूजा विधि, पूजा सामग्री, महाशिवरात्रि पूजा के लाभ और शुभ मुहूर्त…
महाशिवरात्रि इस वर्ष 18 फरवरी 2023, शनिवार को है. यह अत्यन्त पुण्यफलदायी महापर्व है. इस दिन किसी विशेष मनोकामना पूर्ती के लिए शुभ मुहूर्त में शिव जी के पूजा-उपासना करें-
सुवह- 11.00 बजे से दोपहर 12.57 तक
प्रदोषकाल- सायं-5.28 से 7.41 तक
महानिशारात्रि-12-11 से रात्रि 2-28 तक
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कुश का आसन
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शिवलिंग
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गंगाजल
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आंक के फूल, नील कमल
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पंचामृत (घी, गाय का कच्चा दूध, दही, शहद, शक्कर)
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पंच मेवा, पांच मौसमी फल, पांच प्रकार की मिठाई
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पान के पत्ते, लौंग, इलायची, सुपारी
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भांग, भस्म, केसर, रुद्राक्ष, मौली
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बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र
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सफेद चंदन, गन्ने का रस, हलवा
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अबीर, गुलाल, भोडल, कपूर, इत्र
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शिवा मुठ्ठी (गेहूं, काला तिल, अरहर दाल, अक्षत, मूंग)
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भगवान शिव और माता पार्वती के लिए वस्त्र
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मां पार्वती के लिए सुहाग सामग्री, चुनरी
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महाशिवरात्रि व्रत कथा, आरती पुस्तक
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दान के लिए दक्षिणा, वस्त्र, अन्न
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठें.
स्नान करने के बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें.
नजदीक के शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की भक्ती भाव के साथ पूजा करें.
गन्ने के रस, कच्चे दूध या शुद्ध घी से शिवलिंग का अभिषेक करें.
भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, फूल, मिठाई, मीठा पान, इत्र आदि अर्पित करें.
शिव चालीसा का पाठ करें और शिव आरती गाएं.
1. महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव के पूजा-उपासना करने से शिवजी शीघ्र प्रसन्न होते हैं, उनकी कृपा से भक्तों के सभी मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं.
2. शिव उपासना से मनुष्य जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विजय तथा सफलता प्राप्त करता है.
3. महाशिवरात्रि व्रत से मनुष्य अकाल मृत्यु के भय से मुक्त होता है तथा सदैव रोग मुक्त भी रहता है.
4. भगवान शिव सौभाग्य दायक हैं अतः महाशिवरात्रि को कुवांरी कन्या द्वारा इनकी आराधना करने से मनोवांछित वर प्राप्ति होती है.
5. शिवरात्रि व्रत करने से परिवार में सुख-सम्पन्नता, धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है. व्यवसाय में उन्नति तथा दुःख-दरिद्रता, निःसन्तान को संतान सुख प्राप्त होता है.
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महाशिवरात्रि व्रत करने से भगवान शिव सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद देते हैं. ऐसी मान्यता है कि यदि कुंवारी कन्या महाशिवरात्रि का व्रत निष्ठा पूर्वक करती हैं तो उन्हें मनचाहे वर की प्राप्ति होती है. ठीक ऐसे ही यदि कुंवारे लड़के महाशिवरात्रि का व्रत भक्ति भाव के साथ करते हैं तो उन्हें सौभाग्यवती कन्या मिलती है.
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लेखक के बारे में
By Anita Tanvi
Senior journalist, senior Content Writer, more than 10 years of experience in print and digital media working on Life & Style, Education, Religion and Health beat.
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