IP Rating: क्या सच में आपका स्मार्टफोन वाटरप्रूफ है? क्या मतलब होता है IP68, IP69 रेटिंग का, जानें सबकुछ

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IP Rating: क्या सच में आपका स्मार्टफोन वाटरप्रूफ है? क्या मतलब होता है IP68, IP69 रेटिंग का, जानें सबकुछ

IP Rating

IP रेटिंग्स पानी और धूल से सुरक्षा के स्तर को मापने का एक तरीका हैं, लेकिन इन अंकों का असली मतलब क्या होता है और ये आम जिंदगी में कैसे काम आते हैं? आइये जानते हैं.

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IP Rating: अगर कभी बारिश में भीग गए हों या स्मार्टफोन गलती से पानी में गिर गया हो, तो आपने जरूर वो घबराहट महसूस की होगी और मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि कहीं आपका स्मार्टफोन ने काम करना बंद तो नहीं कर दिया?

जब किसी फोन को वॉटरप्रूफ या डस्टप्रूफ बताया जाता है, तो इसके लिए एक खास रेटिंग दी जाती है. आपने हाल ही में कोई नया स्मार्टफोन खरीदा होगा तो आपने “वॉटर-रेसिस्टेंट” जैसे शब्दों के साथ IP67, IP68 या IPX8 जैसी रेटिंग्स भी देखी होंगी. लेकिन इन रेटिंग्स का असल मतलब क्या होता है और ये आपके कीमती फोन को पानी और धूल से किस हद तक बचा सकती हैं? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

क्या होता है IP रेटिंग  

IP रेटिंग का मतलब होता है “Ingress Protection” यानी अंदरूनी हिस्सों को बाहरी चीजों से सुरक्षा देना. यह एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जिसे इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन (IEC) द्वारा निर्धारित किया गया है. यह रेटिंग इस बात को दर्शाती है कि कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस धूल, पानी या अन्य बाहरी तत्वों से कितनी अच्छी तरह से सुरक्षित है. आईपी रेटिंग आमतौर पर दो अंकों वाली होती है: ‘IP’ के बाद आने वाला पहला अंक यह बताता है कि आपका डिवाइस धूल से कितनी सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि दूसरा अंक इसके पानी या तरल से बचाव की क्षमता को दर्शाता है.

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IP के साथ लगे नंबर्स का क्या मतलब है  

आईपी रेटिंग में पहली संख्या यह दर्शाती है कि कोई स्मार्टफोन ठोस कणों जैसे उंगलियों, धूल आदि से कितनी सुरक्षा प्रदान करता है. यह स्तर 0 से लेकर 6 तक हो सकता है। दूसरी संख्या यह दर्शाती है कि डिवाइस नमी या पानी जैसे तरल पदार्थों से कितनी हद तक सुरक्षित है, और यह स्तर 0 से 9 तक होता है.

कभी-कभी आपको कुछ ऐसे आईपी रेटिंग्स देखने को मिल सकते हैं जिनमें कोई एक अंक ‘X’ से बदला गया होता है, जैसे कि IPX8, इसका मतलब है कि कंपनी ने उस विशेष श्रेणी (जैसे धूल) के लिए कोई परीक्षण नहीं किया है, इसलिए उसे X से दर्शाया गया है. उदाहरणस्वरूप, IPX8 रेटिंग वाला डिवाइस पानी में डूबने पर भी सुरक्षित रह सकता है, लेकिन इसे धूल से सुरक्षा के लिए प्रमाणित नहीं किया गया है.

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IP68 और IP69 रेटिंग का क्या मतलब है 

IP68 और IP69 रेटिंग का मतलब यह होता है कि डिवाइस कितनी धूल और पानी को सहन कर सकता है. अगर किसी स्मार्टफोन को IP68 रेटिंग मिली है, तो वह पूरी तरह से धूल-रोधी होता है और इसे 1.5 मीटर गहरे पानी में 30 मिनट तक सुरक्षित रखा जा सकता है. वहीं IP69 रेटिंग, IP68 की तुलना में एक कदम आगे है. इसका मतलब यह है कि यह डिवाइस न केवल पूरी तरह से धूल प्रतिरोधी है, बल्कि यह तेज दबाव वाली पानी की धाराओं और भाप का भी सामना कर सकता है.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, गैजेट्स और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को लगातार कवर करते हैं.

अंकित की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट और ऐप्स, AI टूल्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखते हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर को केवल लॉन्च या स्पेसिफिकेशन तक सीमित न रखकर, यूजर एक्सपीरियंस, टेक्नोलॉजी और बाजार के ट्रेंड्स के नजरिए से भी समझाया जाए.

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब 1 वर्ष तक काम किया. वहां उन्हें टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज इकोसिस्टम में सटीक, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने की समझ विकसित करने में मदद की.

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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