साहिबगंज : 4.5 करोड़ से बनने वाले ग्रामीण सोलर मिनी ग्रिड का शिलान्यास

Updated at : 06 Dec 2023 6:04 AM (IST)
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साहिबगंज : 4.5 करोड़ से बनने वाले ग्रामीण सोलर मिनी ग्रिड का शिलान्यास

बानूटोला एवं असराउल टोला जाने के लिए एकमात्र लाइफ लाइन नाव की सुविधा है. सोलर प्लांट शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पदाधिकारी भी नाव के माध्यम से संबंधित गांव पहुंचे.

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साहिबगंज : उधवा प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती गंगा नदी के बीच टापू पर अवस्थित दक्षिण पलाशगाछी पंचायत के बानूटोला एवं असराउल टोला में आजादी के बाद पहली बार सरकार की ओर से विद्युत आपूर्ति करने की पहल की गयी है. झारखंड सरकार के ऊर्जा विभाग की उपक्रम एजेंसी जरेडा के माध्यम से 4.5 करोड़ की लागत से सोलर मिनी माइक्रो ग्रिड का निर्माण होना है. मंगलवार को मुखिया नसीफा खातून ने शिलान्यास किया. इस अवसर पर डीडीसी प्रभात कुमार बरदियार शामिल हुए. डीडीसी ने कहा कि दक्षिण पलाशगाछी के इस गांव में बिजली नहीं पहुंची थी, क्योंकि यह नदी के बीचों-बीच बसा है. पंचायत के जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर राज्य के ऊर्जा विभाग के शत प्रतिशत अनुदान पर ग्रामीण सोलर मिनी ग्रिड लगाया जा रहा है. इसके माध्यम से प्रत्येक घरों में तीन एलइडी बल्ब लगाया जायेगा और नि:शुल्क विद्युत आपूर्ति की जायेगी. ग्रामीण स्तर पर निगरानी समिति बनाकर इसका संचालन किया जायेगा. वर्ष 2024 के मार्च-अप्रैल माह तक दोनों गांव के लगभग 600 से अधिक घरों के ग्रामीण इस योजना से लाभान्वित होंगे. मौके पर राधानगर थाना प्रभारी चिरंजीत प्रसाद, अखिल द्ववेदी, शाहिन राजा, तजरुल हक, महबूब शेख, पंकज अकेला, फिठू पठान, पंकज अकेला समेत अन्य मौजूद थे.


नाव से गांव पहुंचे पदाधिकारी

बानूटोला एवं असराउल टोला जाने के लिए एकमात्र लाइफ लाइन नाव की सुविधा है. सोलर प्लांट शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पदाधिकारी भी नाव के माध्यम से संबंधित गांव पहुंचे. मालूम हो कि यह गांव झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की सीमावर्ती इलाके पर अवस्थित है.

लालटेन – ढिबरी की रोशनी पर निर्भर थे दियारावासी

एक ओर जहां देश चांद पर पहुंच चुका है. वहीं दियारा के लोग देश आजाद होने के बाद से बल्ब की रोशनी देखने को तरस गये थे. इस युग में भी लालटेन एवं ढिबरी पर निर्भर होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं. प्लांट लगने की घोषणा होते ही विशेष कर वृद्धों की आंखों में खुशी के आंसू भर आये. कहा कि उनके जीवन तो अंधकार में बीत गयी. लेकिन अब उनके बच्चों की भविष्य भी अवश्य ही रोशन होगी. सौर ऊर्जा से प्राप्त होने वाले बिजली के इस पहल पर ग्रामीणों ने पदाधिकारी का धन्यवाद ज्ञापन किया.आज तक गांव में बिजली नहीं पहुंच पाई है. इसलिए सौर ऊर्जा का प्लांट लगने पर परिजनों की सहमति से गांव के हित के लिए जमींन दान किया गया है ताकि सोलर प्लांट लगाकर विद्युत आपूर्ति किया जा सके.

-समसून बीबी, ग्रामीण सह जमीनदाता.

अंधकार में विशेष कर महिलाओं को काफी परेशानी होती थी. पूरे गांव में रोशनी मिलने से काफी सुविधाएं होगी.

-मोमीना बीबी, ग्रामीण

वृद्ध काल में पहुंचकर गांव में सौर ऊर्जा से बिजली पहुंचाने की शिलान्यास होते ही यह संतुष्टि लग रही है कि अब बच्चों को अंधकारमय जीवन नहीं व्यतित करना पड़ेगा.

-इरफान शेख, ग्रामीण.

उम्र बीत गयी. आज तक गांव में बिजली नहीं पहुंची थी. गांव विशेष के लिए सोलर मिनी ग्रिड लगाकर विद्युत आपूर्ति की जायेगी. बहुत ही खुशी का क्षण है.

सत्तार शेख, ग्रामीण.

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