Lockdown 2.0: लॉकडाउन बढ़ने से आफत में झारखंड के 400 से ज्यादा मजदूरों की जान, मुख्यमंत्री जी ज़रा मदद करें...

Author : Amitabh Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 14 Apr 2020 12:14 PM

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Lockdown 2.0: लॉकडाउन बढ़ने की सूचना से झारखंड के 400 से ज्यादा प्रवासी मजदूर बेचैन हो उठे हैं. उनके पास खाने तक का कुछ मौजूद नहीं है.

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Lockdown 2.0 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने की मंगलवार को घोषणा करते हुए कहा कि इस महामारी को परास्त करने के लिये यह जरूरी है. इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे झारखंड के 400 से ज्यादा प्रवासी मजदूर लॉकडाउन बढ़ने की सूचना से बेचैन हैं. लॉकडाउन के कारण पहले ही सभी मजदूर बेबस हैं. खाने-पीने का संकट है. मजदूर घर लौटना चाहते हैं. लाखों मजदूर तक अब तक कोई मदद नहीं पहुंची है. रोज कमाने खानेवाले मजदूरों के सामने भोजन का संकट हैं. इन मजदूरों के लिए एक- एक दिन काटना मुश्किल है. देश के विभिन्न हिस्सों से फोन कर राज्य के प्रवासी अपनी पीड़ा साझा कर रहे हैं.

भूटान में फंसे हुए सिल्ली के मजदूर हैं, परेशान

झारखंड के पांच मजदूर भूटान में फंसे है़ं प्रभात खबर को संपर्क कर बताया कि जयप्रकाश एसोसिएट नाम की कंपनी में कार्यरत है़ं ये सभी मजदूर सिल्ली के रहनेवाले है़ं सुमन महतो, मंगलराम बेदिया, भदरु बेदिया, भीमनाथ बेदिया, तीलोचन बेदिया नाम के मजदूरों के सामने खाने का संकट है.

फोन – 9757725170, 9113146609

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-लापुंग के 30 फंसे हैं गोवा में: रांची के लापुंग में रहनेवाले करीब 30 लोग गोवा में फंसे हुए हैं. वहां वे काम के लिए गये थे. अब खाने का संकट है. फोन : 99758-67089

-गोवा में फंसे दुमका के मजदूर: दुमका के कई मजदूर गोवा में फंस गये हैं. अब उनके सामने जीवन का संकट हो गया है. परेशान हैं. संपर्क : 99053-10566

-गढ़वा के लोग हैं चेन्नई में: गढ़वा के कई लोग चेन्नई में फंस गये हैं. संकट में हैं. लौटना चाहते हैं. मदन चौबे-77300-95368

-ग्वालियर में फंसे: दुमका के राणेश्वर के लोग ग्वालियर में फंस गये हैं. एक ही कमरे में 8-10 लोगों को रहना पड़ रहा है. खाना भी नही है. संपर्क : 83027-81500

-हरियाणा में पांकी के मजदूर: पांकी के 26 मजदूर हरियाणा में हैं. वहां पानीपत में काम करते थे. काम बंद है. खाना भी खत्म हो गया है. संपर्क : 87084-80767

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कहां फंसे हैं, फोन नंबर

-गुजरात में 30 लोग

9601910731

-दिल्ली में 15 लोग

9315877915

-हैदराबाद में 22 लोग

99391217702

-वेल्लोर में एक दंपती

7292824316

-हैदराबाद में 8 लोग

8340229298

-सूरत में तीन लोग

8709118735

-सीएमसी वेल्लोर में 15 लोग

9661622456

-मुंबई में 80 लोग

9102041600

-तेलंगाना में 15 लोग

6203686174

-गोवा में 25 लोग

9975867089

-ग्वालियर में 10 लोग

8302781500

-मुंबई में 82 मजदूर

8104621521

-महाराष्ट्र में चार लोग

8530547324

-मुंबई में 30 लोग

7208281473

-मुंबई में चार लोग

7070793995

-महाराष्ट्र में 20 लोग

9372792070

-पंकज व तीन अन्य (भोपाल)

7061092841

-देवघर के छह लोग इंदौर

7061498389

-सदानंद यादव व अन्य मुंबई

9867719592

-ठाणे में एक मजदूर परिवार

7070793995

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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