धनबाद : मुहाना भरने के कुछ घंटे बाद ही एएमपी कोलियरी में फिर कोयला चोरी शुरू, मजदूरों से कराया जा रहा अवैध खनन

बीसीसीएल की विभिन्न बंद परियोजनाओं, कोलियरियों व नये पैच से कोयला की अवैध कटाई जारी है. इसमें बाहर के मजदूरों की मदद ली जा रही है. अवैध खनन करनेवालों की हिम्मत ऐसी कि वो किसी की परवाह नहीं करते.
बीसीसीएल की विभिन्न बंद परियोजनाओं, कोलियरियों व नये पैच से कोयला की अवैध कटाई जारी है. इसमें बाहर के मजदूरों की मदद ली जा रही है. अवैध खनन करनेवालों की हिम्मत ऐसी कि वो किसी की परवाह नहीं करते. खुलेआम कोयला चोरी कर रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण बरोरा एरिया की एएमपी कोलियरी के फोर ए पैच के समीप बंद ओल्ड वर्किंग फेस में देखने को मिला. शनिवार को अवैध खदान में दर्जन भर लोगों के फंसने पर मुहाना बंद करने का अभियान रोक कर बीसीसीएल ने उन्हें बाहर निकलने दिया. बाद में प्रबंधन ने पुलिस व सीआइएसएफ की मौजूदगी में अवैध खदान के कई मुहानों को बंद कराया. सोमवार को जब प्रभात खबर की टीम वहां पहुंची, तो वे मुहाने खुले मिले. कोयला तस्करों का सिंडिकेट पुलिस-प्रशासन, बीसीसीएल व सीआइएसएफ को चुनौती देते हुए डंके की चोट पर पुनः अवैध माइंस का मुहाना खोल कर धड़ल्ले से कोयले का अवैध खनन करा रहा था.
समय @ दोपहर 01 बजे
सोमवार को दोपहर एक बजे जब प्रभात खबर की टीम गोविंदपुर एरिया तीन में जोगीडीह के समीप बीसीसीएल के ओल्ड वर्किंग फेस की बंद माइंस पहुंची, तो ऊपर में चार-पांच मोटरसाइकिलों पर लदा अवैध कोयला मिला. बाइक सवार कोयला चोरों ने बताया कि यही रोजी-रोटी है. एक व्यक्ति मुंह ढक कर कुछ दूर बैठा हुआ था. पूछने पर उसने बताया कि कुछ लोगों को गोड्डा से बुला कर उनसे यहां पर अवैध रूप से कोयला कटवाया जाता है. वह खुद भी गोड्डा का रहनेवाला था. खदान में नीचे की ओर बढ़ने पर दो लोग गैंता और बेलचा लेकर आते दिखे. पूछने पर कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
खुले थे बंद खदानों के मुहाने, अंदर से आ रही थी आवाज
प्रभात खबर की टीम जब नीचे बंद खदान में पहुंची, तो देखा कि दो-तीन महिलाएं कोयला चुन रही हैं. अवैध खदानों में से दो-तीन के मुहाने खुले हुए थे. दो दिन पूर्व जिन मुहानों को बंद करने का दावा बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा किया गया था, उनमें से तीन मुहाने खुले मिले. उसमें कोई आदमी तो नहीं दिखा. लेकिन अंदर से खटखट की आवाज आ रहा थी.
वर्षों से बंद है उत्पादन, पर अवैध खनन जारी
जिस जगह से कोयले की तस्करी की जा रही है, वहां काफी अर्से से बीसीसीएल का काम बंद है. वर्षों पहले यहां मुराईडीह परियोजना द्वारा डिपार्टमेंटल कोयला का उत्पादन किया गया था. परियोजना विस्तारीकरण में जमीन की समस्या उत्पन्न होने के बाद रैयतों के दबाव में बीसीसीएल प्रबंधन को काम बंद करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिनों से कोयला तस्करों की नजर इस सुनसान इलाके के बंद ओल्ड वर्किंग फेस पर पड़ने के बाद यहां से कोयला चोरी जारी है. कोयला तस्करों के मजबूत सिंडिकेट के सामने स्थानीय पुलिस, सीआइएसएफ व बीसीसीएल प्रबंधन भी चुप्पी साधे रहते हैं. हालांकि समय-समय पर बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा पुलिस और सीआइएसएफ की मौजूदगी में अवैध मुहानों की डोजरिंग करायी जाती है. लेकिन यह दिखावा भर है. कुछ होता नहीं.
कोटदो दिन पूर्व अवैध मुहानों की भराई करायी गयी थी. पुनः निरीक्षण कर मजबूती के साथ अवैध खोले गये मुहानों की भराई करायी जायेगी.
पीयूष किशोर, जीएम, बरोरा एरिया
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




