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हेमंत सोरेन को ईडी कोर्ट का डबल झटका, 7 मार्च तक रहेंगे जेल में, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे

23 Feb, 2024 1:27 pm
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झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन

झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन को कोर्ट से डबल झटका लगा है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो नेता हेमंत सोरेन को 7 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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हेमंत सोरेन को कोर्ट से डबल झटका लगा है. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को गुरुवार (22 फरवरी) को 7 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वहीं दूसरी तरफ, झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में हेमंत सोरेन को शामिल होने की अनुमति देने से भी अदालत ने इंकार कर दिया.

जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को ईडी ने किया था गिरफ्तार

जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार हेमंत सोरेन की हिरासत अवधि समाप्त होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट में पेश किया. पीएमएलए कोर्ट के जज राजीव रंजन ने हेमंत सोरेन और ईडी के वकीलों की दलील सुनने के बाद झारखंड के पूर्व सीएम की न्यायिक हिरासत 7 मार्च तक बढ़ा दी.

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हेमंत सोरेन को बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति देने से इंकार

इससे पहले, पीएमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति देने से इंकार कर दिया. हेमंत सोरेन की ओर से ईडी की विशेष अदालत में याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया था कि विधानसभा के सत्र में उन्हें शामिल होने की अनुमति दी जाए. कोर्ट ने उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया.

हेमंत सोरेन और भानु प्रताप की हुई ईडी कोर्ट में पेशी

बता दें कि हेमंत सोरेन को गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही ईडी की विशेष अदालत में पेश किया गया. हेमंत सोरेन के साथ-साथ जमीन घोटाला मामले में ही गिरफ्तार किए गए राजस्व विभाग के कर्मचारी भानु प्रताप की भी कोर्ट में पेशी हुई. हेमंत सोरेन के वकील ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को जमानत पर रिहा करने की अपील की, लेकिन ईडी के वकील ने इसका विरोध किया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने हेमंत सोरेन की न्यायिक हिरासत 7 मार्च तक बढ़ा दी.

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31 जनवरी की रात को हेमंत सोरेन को ईडी ने किया था गिरफ्तार

ज्ञात हो कि प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में 31 जनवरी की रात को गिरफ्तार किया था. इसके पहले हेमंत सोरेन ने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, हेमंत सोरेन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था. कहा था कि जिस जमीन के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया है, अगर कोई साबित कर दे कि यह जमीन उनके नाम पर है, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे. झारखंड भी छोड़ देंगे.

चंपाई सोरेन के फ्लोर टेस्ट के दिन विधानसभा पहुंचे थे हेमंत सोरेन

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद झारखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में चंपाई सोरेन ने शपथ ली थी. चंपाई सोरेन सरकार के शक्ति परीक्षण के दिन विधानसभा के विशेष सत्र में जाने की अनुमति हेमंत सोरेन ने मांगी थी. पीएमएलए कोर्ट ने उन्हें फ्लोर टेस्ट में शामिल होने की अनुमति दे दी थी. उस दिन हेमंत सोरेन ने विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी.

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विधानसभा में खड़े होकर राजभवन की भूमिका पर उठाए थे सवाल

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में खड़े होकर उनकी गिरफ्तारी के मामले में राजभवन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे. हालांकि, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उनके आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था. राज्यपाल ने कहा था कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी में उनकी कोई भूमिका नहीं है. हेमंत सोरेन खुद इस्तीफा देने के लिए राजभवन आए थे. बाद में राज्यपाल ने कहा कि जो लोग उन पर हेमंत सोरेन के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें मालूम है कि वे झूठे आरोप लगा रहे हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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