Jharkhand Lockdown Violation: कोडरमा में हो रही थी शादी, पुलिस को देख भागे बाराती, दूल्हा-दुल्हन समेत 50 पर केस दर्ज

case registered against 50 including bride and groom in koderma district of jharkhand for violating lockdown कोडरमा : कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लगाये गये लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोडरमा जिला (Koderma District) के तिलैया (Tilaiya) थाना क्षेत्र के इंदरवा (Inderwa) में शादी समारोह (Marriage Ceremony) वर-वधू पक्ष पर भारी पड़ गया. दूल्हा-दुल्हन (Bride-Groom) सहित 50 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है.
कोडरमा : कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लगाये गये लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कोडरमा जिला (Koderma District) के तिलैया (Tilaiya) थाना क्षेत्र के इंदरवा (Inderwa) में शादी समारोह (Marriage Ceremony) वर-वधू पक्ष पर भारी पड़ गया. दूल्हा-दुल्हन (Bride-Groom) सहित 50 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है.
बताया जाता है कि सूर्य मंदिर में इंदरवा के सूरज यादव पिता उपेंद्र यादव व डोमचांच के मधुबन की डॉली कुमारी पिता सुरेश यादव परिणय सूत्र में बंधने ही वाले थे कि पुलिस पहुंच गयी. पुलिस की गाड़ी को देखते ही कई बाराती भाग खड़े हुए. पुलिस ने इस संबंध में दूल्हा-दुल्हन सहित 50 लोगों पर केस दर्ज किया है.
दरअसल, लॉक डाउन के कारण बगैर अनुमति किसी भी समारोह के आयोजन पर पूरी तरह से रोक है. किसी शादी समारोह में 20 से ज्यादा लोगों के जुटने की अनुमति नहीं है. बावजूद इसके, इंदरवा सूर्य मंदिर में 50 से ज्यादा लोग जमा थे और वर-वधू पक्ष के अलावा कुछ बाराती भी लॉकडाउन में होने वाली इस शादी का गवाह बनने पहुंचे थे.
सूचना पर पुलिस मंदिर पहुंची, तो कई लोग भाग गये. पुलिस ने दोनों पक्षों से वैध कागजात की मांग की, तो वर पक्ष की ओर से बीडीओ को दिया गया आवेदन ही दिखाया गया, जबकि इस आवेदन के आलोक में बीडीओ से शादी समारोह की अनुमति नहीं मिली थी.
थाना में एएसआई विकेश कुमार के बयान पर कांड संख्या 67/20 दर्ज किया गया है. इसमें कहा गया है कि 5 मई 2020 को मैं दिवा गश्ती में सशस्त्र बल के साथ भ्रमणशील था. करीब 3 बजे सूचना मिली कि छठ तालाब इंदरवा बस्ती में कोविड-19 के गाइडलाइन का उल्लंघन कर शादी हो रही है.
उन्होंने आगे कहा है कि वहां पहुंचे, तो देखा कि शादी में करीब 50 लोगों की भीड़ जमा है. पुलिस की गाड़ी देखकर ये लोग भागने लगे. शादी में शामिल लड़का पक्ष के कुछ लोग वहां मौजूद रहे. इनके पास वैध अनुमति पत्र भी नहीं मिला.
एएसआई ने आगे कहा है कि कोविड-19 लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए शादी में शामिल होना नियम विरुद्ध है. इससे कोविड-19 जैसी घातक जानलेवा बीमारी का संकट बढ़ने का खतरा है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने 10 नामजद के अलावा 40 अज्ञात लोगों पर आइपीसी की धारा 188, 270 व आपदा प्रबंधन अधिनियम 51 ख के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
लॉकडाउन के बीच बगैर अनुमति किसी भी तरह के समारोह के आयोजन की पूर्ण रूप से मनाही है, वहीं शादी समारोह को लेकर लॉकडाउन-2 में महज 20 लोगों के ही जुटने की अनुमति दी गई थी. इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य नियमों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन-3 को लेकर जारी किए गए गाइडलाइन में यह संख्या 20 से बढ़ाकर 50 की गई है, पर झारखंड सरकार ने वर्तमान में लॉकडाउन-2 के ही नियमों को लागू रखा है. ऐसे में शादी समारोह का आयोजन एक मापंदड के तहत वर व वधू पक्ष के लोग अपने घर पर ही कर सकते हैं. किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक जगह पर आयोजन नहीं करना है. इस मामले में इन नियमों का पालन नहीं हुआ. बताया जाता है कि वधू पक्ष की तरफ से दुल्हन के पिता ने डोमचांच बीडीओ को दो मई को आवेदन देकर पांच तारीख को ध्वजाधारी धाम में शादी रचाने को लेकर अनुमति मांगी थी, जिसे चार मई को बीडीओ ने जिला स्तर पर अपर समाहर्ता को फॉरवर्ड किया था. एसी अनिल तिर्की के अनुसार चूंकि आवेदन में ध्वजाधारी धाम का जिक्र था, इसलिए इसे अस्वीकृत करते हुए दूसरा आवेदन देने को कहा गया था, पर मिला नहीं. ऐसे में अनुमति नहीं दी गई थी.
दूल्हे की मां सुनीता देवी ने बताया कि शादी की तारीख लॉकडाउन की वजह से दो बार टल चुकी थी. दिसंबर में तिलक हुआ था, पहले 26 अप्रैल को शादी निर्धारित थी, पर इसे बदलकर तीन मई किया गया, लेकिन फिर से लॉकडाउन बढ़ने के कारण हम लोगों ने नियमानुसार शादी कराने की सोची. शादी कार्यक्रम में हम सभी परिवार के मात्र 15 लोग ही थे. चूंकि गांव के मंदिर में शादी हो रही थी तो वहां कुछ लोग पहुंच गए. पुलिस प्रशासन को इस बात को समझना चाहिए.
बिना अनुमति विवाह के इस मामले में दूल्हा सूरज यादव (23) पिता उपेंद्र यादव निवासी इंदरवा बस्ती वार्ड नंबर 5 के साथ दुल्हन डॉली कुमारी (20) पिता सुरेश यादव निवासी मधुबन डोमचांच के अलावा शादी कराने वाले पंडित बबूलाल पांडेय पिता स्व राजेश्वर पांडेय निवासी इंदरवा बस्ती को भी आरोपी बनाया गया है.
इसके साथ ही लड़का पक्ष से उसकी मां सुनीता देवी पति उपेंद्र यादव, राजेश यादव उर्फ लल्लू पिता स्व रामलखन यादव सभी इंदरवा बस्ती, लड़की पक्ष से दुल्हन के पिता सुरेश यादव पिता भीखन यादव, धनेश्वर यादव पिता भीखन यादव, बालेश्वर यादव, भीखन यादव, अजय यादव पिता सुरेश यादव सभी मधुबन डोमचांच, मोहन दास पिता स्व जगदीश दास निवासी तिलिया बस्ती व 40 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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