IP Rating: क्या सच में आपका स्मार्टफोन वाटरप्रूफ है? क्या मतलब होता है IP68, IP69 रेटिंग का, जानें सबकुछ

Published by : Ankit Anand Updated At : 19 Apr 2025 6:58 PM

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IP Rating

IP रेटिंग्स पानी और धूल से सुरक्षा के स्तर को मापने का एक तरीका हैं, लेकिन इन अंकों का असली मतलब क्या होता है और ये आम जिंदगी में कैसे काम आते हैं? आइये जानते हैं.

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IP Rating: अगर कभी बारिश में भीग गए हों या स्मार्टफोन गलती से पानी में गिर गया हो, तो आपने जरूर वो घबराहट महसूस की होगी और मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि कहीं आपका स्मार्टफोन ने काम करना बंद तो नहीं कर दिया?

जब किसी फोन को वॉटरप्रूफ या डस्टप्रूफ बताया जाता है, तो इसके लिए एक खास रेटिंग दी जाती है. आपने हाल ही में कोई नया स्मार्टफोन खरीदा होगा तो आपने “वॉटर-रेसिस्टेंट” जैसे शब्दों के साथ IP67, IP68 या IPX8 जैसी रेटिंग्स भी देखी होंगी. लेकिन इन रेटिंग्स का असल मतलब क्या होता है और ये आपके कीमती फोन को पानी और धूल से किस हद तक बचा सकती हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या होता है IP रेटिंग  

IP रेटिंग का मतलब होता है “Ingress Protection” यानी अंदरूनी हिस्सों को बाहरी चीजों से सुरक्षा देना. यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जिसे इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन (IEC) द्वारा निर्धारित किया गया है. यह रेटिंग इस बात को दर्शाती है कि कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस धूल, पानी या अन्य बाहरी तत्वों से कितनी अच्छी तरह से सुरक्षित है. आईपी रेटिंग आमतौर पर दो अंकों वाली होती है: ‘IP’ के बाद आने वाला पहला अंक यह बताता है कि आपका डिवाइस धूल से कितनी सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि दूसरा अंक इसके पानी या तरल से बचाव की क्षमता को दर्शाता है.

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IP के साथ लगे नंबर्स का क्या मतलब है  

आईपी रेटिंग में पहली संख्या यह दर्शाती है कि कोई स्मार्टफोन ठोस कणों जैसे उंगलियों, धूल आदि से कितनी सुरक्षा प्रदान करता है. यह स्तर 0 से लेकर 6 तक हो सकता है। दूसरी संख्या यह दर्शाती है कि डिवाइस नमी या पानी जैसे तरल पदार्थों से कितनी हद तक सुरक्षित है, और यह स्तर 0 से 9 तक होता है.

कभी-कभी आपको कुछ ऐसे आईपी रेटिंग्स देखने को मिल सकते हैं जिनमें कोई एक अंक ‘X’ से बदला गया होता है, जैसे कि IPX8, इसका मतलब है कि कंपनी ने उस विशेष श्रेणी (जैसे धूल) के लिए कोई परीक्षण नहीं किया है, इसलिए उसे X से दर्शाया गया है. उदाहरणस्वरूप, IPX8 रेटिंग वाला डिवाइस पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रह सकता है, लेकिन इसे धूल से सुरक्षा के लिए प्रमाणित नहीं किया गया है.

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IP68 और IP69 रेटिंग का क्या मतलब है 

IP68 और IP69 रेटिंग का मतलब यह होता है कि डिवाइस कितनी धूल और पानी को सहन कर सकता है. अगर किसी स्मार्टफोन को IP68 रेटिंग मिली है, तो वह पूरी तरह से धूल-रोधी होता है और इसे 1.5 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक सुरक्षित रखा जा सकता है. वहीं IP69 रेटिंग, IP68 की तुलना में एक कदम आगे है. इसका मतलब यह है कि यह डिवाइस न केवल पूरी तरह से धूल प्रतिरोधी है, बल्कि यह तेज दबाव वाली पानी की धाराओं और भाप का भी सामना कर सकता है.

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अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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