Microwave में स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन में खाना क्यों नहीं गर्म करना चाहिए? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

Microwave में स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन क्यों नहीं डालना चाहिए?
Microwave: माइक्रोवेव में खाना गर्म करना काफी आसान होता है. इससे काफी समय भी बचता है. लेकिन इसके अंदर कभी भी स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन नहीं डालने चाहिए. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाता है? आइए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं.
Microwave: बीते कुछ सालों में ये देखा गया है कि कोई घरों में माइक्रोवेव का यूज काफी बढ़ गया है. और क्यों न बढ़े, घर में इसके रहने से बेकिंग करना, खाना जल्दी गर्म करना और कई काम आसान हो गए हैं. देखते ही देखते ये हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है. इसके होने से समय की भी काफी बजत होती है. हालांकि, माइक्रोवेव को यूज करने का भी एक सही तरीका होता है. अगर उसे न फॉलो किया जाए तो आपके लिए मुसीबत का कारण भी बन सकता है.
आपने देखा होगा कि ओवन में खाना गर्म करने के लिए आमतौर पर शीशे, मिट्टी या अनब्रेकेबल प्लेट/बाउल ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इंस्ट्रक्शन्स में साफ लिखा होता है कि लोहे, स्टील, एल्युमिनियम या किसी भी तरह के मेटल के बर्तन नहीं डालें. क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे असली वजह क्या है? ये सवाल का जबाब जानने से पहले हमें ये समझना होगा की आखिर माइक्रोवेव (Microwave) काम कैसे करता है.
कैसे काम करता है Microwave?
माइक्रोवेव खुद एक धातु से बनी होती है और बिजली की मदद से चलती है. इसके अंदर एक छोटा ट्रांसमीटर होता है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड बनाता है और रेडिएशन की ताकत से खाना को गर्म करता है.
माइक्रोवेव में मेटल के बर्तन क्यों नहीं डालना चाहिए?
किसी भी मेटल में बिजली आसानी से बहती है, इसलिए इससे आग लगने, स्पार्क या ब्लास्ट का खतरा रहता है. आसान शब्दों में कहें तो माइक्रोवेव (Microwave) के अंदर निकल रहे रेडिएशन को मेटल सोखता नहीं बल्कि उसे रिफ्लेक्ट कर देता है. अगर जब आप मेटल डालोगे, तो ये रेडिएशन धातु से टकरा कर छोटे-छोटे स्पार्क पैदा कर देता है. ऐसे में एल्युमिनियम फॉयल को भी डालना बिल्कुल सेफ नहीं है. अगर आप ऐसा करेंगे तो मेटल के बर्तन और खाना दोनों खराब हो सकते हैं.
माइक्रोवेव में प्लास्टिक के बर्तनों को भी डालने से बचें
ये बात तो हम जान गए कि मेटल के बर्तन माइक्रोवेव (Microwave) ओवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इसे खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, अगर बात करें प्लाटिक के बर्तन की तो ये भी सही नहीं होते. प्लास्टिक से निकलने वाले हानिकारक कैमिकल खाने में मिल सकते हैं और इससे बिमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.
माइक्रोवेव में कौन से बर्तन यूज करें?
माइक्रोवेव में सही बर्तन इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. अगर न किया जाए तो खाना ठीक से गरम नहीं होगा और बर्तन खराब भी हो सकते हैं. इसलिए माइक्रोवेव में ग्लास, सिरेमिक और कुछ प्लास्टिक के बर्तन जो माइक्रोवेव फ्रेंडली हो वही यूज करें.
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By Ankit Anand
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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.
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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.
उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.
पढ़ाई और करियर
बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.
प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.
विजन
अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.
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