NO OBSCENE ONLINE: सोशल मीडिया से ओटीटी तक, अश्लीलता पर मोदी सरकार का डिजिटल सफाई अभियान

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 30 Dec 2025 6:27 PM

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ओटीटी पर अश्लील कंटेंट बैन, सरकार का कड़ा कदम

NO OBSCENE ONLINE: भारत सरकार ने आईटी अधिनियम, आईटी नियम 2021 और बीएनएस 2023 के जरिये सोशल मीडिया और ओटीटी प्लैटफॉर्मों पर अश्लीलता, भ्रामक सूचना और साइबर अपराधों पर सख्त जवाबदेही लागू की है

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NO OBSCENE ONLINE: भारत सरकार ने इंटरनेट को सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. महिलाओं और बच्चों को अश्लीलता, भ्रामक सूचना और साइबर अपराधों से बचाने के लिए आईटी अधिनियम, आईटी नियम 2021 और भारतीय न्याय संहिता को और सख्त बनाया गया है. अब 50 लाख से अधिक यूजर्स वाले सोशल मीडिया प्लैटफॉर्मों को स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति और अनुपालन रिपोर्ट सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा.

आईटी अधिनियम 2000: साइबर अपराधों पर सीधा वार

आईटी अधिनियम के तहत निजता का उल्लंघन, अश्लील सामग्री का प्रकाशन और यौन रूप से स्पष्ट कंटेंट पर कड़ी सजा का प्रावधान है. पुलिस को जांच, तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है ताकि ऑनलाइन अपराधों पर तुरंत कार्रवाई हो सके.

आईटी नियम 2021: सोशल मीडिया पर सख्त जिम्मेदारी

नये नियमों के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को गैरकानूनी कंटेंट हटाने की जिम्मेदारी दी गई है. 72 घंटे में अवैध सामग्री हटाना अनिवार्य है, जबकि नग्नता या निजता का उल्लंघन करने वाली सामग्री को 24 घंटे में हटाना होगा. शिकायत अधिकारी और अपीलीय समितियों की व्यवस्था से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है.

बड़े प्लैटफॉर्मों पर अतिरिक्त बोझ

50 लाख से अधिक यूजर्स वाले सोशल मीडिया प्लैटफॉर्मों को भारत में स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी. साथ ही, उन्हें अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी और गंभीर मामलों में कंटेंट के मूल स्रोत का पता लगाने में मदद करनी होगी.

भारतीय न्याय संहिता 2023: नया कानूनी कवच

बीएनएस 2023 ने ऑनलाइन अश्लीलता, भ्रामक सूचना और साइबर अपराधों पर और सख्ती की है. अश्लील कृत्यों और अश्लील सामग्री की बिक्री पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. इससे डिजिटल अपराधों पर नियंत्रण और कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी.

ओटीटी प्लैटफॉर्म पर सरकार की नजर

ओटीटी प्लैटफॉर्मों को आचार संहिता का पालन करना होगा और किसी भी प्रतिबंधित सामग्री का प्रसारण नहीं करना होगा. सरकार ने अब तक अश्लील सामग्री दिखाने वाले 43 ओटीटी प्लैटफॉर्मों पर सार्वजनिक पहुंच रोक दी है. यह कदम डिजिटल मनोरंजन को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है. सूचना एवं प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ एल मुरुगन ने हाल ही में लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा उठाये गए एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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