क्या गलत टेम्पर्ड ग्लास चूस ले रहा आपके फोन की बैटरी?

Updated at : 10 Feb 2026 3:37 PM (IST)
विज्ञापन
Smartphone battery drain

स्मार्टफोन बैटरी ड्रेन का छुपा राज, जानें टेम्पर्ड ग्लास का खेल

स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की असली वजह सिर्फ ऐप्स नहीं, बल्कि गलत टेम्पर्ड ग्लास भी है. जानिए कि कैसे प्राइवेसी और यूवी ग्लास बैटरी को नुकसान पहुंचाते हैं और कौन सा विकल्प सबसे सुरक्षित है.

विज्ञापन

स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी खत्म होने की समस्या (Smartphone battery drain) आजकल हर यूजर झेल रहा है. कई बार फोन का इस्तेमाल कम करने के बावजूद चार्जिंग तेजी से गिरती है. असल वजह सिर्फ ऐप्स या बैकग्राउंड प्रॉसेस नहीं होते, बल्कि स्क्रीन पर लगाया गया टेम्पर्ड ग्लास भी बैटरी को प्रभावित कर सकता है. खासकर प्राइवेसी और यूवी टेम्पर्ड ग्लास, जो देखने में सुरक्षित लगते हैं लेकिन लंबे समय में फोन की बैटरी और टच रिस्पॉन्स को नुकसान पहुंचाते हैं.

बैटरी पर टेम्पर्ड ग्लास का असर

प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास स्क्रीन को साइड से डार्क कर देता है. यूजर को डिस्प्ले साफ देखने के लिए ब्राइटनेस बढ़ानी पड़ती है. ज्यादा ब्राइटनेस का मतलब है बैटरी का ज्यादा खर्च. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसे ग्लास से बैटरी 10-15% तक जल्दी खत्म हो सकती है. लगातार ऐसा होने से बैटरी हेल्थ भी कमजोर पड़ती है.

नॉर्मल बनाम प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास

अगर आपकी प्राथमिकता सिर्फ स्क्रीन को टूट-फूट से बचाना है, तो नॉर्मल टेम्पर्ड ग्लास सबसे बेहतर है. यह न तो बैटरी पर असर डालता है और न ही टच रिस्पॉन्स को खराब करता है. दूसरी ओर, प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास देखने में सुरक्षित लगता है लेकिन बैटरी और आंखों दोनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है.

यूवी टेम्पर्ड ग्लास का खतरा

मार्केट में मिलने वाला यूवी टेम्पर्ड ग्लास खास ग्लू से चिपकाया जाता है. यह कई बार फोन के टच, स्पीकर और वॉटर रेजिस्टेंस को नुकसान पहुंचा सकता है. कुछ मामलों में स्क्रीन का टच रिस्पॉन्स धीमा हो जाता है या पूरी तरह बंद हो जाता है. इसलिए इसे लगाने से बचना ही समझदारी है.

सही चुनाव ही असली सुरक्षा

टेक कंपनियां और एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि यूजर्स को प्राइवेसी या यूवी टेम्पर्ड ग्लास से दूर रहना चाहिए. अगर आपकी जरूरत सिर्फ स्क्रीन प्रोटेक्शन है, तो नॉर्मल टेम्पर्ड ग्लास ही सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है. यह बैटरी को सुरक्षित रखता है और फोन की परफॉर्मेंस पर कोई नकारात्मक असर नहीं डालता.

यह भी पढ़ें: पुराने फोन की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? जानिए वजह और फिक्स के तरीके

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola