कलकत्ता हाईकोर्ट: बागतुई हत्याकांड के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई हिरासत में मौत की एसआईटी जांच के आदेश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 May 2023 11:16 PM
रेशमा बीबी ने आरोपी सीबीआई अधिकारियों के हाईकोर्ट के संरक्षण पर भी सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई अधिकारियों ने उसके पति को मार डाला था. हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा क्यों दी? बीरभूम के रामपुरहाट के बागतुई चौराहे पर उपप्रधान और स्थानीय तृणमूल नेता भादू शेख की बम से हत्या कर दी गयी थी.
बीरभूम (पश्चिम बंगाल), मुकेश तिवारी. कलकत्ता हाईकोर्ट ने बागतुई हत्याकांड के मुख्य आरोपी लालन शेख की सीबीआई हिरासत में मौत मामले की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं. जस्टिस जय सेनगुप्ता ने सोमवार को यह आदेश दिया. मृतक लालन शेख की पत्नी रेशमा बीबी ने मीडिया के समक्ष हाईकोर्ट के इस आदेश का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि जो वाकई दोषी हैं, उन्हें सजा मिले. रेशमा बीबी ने कहा कि मैं यह खबर सुनकर खुश हूं. अदालत ने जो निर्देश दिया है, वह अच्छे के लिए दिया है. अब मेरे पति के हत्यारों को सजा मिलेगी.
रेशमा बीबी ने आरोपी सीबीआई अधिकारियों के हाईकोर्ट के संरक्षण पर भी सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि सीबीआई अधिकारियों ने उसके पति को मार डाला था. हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा क्यों दी? संयोग से पिछले साल 21 मार्च की शाम को बीरभूम के रामपुरहाट के बागतुई चौराहे पर रामपुरहाट एक ब्लॉक के बडसाल ग्राम पंचायत के उपप्रधान और स्थानीय तृणमूल नेता भादू शेख की बम से हत्या कर दी गयी थी. आरोप है कि हत्या का बदला लेने के लिए बागतुई गांव में भादू शेख के कार्यकर्ताओं ने बच्चों समेत 10 लोगों को जिंदा जलाकर हत्या कर दी थी. हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की कमान संभाली. इस हत्याकांड में भादू शेख के कार्यकर्ता लालन शेख को मुख्य आरोपी बनाया गया था. सीबीआई ने जांच शुरू होने के कुछ महीने बाद उसे झारखंड के एक गांव से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद 12 दिसंबर को रामपुरहाट स्थित सीबीआई के अस्थाई कैंप के बाथरूम से लालन का लटकता हुआ शव बरामद हुआ था. तब लालन के परिवार के सदस्यों सहित ग्रामीणों ने सीबीआई के अस्थायी शिविर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था.
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लालन शेख की पत्नी रेशमा बीबी ने सीबीआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई के तीन अधिकारियों ने उनसे रिश्वत की मांग की थी. करीब 50 लाख रुपए के बदले लालन को बचाने का वादा किया था. सीबीआई ने रामपुरहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी में उक्त अधिकारियों के नाम का उल्लेख किया था. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लालन शेख की मौत के मामले की जांच सीआईडी को दी गयी थी. सीबीआई हिरासत में लालन शेख की मौत की जांच का जिम्मा सीआईडी ने लिया था, लेकिन सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एसआईटी गठित कर घटना की जांच के आदेश दिये हैं. बताया जाता है कि आईपीएस अधिकारी प्रणब कुमार (आईजीपी) के नेतृत्व में गठित एसआईटी इस मामले की जांच करेगी. होमीसाइडर वीरेश्वर चटर्जी होंगे. ये दोनों अधिकारी तय करेंगे कि एसआईटी के बाकी सदस्य कौन होंगे?
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