धनबाद के मछली बाजार पर गैंग्स की गिद्धदृष्टि, खौफ में कारोबारी, पुलिस नकेल लगाये नहीं तो बिगड़ सकता है माहौल

Updated at : 16 Sep 2020 10:36 AM (IST)
विज्ञापन
धनबाद के मछली बाजार पर गैंग्स की गिद्धदृष्टि, खौफ में कारोबारी, पुलिस नकेल लगाये नहीं तो बिगड़ सकता है माहौल

गैंग्स ऑफ वासेपुर के गुर्गे एक बार फिर मछली बाजार में कब्जा जमाने की फिराक में है. इसके लिए वे दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. कभी बाहर से आने वाली मछली गाड़ी के चालक से मारपीट की जाती है, तो कभी मछली व्यवसायियों को डराने के लिए अलग अलग हथकंडे अपनाये जाते हैं

विज्ञापन

नीरज अंबष्ट, धनबाद : गैंग्स ऑफ वासेपुर के गुर्गे एक बार फिर मछली बाजार में कब्जा जमाने की फिराक में है. इसके लिए वे दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. कभी बाहर से आने वाली मछली गाड़ी के चालक से मारपीट की जाती है, तो कभी मछली व्यवसायियों को डराने के लिए अलग अलग हथकंडे अपनाये जाते हैं. शहर का मछली बाजार पर पहले भी कब्जे की कोशिश हो चुकी है. मछली का बाजार हालांकि फैला हुआ है, लेकिन मुख्य केंद्र पुराना बाजार है. घाघीडीह (जमशेदपुर) जेल में बंद गैंगस्टर फहीम खान ने भी दो दशक पहले मछली पट्टी में घुसपैठ की कोशिश की थी. लेकिन व्यवसायियों की एकजुटता के कारण उसे बैकफुट पर जाना पड़ा था.

Also Read: धनबाद के मछली बाजार पर गैंग्स की गिद्धदृष्टि, खौफ में कारोबारी, पुलिस नकेल लगाये नहीं तो बिगड़ सकता है माहौल

रविवार की घटना के पीछे वर्चस्व का मंसूबा : गैंग्स ने एकाधिकार जमाने की नीयत से ही रविवार को मछली मंगवायी थी. इस दौरान दूसरे व्यापारियों की मछली भी मंडी में उतरी. इससे मछलियों की कीमत गिर गयी. इसके बाद गैंग्स ने दूसरे व्यापारियों के लिए मछली लाने वालों के साथ मारपीट की और वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. खौफ ऐसा कि मामले की थाने में शिकायत तक नहीं की गयी. गैंग्स ने इस दौरान सभी कारोबारियों से कहा कि अब जिन्हें मछली लेनी है, वह उनके आदमी से लेकर कारोबार करे.

पहले भी मछली के धंधे में उतर चुका है गैंग्स : पुराना बाजार मछली गद्दी में गैंग्स पहले भी उतर चुका है. 90 की दशक में गैंग्स ऑफ वासेपुर के डॉन और जेल में बंद सजायाफ्ता फहीम खान मछली के धंधा में उतरा था. उस दौरान फहीम के कई सहयोगियों ने खुल कर उसका साथ दिया. एक गद्दी में अपने गुर्गों को बैठा कर धंधा शुरू किया. शुरुआत में ही फहीम और उसके आदमी पूरे बाजार पर कब्जा जमाने के फिराक में थे.

Also Read: 15 दिनों में बदलेगी कोविड-19 अस्पताल की व्यवस्था, इन सुविधाओं में व्यापक सुधार

उन्होंने कई बड़े मछली कारोबारियों को धमकाना शुरू किया. इस दौरान सभी पुराने व्यापारी एक जुट हुए और फहीम खान का विरोध करना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से मारपीट भी हुई थी. डेढ़ साल के बाद रंगदारी फिक्स होने के बाद फहीम ने इस धंधा को छोड़ दिया. कहा जाता है कि अभी भी कई बड़े व्यवसायी फहीम को प्रतिमाह रंगदारी पहुंचा रहे हैं.

पुराना बाजार में 15 गद्दी से होता है कारोबार : धनबाद जिला का सबसे पुराना और सबसे बड़ा मछली आढ़त पुराना बाजार मछली पट्टी है. मछली गद्दी में 15 छोटे बड़े मछली व्यापारी हैं. कई व्यवसायी अपनी दुकान के नाम से मछली का कारोबार करते हैं. मछली मंडी में डीएफसी, लक्की फिश, जेएमएम, अनवर, आरजू, एनकेएस, फिरोज, टीटीएस सहित कई छोटे मछली कारोबारी काम कर रहे हैं. यहां की मंडी सुबह साढ़े तीन से चार बजे के बीच शुरू हो जाती है. सुबह से ही खुदरा मछली बेचने वाले पहुंचने लगते हैं. सुबह छह बजते बजते मछली का थोक कारोबार समाप्त हो जाता है. उसके बाद इस मंडी में सिर्फ खुदरा मछली का कारोबार होता है.

Post by : Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola