Power Banks Banned in Flights: फ्लाइट में पावर बैंक क्यों है खतरनाक? DGCA के नये नियम जानना जरूरी

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 04 Jan 2026 7:16 PM

विज्ञापन

पावर बैंक ले जा रहे हैं? नए DGCA नियम जानना जरूरी है / सांकेतिक तस्वीर चैटजीपीटी एआई से

Power Banks Banned in Flights: डीजीसीए ने फ्लाइट में पावर बैंक इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब इन्हें केवल हैंड बैगेज में रखा जा सकेगा, चार्जिंग पूरी तरह प्रतिबंधित होगी. जानें क्यों खतरनाक हैं लिथियम बैटरियां और क्या हैं नये नियम

विज्ञापन

Power Banks Banned in Flights: भारत में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए अब पावर बैंक और स्पेयर बैटरी को लेकर सख्त नियम लागू हो गए हैं. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने ताजा निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि फ्लाइट में अब पावर बैंक से मोबाइल या अन्य गैजेट चार्ज करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा. यह कदम दुनिया भर में बढ़ते लिथियम बैटरी हादसों को देखते हुए उठाया गया है.

क्यों खतरनाक हैं लिथियम बैटरियां?

लिथियम बैटरियां साधारण आग नहीं लगातीं, बल्कि बेहद तीव्र और कभी-कभी खुद-ब-खुद जलती रहने वाली आग पैदा करती हैं. जरा सी खराबी, ओवरचार्जिंग या बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट से यह विस्फोटक स्थिति बना सकती हैं. यही वजह है कि DGCA ने इन्हें ओवरहेड कम्पार्टमेंट में रखने पर भी रोक लगाई है, क्योंकि वहां आग लगने पर तुरंत पता लगाना मुश्किल होता है.

एयरलाइंस को सख्त ट्रेनिंग और चेकिंग का आदेश

DGCA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे अपनी सुरक्षा जांच और रिस्क असेसमेंट को और मजबूत करें. क्रू मेंबर को बैटरी से निकलती गर्मी, धुआं या गंध जैसी शुरुआती चेतावनियों को पहचानने की ट्रेनिंग दी जाएगी. साथ ही फ्लाइट में पर्याप्त फायरफाइटिंग उपकरण और प्रोटेक्टिव गियर रखना अनिवार्य होगा.

यात्रियों के लिए अनिवार्य घोषणाएं

अब हर फ्लाइट में यात्रियों को पावर बैंक और बैटरी से जुड़े नए नियमों की जानकारी दी जाएगी. DGCA ने कहा है कि अगर किसी डिवाइस से धुआं, गर्मी या अजीब गंध आती है तो तुरंत क्रू को सूचित करना जरूरी है. एयरलाइंस को ऐसे हर मामले की रिपोर्ट DGCA को भेजनी होगी.

एयरपोर्ट पर भी अलर्ट

एयरपोर्ट ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे टर्मिनल एंट्रेंस, चेक-इन काउंटर और बोर्डिंग गेट पर बैटरी से जुड़े खतरे के बारे में वीडियो और संदेश दिखाएं. यात्रियों को खासतौर पर यह बताया जाएगा कि बोर्डिंग से ठीक पहले पावर बैंक चार्ज करना खतरनाक हो सकता है.

बढ़ते हादसों से बढ़ी चिंता

पिछले साल दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की फ्लाइट में पावर बैंक से आग लगने का मामला सामने आया था. वहीं दक्षिण कोरिया में एयर बसान की फ्लाइट में भी बैटरी ब्लास्ट से आग लगी. ऐसे मामलों ने DGCA को मजबूर किया कि वह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भारत में भी सख्त नियम लागू करे.

DGCA पावर बैंक फ्लाइट बैन – FAQs

Q1. क्या अब फ्लाइट में पावर बैंक से मोबाइल चार्ज करना पूरी तरह बैन है?

हां, DGCA ने साफ कर दिया है कि फ्लाइट में पावर बैंक से किसी भी डिवाइस को चार्ज करना प्रतिबंधित होगा.

Q2. पावर बैंक और स्पेयर बैटरी को फ्लाइट में कहां रखा जा सकता है?

इन्हें केवल हैंड बैगेज में ले जाने की अनुमति है, चेक‑इन लगेज या ओवरहेड कम्पार्टमेंट में नहीं.

Q3. DGCA ने यह नियम क्यों लागू किया है?

लिथियम बैटरियों से आग और ब्लास्ट के बढ़ते हादसों को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है.

Q4. एयरलाइंस को इस नए नियम के तहत क्या करना होगा?

एयरलाइंस को क्रू मेंबर को बैटरी से निकलती गर्मी, धुआं या गंध जैसी चेतावनियों की ट्रेनिंग देनी होगी और फ्लाइट में पर्याप्त फायरफाइटिंग उपकरण रखना अनिवार्य होगा.

Q5. यात्रियों को फ्लाइट में क्या सावधानियां बरतनी होंगी?

यात्रियों को पावर बैंक चार्जिंग से बचना होगा और अगर किसी डिवाइस से धुआं, गर्मी या गंध आती है तो तुरंत क्रू को सूचित करना जरूरी है.

यह भी पढ़ें: Air India Wi-Fi: एयर इंडिया की उड़ान में भी चलेगा इंटरनेट, नयी सर्विस का ऐसे उठाएं फायदा

यह भी पढ़ें: Good News: अब फ्लाइट में भी मिलेगा Wi Fi इंटरनेट, सरकार ने दी मंजूरी

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola