100 से ज्यादा चीनी वेबसाइट्स को बैन करेगी सरकार, जानें आखिर क्यों लिया गया यह एक्शन

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100 से ज्यादा चीनी वेबसाइट्स को बैन करेगी सरकार, जानें आखिर क्यों लिया गया यह एक्शन

भारत सरकार ने इन्वेस्टमेंट से जुड़े घोटालों के लिए भारतीयों को टारगेट करने वाली 100 से अधिक चीनी वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू की है. यह स्टेप चीन द्वारा संचालित फिनांशियल फ्रॉड पर कार्रवाई के रूप में उठाया गया है.

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100 Chinese Websites To Be Banned In India: भारत सरकार ने चीन के खिलाफ काफी बड़ा एक्शन लिया है. सामने आयी जानकारी के मुताबिक़, भारत सरकार 100 से ज्यादा चीनी वेबसाइट्स को देश में बैन करने का निर्णय लिया है और इसके लिए सभी जरूरी प्रोसेस भी शुरू कर दिए गए हैं. सरकार ने यह फैसला कल लिया है और इसे लेने के पीछे कारण भी बताया है. सामने आयी जानकारी के मुताबिक़ सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि, यह सभी वेबसाइट्स भारतीय नागरिकों को अपना निशाना बनाकर देश की इकॉनमी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आये हैं जिसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बिजनेस इंडस्ट्री के लीडर्स से बात करके इन चीनी वेबसाइट्स को बैन करने का फैसला लिया है. अगर सरकार ऐसा कर देती है तो चीन को अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है.

बैन लगाने की प्रक्रिया शुरू

भारत सरकार ने इन्वेस्टमेंट से जुड़े घोटालों के लिए भारतीयों को टारगेट करने वाली 100 से अधिक चीनी वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू की है. यह स्टेप चीन द्वारा संचालित फिनांशियल फ्रॉड पर कार्रवाई के रूप में उठाया गया है. सूत्रों की माने तो, गृह मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को एक पत्र लिखकर वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आग्रह किया है. पिछले कुछ वर्षों में, भारत सरकार ने लगभग 250 चीनी ऐप्स को भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है.

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इन ऐप्स को पहले ही किया बैन

आपकी जानकारी के लिए बता दें भारत में टिकटॉक, जेंडर, शीन, कैमस्कैनर सहित ऐप्स का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया और इन ऐप्स के लाखों डाउनलोड थे. सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ये ऐप्स कथित तौर पर सेंसिटिव यूजर डेटा इकठ्ठा कर रहे थे और जरुरी परमिशन की मांग कर रहे थे. ऐसा कहा जाता है कि शत्रु राष्ट्र में सर्वर अधिग्रहीत डेटा को गलत तरीके से प्राप्त कर रहे हैं और उसका इस्तेमाल कर रहे हैं. हाल ही में, PUBG मोबाइल के भारतीय वर्जन जिसे BGMI या बैटलग्राउंड मोबाइल इंडिया कहा जाता है, को Google Play स्टोर और Apple ऐप स्टोर से हटा दिया गया था. बैटल रॉयल गेम ने भारत में बहुत लोकप्रियता हासिल की, केवल एक वर्ष में 100 मिलियन से अधिक यूजर्स को पार कर लिया.

कई बैंक अकाउंट्स से जटिल रूप से जुड़ी हुई पाई गईं

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये वेबसाइटें कई बैंक अकाउंट्स से जटिल रूप से जुड़ी हुई पाई गईं, जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए खातों के बीच पैसे ट्रांसफर किये गए. बदले में, राह को और अधिक अस्पष्ट करने के लिए पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जा रहा था. देश की फाइनेंशियल सिस्टम को प्रभावित करने वाले ऐसे घोटालों के बारे में विभिन्न राज्यों द्वारा चिंता जताई गई, जिससे सरकार को एक्टिव स्टेप्स उठाने के लिए प्रेरित किया गया. हैदराबाद पुलिस ने इस तरह के सबसे बड़े घोटालों में से एक का खुलासा किया, जहां एक चीनी संचालित योजना ने लगभग 712 करोड़ रुपये जुटाए. पीड़ितों को अट्रैक्टिव पार्ट टाइम जॉब्स के वादे के साथ टेलीग्राम ऐप के माध्यम से लुभाया गया था. एक शिकायतकर्ता ने हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस को सूचित किया कि वह टेलीग्राम पर पोस्ट की गई ‘रेट एंड रिव्यू’ जॉब का शिकार हो गया है.

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सौरभ पोद्दार

लेखक के बारे में

By सौरभ पोद्दार

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन टॉपिक्स पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की हिंदी में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और SEO-फ्रेंडली होते हैं.

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