चार्जिंग के बाद भी प्लग में लगा रहता है चार्जर? तुरंत बदलें ये आदत, हो सकता है बड़ा खतरा

Published by : Ankit Anand Updated At : 08 Feb 2026 1:49 PM

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सॉकेट से मोबाइल चार्जर निकालता एक शख्स (Photo: The Star)

Tech Tips: मोबाइल चार्ज होने के बाद चार्जर प्लग में छोड़ने की आदत आपको भारी पड़ सकती है. दिखने में मामूली लगने वाली ये लापरवाही कब बड़ा खतरा बन जाए, कहना मुश्किल है. आखिर इसमें छिपे रिस्क क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है, आइए आपको बताते हैं.

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क्या आपकी भी आदत है कि मोबाइल या कोई भी डिवाइस फुल चार्ज होने के बाद चार्जर को स्विच में ही लगा छोड़ देते हैं. अक्सर हमें लगता है कि इससे कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन सच ये है कि ये आदत बिल्कुल सही नहीं है. इसमें बिजली की बेवजह खपत से लेकर ओवरहीटिंग और आग लगने तक का खतरा छिपा होता है. कई बार लोग इन बातों को हल्के में लेते हैं. लेकिन बता दें कि इसके नुकसान काफी गंभीर हो सकते हैं. आइए जानते हैं हमारी ये आदत कितना खतरनाक साबित हो सकती है.

आग लगने का रहता है खतरा

आजकल बहुत लोग घर में चार्जर को प्लग में लगा हुआ ही छोड़ देते हैं. चाहे मोबाइल चार्ज हो रहा हो या नहीं भी. लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये आदत खतरनाक हो सकती है. चार्जर प्लग में लगा रहता है तो वो बिना इस्तेमाल के भी थोड़ी-थोड़ी बिजली खींचता रहता है. लंबे समय तक ऐसे चलने से चार्जर गरम हो सकता है और सस्ते या पुराने चार्जर में स्पार्क, पिघलने या आग लगने तक का खतरा बन सकता है.

बिजली की होती है बेकार खपत

जब चार्जर प्लग में लगा रहता है, तब भी वो हल्की-फुल्की बिजली खींचता रहता है. चाहे आपका मोबाइल चार्ज हो रहा हो या नहीं. देखने में ये खपत छोटी लगती है, लेकिन महीनों-सालों तक ऐसे ही छोड़ दें, तो बिजली की काफी बर्बादी हो जाती है.

चार्जर खराब होने का रहता है खतरा

अगर आप चार्जर को हर समय प्लग में लगा छोड़ देते हैं, तो इससे चार्जर के अंदर के पार्ट्स जल्दी खराब होने लगते हैं. धीरे-धीरे चार्जिंग स्लो हो सकती है और कई बार चार्जर पूरी तरह काम करना भी बंद कर देता है.

इलेक्ट्रिक शॉक के बढ़ जाते हैं चांस 

अगर अचानक बिजली का तेज झटका आ जाए, तो प्लग में लगा चार्जर खराब हो सकता है. ऐसे चार्जर को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है.

शॉर्ट सर्किट का रहता है खतरा

चार्जर को लंबे समय तक प्लग में लगाए रखोगे तो अंदर के सर्किट खराब हो सकते हैं. इससे शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे घर में आग लगने या बिजली जाने जैसी परेशानी खड़ी कर सकता है. इसलिए जब चार्जर यूज में ना हो, तो उसे प्लग से निकाल देना ही सबसे समझदारी वाला काम है.

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लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

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