Telegram Ban: भारत के इस पड़ोसी देश में बैन हुआ टेलीग्राम ऐप, भारतीय यूजर्स भी हो जाएं अलर्ट

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Jul 2025 11:08 PM

विज्ञापन

Telegram Ban

Telegram Ban: नेपाल ने टेलीग्राम को वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की घटनाओं के चलते प्रतिबंधित किया है. यह कदम डिजिटल सुरक्षा और आर्थिक पारदर्शिता को सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है. भारत जैसे देशों में भी ऐसे ऐप्स पर सतर्क निगरानी जरूरी है ताकि साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों को रोका जा सके.

विज्ञापन

Telegram Ban: नेपाल सरकार ने हाल ही में टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसका कारण है ऐप के माध्यम से बढ़ते वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले. नेपाल टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (NTA) ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को टेलीग्राम को तत्काल ब्लॉक करने का निर्देश दिया.

क्या है मामला? (Why Telegram Ban)

नेपाल पुलिस की साइबर ब्यूरो ने महीनों से चेतावनी दी थी कि टेलीग्राम का उपयोग फर्जी नौकरी के ऑफर, क्रिप्टो स्कैम और धोखाधड़ी योजनाओं के लिए किया जा रहा है. इसके अलावा, ऐप ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिससे सरकार को यह कठोर कदम उठाना पड़ा.

क्या भारतीय यूजर्स को परेशान होना चाहिए?

भारत में भी टेलीग्राम का उपयोग तेजी से बढ़ा है, खासकर गोपनीयता और एन्क्रिप्शन के कारण. लेकिन इसी गोपनीयता का दुरुपयोग फर्जी निवेश योजनाओं, पोंजी स्कीम, और गैरकानूनी गतिविधियों में हो रहा है. कई बार भारतीय एजेंसियों को भी टेलीग्राम से डेटा प्राप्त करने में कठिनाई हुई है.

क्या भारत को भी कदम उठाना चाहिए?

चीन पहले ही इसी तरह की चिंताओं के कारण इस ऐप को बैन कर चुका है. नेपाल का यह निर्णय भारत के लिए एक चेतावनी है. भारत सरकार को टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर साइबर निगरानी बढ़ाने और यूजर वेरिफिकेशन जैसे नियम लागू करने की आवश्यकता है. साथ ही, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना भी जरूरी है ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें.

डिजिटल सुरक्षा की वैश्विक चुनौती (Telegram Ban Reason)

टेलीग्राम पर नेपाल का प्रतिबंध केवल एक देश का निर्णय नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा की वैश्विक चुनौती का संकेत है. भारत को भी सतर्क रहकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और नियमन को मजबूत करना होगा.

चाहिए Extra Income? अब Telegram से होगी छप्पर फाड़ कमाई! जानिए आसान तरीका

Proxy, Drive, Telegram… जानिए कैसे लोग अब भी देख रहे हैं ‘वो वाले वीडियो’

Zerodha के नाम पर WhatsApp और Telegram के फर्जी ग्रुप्स से सावधान! कैसे हो रही है ठगी और कैसे बचें?

एक AI फीचर के लिए Telegram एलन मस्क के साथ करेगा 2568 करोड़ रुपये की डील!

Who is Pavel Durov: शादी के बिना बन गए 100 से अधिक बच्‍चों के पिता, 12 देशों में फैला है परिवार, जानिए कितनी है नेटवर्थ

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola