Birsa Munda Punyatithi 2022: शहीद ग्राम विकास योजना से बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू की कितनी बदली तस्वीर
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 09 Jun 2022 1:07 PM
Birsa Munda Punyatithi 2022: शहीद ग्राम विकास योजना के तहत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के गांव खूंटी के उलिहातू में 136 पक्के मकान बनाये जाने थे. इनमें से 102 पर काम चल रहा है. एक भी मकान का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है. पानी की किल्लत से लोग जूझ रहे हैं.
Birsa Munda Punyatithi 2022: धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का आज शहादत दिवस (9 जून) है. इनके गांव झारखंड के खूंटी जिले के उलिहातू के विकास को लेकर कई दावे और वादे किए गए, लेकिन बिरसा मुंडा की जन्मस्थली की तस्वीर बहुत ज्यादा नहीं बदली. इस पावन स्थली के विकास के लिए वर्ष 2017 में शहीद ग्राम विकास योजना की शुरुआत की गयी थी. बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इसका शिलान्यास किया था, लेकिन 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी सूरत नहीं बदली है.
एक भी मकान का निर्माण कार्य नहीं हुआ पूरा
शहीद ग्राम विकास योजना के तहत बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू में 136 पक्के मकान बनाये जाने थे. इनमें से 102 पर काम चल रहा है. एक भी मकान का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है. पानी की कमी के कारण आवास योजना भी धीमी गति से चल रही है. आपको बता दें कि शहीद ग्राम विकास योजना के तहत शहीद के गांव में पक्के मकान, शुद्ध पेयजल, बिजली, शिक्षा और आधारभूत संरचनाओं का संपूर्ण विकास किया जाना था.
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पेयजल की किल्लत से जूझ रहा शहीद का गांव
शहीद ग्राम विकास योजना के तहत वर्ष 2021-22 के लिए उलिहातू में सात और योजनाएं स्वीकृत की गयी हैं. इनमें पांच पीसीसी, एक चेकडैम का जीर्णोद्धार और एक तालाब निर्माण शामिल हैं. यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है. गर्मी के दिनों में जलस्तर इतना नीचे चला जाता है कि कुएं और चापाकल सूख जाते हैं.
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डाड़ी का पानी पीने की बेबसी
ग्रामीणों को गांव से दूर डाड़ी से पानी लाना पड़ता है. गांव में निर्मित ग्रामीण जलापूर्ति योजना तीन साल से बेकार पड़ी है. सोलर आधारित जलापूर्ति योजना भी ग्रामीणों की प्यास बुझाने में समर्थ नहीं है. उलिहातू में एक जनजातीय आवासीय विद्यालय संचालित है. एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी बनाया गया है. उलिहातू में ग्राम संसद भवन, पुस्तकालय का भी निर्माण किया गया है. हालांकि, उसका समुचित उपयोग नहीं हो पाता है.
पानी व बिजली की समस्या से परेशान
बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू के ग्रामीण सामुएल पूर्ति, प्रसाद पूर्ति एवं एतवा मुंडा बताते हैं कि उलिहातू गांव में पानी की काफी समस्या है. जलमीनार तीन साल से खराब है. बिरसा मुंडा के आवास के पास बनी सोलर हाई मास्ट लाइट भी खराब है. जलमीनार खराब होने से ग्रामीण गांव से कुछ दूरी पर स्थित कुआं और डाड़ी से पानी लाते हैं. गांव में कई लोगों को आवास योजना का लाभ मिला है, लेकिन अब तक सभी पूरे नहीं हुए हैं.
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जल जीवन मिशन से पानी की समस्या होगी दूर
उलिहातू में पानी की समस्या दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति योजना तैयार की गयी है. इसमें लगभग 14.04 करोड़ की लागत आयेगी. विभाग के अनुसार टेंडर की प्रक्रिया चल रही है. योजना के तहत सायको के पास से तजना नदी से पानी उलिहातू तक पहुंचाया जायेगा. इसकी क्षमता 1.3 एमएलडी होगी. इसके तहत उलिहातू के साथ-साथ बाड़ीनिजकेल पंचायत के सभी घरों में पानी देने की योजना है. उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि जलापूर्ति योजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. एक महीने के अंदर काम शुरू हो जायेगा. आवास निर्माण का कार्य भी पूरा किया जा रहा है. उलिहातू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास है.
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रिपोर्ट : चंदन कुमार, खूंटी
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