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चंदन सोनार से होटल व्यवसायी बना चंद्रमोहन निकला देश के सबसे बड़े किडनैपिंग गिरोह का सरगना, 6 राज्यों की पुलिस को थी तलाश

Updated at : 14 Mar 2021 12:19 PM (IST)
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चंदन सोनार से होटल व्यवसायी बना चंद्रमोहन निकला देश के सबसे बड़े किडनैपिंग गिरोह का सरगना, 6 राज्यों की पुलिस को थी तलाश

गुजरात के हीरा व्यापारी के पुत्र सोहैल हिंगोरा के अपहरण में वह मुख्य आरोपी है. इस अपहरण में 25 करोड़ रुपये फिरौती वसूलने की बात चर्चा में है. छह राज्यों बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल और गुजरात पुलिस को विभिन्न अपहरणकांडों में उसकी तलाश थी. बराकर इलाके के युवा उद्योगपति तेजपाल सिंह अपहरण कांड में सीआइडी की टीम ने उसे गिरफ्तार किया.

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आसनसोल : तेजपाल अपहरणकांड की जांच कर रही सीआईडी ने देश के सबसे बड़े अपहरण गिरोह के सरगना चंदन सोनार को गिरफ्तार कर लिया है. 10 वर्षों से अपनी पहचान बदलकर होटल व्यवसायी के रूप में सिंघरौली (मध्यप्रदेश) में जीपी पैलेस होटल का संचालन कर रहा था. चंदन को किडनैपिंग किंग के रूप में पूरे देश में जाना जाता है.

गुजरात के हीरा व्यापारी के पुत्र सोहैल हिंगोरा के अपहरण में वह मुख्य आरोपी है. इस अपहरण में 25 करोड़ रुपये फिरौती वसूलने की बात चर्चा में है. छह राज्यों बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल और गुजरात पुलिस को विभिन्न अपहरणकांडों में उसकी तलाश थी. बराकर इलाके के युवा उद्योगपति तेजपाल सिंह अपहरण कांड में सीआइडी की टीम ने उसे गिरफ्तार किया.

2011 में जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद हो गया गायब

वर्ष 2010 में एक अपहरण के मामले में पटना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. रांची और हाजीपुर जेल में भी वह बंद था. वर्ष 2011 में जमानत पर रिहा होने के बाद वह गायब हो गया. तबसे वह अपनी पहचान बदलकर सिंघरौली में रहने लगा. वहां वह एक शानदार होटल बनाया. इसके साथ ही वह ठेकेदारी का कार्य भी करता था. सिंघरौली में उसने कोई अपराध नहीं किया.

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अन्य राज्यों में होने वाले हर अपहरण में उसका नाम आता था. उसके शागीर्द पुलिस को कांड में उसकी संलिप्ता की जानकारी देते, लेकिन वह कहां है, अभी कैसा दिखता है, इसकी जानकारी पुलिस को नहीं होती थी. सूरत के हीरा व्यापारी के पुत्र सोहैल हिंगोरी का अपहरण पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था. इस कांड में चंदन का नाम आया.

झारखंड के कई अपहरण मामले में था चंदन का हाथ

वर्ष 2020 में रायपुर से व्यवसायी प्रवीण सोमानी के अपहरण में भी चंदन सोनार गैंग का नाम आया. इसके अलावा भी झारखंड के गोमिया से व्यवसायी महाबीर जैन, रांची में होटल कावेरी के संचालक लव भाटिया, ज्वेलर परेश मुखर्जी, जमीन कारोबारी मदन सिंह के बेटे के अपहरण में भी इस गिरोह का नाम आया. इसके अनेकों शागिर्द पकड़े गए लेकिन पुलिस को चंदन हाथ नहीं लगा.

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तेजपाल अपहरण में फिरौती लेने की बात स्वीकारी

प्राथमिक पूछताछ में चंदन ने सीआईडी अधिकारियों को बताया कि फिरौती की पूरी रकम (2.60 करोड़ रुपये) उसने संग्रह की थी. उसने किसे कितना पैसा दिया इसे लेकर बार-बार वह अपना बयान बदल रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि रिमांड अवधि में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा.

सगे संबंधियों से नहीं रखता था संपर्क

चंदन सिंघरौली में अपने माता-पिता, भाई, पत्नी और एक बेटे के साथ रहता है. उसकी दो बहनें भी हैं. सीआईडी को उसने बताया कि बहनों के साथ भी वह कोई संपर्क नहीं रखता था. उसे डर था कि किसी प्रकार उसके नाम का खुलासा हो गया तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी. किसी सगे-संबंधी को दस वर्षों में उसने फोन पर भी बात नहीं की.

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फिरौती से 500 करोड़ से अधिक कमाये

चंदन सोनार और उसके गिरोह का मुख्य पप्पू चौधरी ने अपहरण के जरिये 500 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की है. सीआईडी की टीम इसकी भी जांच कर रही है. पूरे देश में कुल 40 अपहरण के मामलों में चंदन सोनार गिरोह का नाम सामने आया है. किसी भी कांड को अंजाम देने के लिए चंदन उस इलाके के लड़कों को ही काम में लगाता था. पूरा प्लान खुद तैयार करता था, स्थानीय लड़के उसपर अमल करते थे. स्थानीय लड़कों के पकड़े जाने के बाद भी चंदन के नाम का खुलासा नहीं होता था. जिसके कारण ही वह अबतक पुलिस से बचता रहा है.

सीआइडी टीम को मिल रही है हर राज्य से सराहना

चंदन सोनार को पकड़ने के लिए राज्य सीआईडी टीम को सभी राज्यों से सराहना मिल रही है. छह राज्यों में चंदन का आतंक रहा है. व्यवसायी उसका नाम सुनते ही कांप जाते थे. 10 वर्षों तक नाम बदलकर सिंघरौली में रहने की भनक किसी भी राज्य की पुलिस को नहीं मिली थी.

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पश्चिम बंगाल सीआईडी की टीम द्वारा उसे गिरफ्तार करने की सूचना सभी राज्यों में पहुंच गयी है. जहां जिस थाने में भी चंदन के खिलाफ मामला दर्ज है या अपहरण हुआ है, सभी जगहों की पुलिस सीआईडी से संपर्क किया है. वे यहां आकर चंदन से पूछताछ करेंगे. दस वर्षों के दौरान उसके कहां-कहां कांड किया इसका खुलासा हो सकता है.

Posted By : Mithilesh Jha

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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