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Paris Olympics 2024 में रोबोटिक टेक्निक से इस एथलीट ने कर दिया कमाल, जानें कैसे काम करता है Exoskeleton?

Updated at : 30 Jul 2024 2:40 PM (IST)
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Paris Olympics 2024 | X

Paris Olympics 2024 | X

Paris Olympics 2024: टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलाव के कारण हमारा लाइफ बेहद आसान हो गया है. इसका नमूना हाल ही में पेरिस ओलंपिक में दिखा है. Robotic Exoskeleton नई तकनीक के सहारे एक एथलीट ने कमाल कर दिया है.

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Paris Olympics 2024: बीते 26 जुलाई से पेरिस में ओलंपिक 2024 शुरू हो गया है, जो 11 अगस्त तक चलेगा. इस ओलंपिक में कई एथलीट्स ने मशाल लेकर दौड़े, लेकिन इस दौरान फ्रांस के दिव्यांग टेनिस स्टार केविन पिएट की चर्चा खूब हो रही है. ऐसा इसलिए, क्योंकि ये दिव्यांग होने के बाद भी रोबोटिक एक्सोस्क्लेटन (Robotic Exoskeleton) के सहारे मशाल लेकर दौड़ते नजर आए. यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि केविन पिएट 10 साल पहले एक हादसे का शिकार हुए थे, जिसके कारण उन्हें पैरालिसिस का सामना करना पड़ा था.

ऐसे में आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं कि आखिर ये रोबोटिक एक्सोस्क्लेटन क्या होता है? जिसका सहारा लेकर पैरालाइज्ड इंसान भी चलने योग्य बन जाता है, तो Robotic Exoskeleton के पीछी की तकनीक को समझने के लिए पढ़ते जाएं यह खबर…

क्या है Robotic Exoskeleton तकनीक, जो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल?

Robotic Exoskeleton एक खास तकनीक है, जो इंसान को कंधों से लेकर नीचे एड़ी तक को सपोर्ट प्रोवाइड कराती है. यह ऐसी रोबोटिक तकनीक है, जो किसी भी पैरालिसिस वाले इंसान को पैदल चलने योग्य बना देती है. यह रोबोटिक एक्सोस्क्लेटन पैरालिसिस बीमारी को खत्म नहीं करता बल्कि इंसान को पैदल चलने का सहारा बनता है. इसी Robotic Exoskeleton तकनीक के सहारे फ्रांस के दिव्यांग टेनिस स्टार केविन पिएट मशाल लेकर पेरिस ओलंपिक 2024 में चलते नजर आए, जिसके कारण लोग सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को शेयर करके इमोशनल कैप्शन लिख कहे हैं.

Robotic Exoskeleton के क्या हैं खासियत?

मौजूदा समय में टेक्नोलॉजी काफी तेजी से बढ़ रहा है. टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमें रोज कुछ नया देखने को मिल रहा है. इसी बीच अब रोबोटिक एक्सोस्केलेटन की खूब चर्चा हो रही है. दरअसल, एक्सोस्केलेटन एक रोबोटिक डिवाइस है जो पैरालिसिस वाले लोगों के लिए सहारा बनता है और उन्हें घूमने फिरने लायक बना देता है. ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रोबोटिक डिवाइस डिसेबिलिटी को पूरी तरह से खत्म तो नहीं कर सकता है. लेकिन, ऐसा सपोर्ट प्रोवाइड कराता है जिससे लोग पैरों के सहारे आत्म निर्भर बन जाते हैं और पेरिस ओलंपिक 2024 में केविन पिएट इसी तकनीक का प्रयोग किए हैं.

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Vikash Kumar Upadhyay

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar Upadhyay

Journalist at Prabhat Khabar Digital, Gold Medalist alumnus MGCU, Former intern Tak App, Biz Tak and DB Digital. Ex reporter INS24 News. Former media personnel District Information and Public Relation Department, Motihari. Former project partner and planner Guardians of Champaran. Very keen to work with the best faculties and in challenging circumstances. I have really a big dream to achieve and eager to learn something new & creative. More than 3 years of experience in Desk and Reporting.

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